इन हिंदी माह के संयोगों में करेंगे विवाह तो होगा शुभ
विवाह किसी भी स्त्री-पुरुष के जीवन में सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण कार्य होता है। जीवन के चार आश्रमों में गृहस्थ आश्रम का महत्व सर्वविदित है। इसलिए विवाह करने से पहले हिंदू परिवारों में भावी दंपती की कुंडलियों का मिलान आवश्यक रूप से किया जाता है। कुंडली के ग्रह योगों के आधार पर विवाह करना या ना करना तय किया जाता है। विवाह के संबंध में ज्योतिष शास्त्र में अनेक नियम बनाए गए हैं, जिनमें स्त्री और पुरुष के जन्म माह के आधार पर देखा जाता है कि उनका विवाह सफल होगा या नहीं। आइए जानते हैं हिंदी माह के अनुसार किस माह में जन्में पुरुष का विवाह किस माह में जन्मी स्त्री के साथ करना शुभ रहता है।

1. हिंदू कैलेंडर के अनुसार चैत्र माह सबसे पहला माह होता है। इस माह में जन्में पुरुष का विवाह श्रावण, आश्विन, अगहन माह में जन्मी कन्या के साथ करने से विवाह सफल होता है। दंपती आजीवन प्रेमपूर्वक रहते हैं। उनके बीच में आपसी अंडरस्टैंडिंग अच्छी रहती है।
2. वैशाख माह में यदि किसी पुरुष का जन्म हुआ है तो उसका विवाह भाद्रपद, कार्तिक या पौष माह में जन्मी स्त्री के साथ करना शुभ रहता है। ऐसा विवाह सफल रहता है और दंपती समस्त सुखों का भोग करते हुए उत्तम संतान को जन्म देते हैं।
3. ज्येष्ठ माह में जन्में पुरुष के साथ आश्विन, मार्गशीर्ष, माघ माह में जन्म लेने वाली स्त्री का विवाह करना उत्तम रहता है। ऐसा विवाह दोनों के लिए शुभकारी होने के साथ उन्हें दीर्घायु प्रदान करने वाला होता है।
4. आषाढ़ माह में जन्में पुरुष के साथ कार्तिक, पौष, फाल्गुन माह में जन्मी कन्या का विवाह सफलतादायक होता है। ऐसा विवाह समस्त प्रकार के सुख-संपत्ति प्रदान करने वाला होता है।
5. श्रावण माह में यदि किसी पुरुष का जन्म हुआ है तो उसका विवाह मार्गशीर्ष, माघ, चैत्र, ज्येष्ठ माह में जन्मी स्त्री के साथ करने से विवाह आजीवन सुखद बना रहता है। दोनों के बीच कोई मतभेद नहीं उभरते।
6. भाद्रपद माह में जन्म लिए पुरुष के साथ पौष, फाल्गुन, वैशाख माह में जन्म लेने वाली स्त्री के साथ करने से विवाह के बाद पति-पत्नी में मैत्रीपूर्ण संबंध रहता है। दोनों एक-दूसरे की भावनाओं को समझते हुए तालमेल के साथ जीवन बिताते हैं।
7. आश्विन माह में जन्में पुरुष के साथ माघ, चैत्र, ज्येष्ठ माह में जन्मी स्त्री का विवाह सुख, संपत्ति, दीर्घायु और आरोग्य प्रदान करने वाला कहा गया है। ऐसा विवाह टिकाउ होता है।
8. कार्तिक माह में जन्में पुरुषों का विवाह वैशाख, आषाढ़ और फाल्गुन माह में जन्मी कन्या के साथ करना दोनों के भावी जीवन के लिए उत्तम होता है। ऐसे विवाह में कभी लड़ाई झगड़े और विवाह विच्छेद जैसी नौबत नहीं आती है।
9. मार्गशीर्ष माह में जन्में पुरुष के साथ ज्येष्ठ, श्रावण, चैत्र माह में जन्मी स्त्री का विवाह करना चाहिए। इससे दंपती सुखी जीवन व्यतीत करते हुए उत्तम संतान को जन्म देते हैं। ऐसे दंपती का संयुक्त भाग्योदय होता है।
10. पौष माह में जन्में पुरुष का विवाह वैशाख, आषाढ़ या भाद्रपद माह में जन्मी कन्या के साथ करना ठीक रहता है। ऐसे में दोनों के बीच तालमेल अच्छा बना रहता है।
11. माघ माह में जन्में पुरुष का ज्येष्ठ, श्रावण या आश्विन माह में जन्मी स्त्री के साथ किया जाना चाहिए। इस तरह के विवाह में सबसे बड़ा लाभ यह होता है कि दोनों के जीवन में कभी कोई बड़ा रोग नहीं आता।
12. फाल्गुन माह में यदि किसी पुरुष का जन्म हुआ है तो उसका विवाह आषाढ़, भाद्रपद या कार्तिक माह में जन्मी कन्या के साथ करने से दोनों शांतिपूर्ण तरीके से जीवन व्यतीत करते हैं।
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