Ganesh Chaturthi 2022: जानिए स्थापना का मुहूर्त और पूजा विधि
नई दिल्ली, 31 अगस्त। आज भाद्रपद शुक्ल की चतुर्थी है और इसलिए आज घर-घर में विघ्नहर्ता भगवान श्रीगणेश विराजेंगे। गणेश चतुर्थी के दिन पार्थिव मंगलमूर्ति की स्थापना होगी। इस दिन अनेक विशिष्ट संयोग बन रहे हैं जिनमें श्रीगणेश की स्थापना सर्वसिद्धिदायक और सुख-समृद्धि से भंडार भर देने वाली रहेगी।

संवत 2079 भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन चित्रा नक्षत्र, शुक्ल योग, रवियोग और बुधवार का संयोग बन रहा है। इन मंगलकारी योगों में घर में मंगलमूर्ति की स्थापना करना अत्यंत शुभ रहेगा। अद्भुत बात यह है किये सारे योग दिवसर्पयत बने रहेंगे। इसलिए पूरे दिन स्थापना की जा सकेगी।
चतुर्थी तिथि 30 अगस्त को दोपहर 3.35 से प्रारंभ होकर 31 अगस्त को दोपहर 3.22 बजे तक रहेगी। चित्रा नक्षत्र रात्रि 12.13 बजे तक, शुक्ल योग रात्रि 10.47 तक और रवियोग रात्रि 12.13 बजे तक रहेगा। इस दिन दोपहर 3.22 बजे तक भद्रा भी रहेगी किंतु गणपति स्थापना में भद्रा बाधक नहीं रहेगी। भगवान श्रीगणेश का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था इसलिए स्थापना भी मध्याह्न काल में करना चाहिए। इस बार मध्याह्न काल में स्थापना प्रात: 11.11 से दोपहर 1.42 बजे तक की जा सकती है। मुहूर्त की अवधि कुल 2 घंटे 31 मिनट रहेगी। इसके अलावा स्थानीय सूर्योदय के अनुसार चौघड़िया देखकर भी स्थापना की जा सकती है।
गणपति स्थापना के मुहूर्त
- चौघड़िया के अनुसार
- लाभ : प्रात: 6.10 से 7.44
- अमृत : प्रात: 7.44 से 9.18
- शुभ : प्रात: 10.53 से दोप. 12.27
- चर : दोप. 3.35 से सायं 5.10
- लाभ : सायं 5.10 से 6.44
मध्याह्न गणेश स्थापना मुहूर्त
- प्रात: 11.11 से 1.42
- अवधि 2 घंटे 31 मिनट












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