चांदी के तार में बंधा गोमती चक्र दूर करता है सारे रोग
नई दिल्ली। बीमारी कहकर नहीं आती और जब आती है तो शारीरिक के साथ-साथ मानसिक और आर्थिक संकट भी खड़ा हो जाता है। हमारे प्राचीन धर्म शास्त्रों के अलावा विभिन्न् संप्रदायों की मान्यताओं में ऐसे कई उपाय बताए गए हैं जिन्हें करके बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है। ये उपाय चाहे बीमारी आने से पहले किए जाएं या बीमारी होने के बाद किए जाएं लाभ जरूर पहुंचाते हैं। आइए आज जानते हैं ऐसे ही कुछ सामान्य से दिखने वाले उपाय, जो आपको स्वस्थ रखने में मदद करेंगे।

दूर होने लगेगा रोगी का रोग
- यदि किसी व्यक्ति को गंभीर रोग हो गया है। उसे मृत्यु तुल्य पीड़ा हो रही हो तो जौ के आटे में काले तिल और सरसो का तेल मिलाकर रोटी बना लें। अब इसे रोगी के सिर पर सात बार घड़ी की सुई की दिशा में घुमाकर किसी भैंसे को खिला दें। ऐसा लगातार सात दिन करें। रोगी को लाभ होगा।
- सूर्य जब भी मेष राशि में प्रवेश करे। तब प्रात: काल नीम की ताजी कपोलें गुड़ और मसूर के साथ पीसकर खाने से सालभर कोई रोग आपके पास फटकेगा भी नहीं। सूर्य आमतौर पर अप्रैल माह में मेष राशि में प्रवेश करता है। इसे पंचांग में देखकर पता लगाया जा सकता है।
- पीपल के पेड़ में दोपहर 12 बजे के पहले जल में थोड़ा सा कच्चा दूध मिलाकर अर्पित करें। शाम को पेड़ के नीचे आटे के पांच दीपक में तेल भरकर प्रज्जवलित करें और धूप लगाएं। यह प्रयोग लगातार सात दिन करें। रोगी का रोग दूर होने लगेगा।

इस उपाय ले स्वस्थ एवं सुखी रहेगा पूरा परिवार
- मंगलवार या शनिवार को हनुमानजी की मूर्ति से सिंदूर लेकर उसे रोगी के माथे पर लगाने से वह शीघ्र ठीक होने लगता है।
- गुड़ के गुलगुले सवाए (सवा सौ ग्राम, सवा पाव, सवा किलो) लेकर उसे सात बार रोगी के सिर पर से उतार कर मंगलवार या शनिवार को चील-कौए को खिलाने से बीमार व्यक्ति जल्द ही स्वस्थ होने लगता है। यह प्रयोग रोगी के हाथ से करवाएं।
- पूर्णिमा की रात्रि में खीर बनाएं। ठंडी होने पर मां लक्ष्मी को उसका भोग लगाएं। चंद्रमा और पितरों का स्मरण करते हुए वह खीर का एक भाग काले कुत्तों को खिला दें। यह प्रयोग प्रत्येक पूर्णिमा पर करें। इससे पूरा परिवार स्वस्थ एवं सुखी रहता है।

इस उपाय से स्वस्थ होगा रोगी
- रोगी जिस पलंग पर सोता हो, उसके पाए में चांदी के तार में एक गोमती चक्र बांध दें। वह शीघ्र ही स्वस्थ होने लगेगा। उपयोग करने से पहले गोमती चक्र को गंगाजल से शुद्ध करके घर के पूजा स्थान में कुछ देर रखें और भगवान धनवंतरि से रोगी के स्वस्थ होने की कामना करें।
- यदि परिवार को कोई सदस्य लंबे समय से बीमार है और हर माह उसके हाथ लगवाकर किसी अस्पताल में गरीब रोगियों को अपनी क्षमता के अनुसार दवाई और फलों आदि का वितरण करें। रोगी स्वस्थ होगा और स्वस्थ सदस्य कभी बीमार नहीं पड़ेंगे।
- शुक्रवार रात को मुठ्ठी भर काले साबुत चने भिगो दें। शनिवार की शाम उन्हें छानकर काले कपड़ें में एक कील और एक कोयले के टुकड़े के साथ बांध दें। फिर इस पोटली को रोगी के ऊपर से सात बार उसारकर किसी तालाब या कुएं में फेंक दें। ऐसा लगातार तीन शनिवार करें।












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