Diwali 2020: लक्ष्मी-गणेश को राशियों के हिसाब से लगाएं इन चीजों का भोग, मिलेगा धन-वैभव
Diwali 2020: 'दिवाली' का त्योहार खुशियों का त्योहार है, दरअसल दिवाली' संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है और वो दो शब्द हैं 'दीप' अर्थात 'दीपक' और 'आवली' अर्थात 'लाइन' या 'श्रृंखला' जिसका मतलब हुआ 'दीपकों की श्रृंखला', दीपक को स्कन्द पुराण में सूर्य के हिस्सों का प्रतिनिधित्व करने वाला माना गया है। दिवाली के दिन लक्ष्मी-गणेश पूजन की प्रथा है, इस दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश को अपनी राशियों के हिसाब से भोग लगाकर उन्हें प्रसन्न कीजिए और हर रोग और मुसीबत से छुट्टी पा लीजिए।
Recommended Video
Diwali 2020: दिवाली पर 17 साल बाद ऐसा संयोग, जानें शुभ मुहूर्त और पूजन विधि | वनइंडिया हिंदी

- मेष- इस राशि के जातक गणेश-लक्ष्मी को गुड़ का भोग लगाएं।
- वृष- इस राशि वाले लोग गणेश-लक्ष्मी को घी और मिश्री का भोग लगाएं।
- मिथुन- इस राशि वाले लोग गणेश-लक्ष्मी को मूंग के लडुडओं का भोग लगाएं।
- कर्क- इस राशि के जातक गणेश-लक्ष्मी को मोतीचूर के लड्डुओं का भोग लगाएं।
- सिंह- इस राशि के लोग गणेश-लक्ष्मी को बर्फी का भोग लगाएं।
- कन्या- इस राशि के लोग गणेश-लक्ष्मी को मीठी खीर का भोग लगाएं।
- तुला- इस राशि के लोग गणेश-लक्ष्मी को दही और शहद का भोग लगाएं।
- वृश्चिक-इस राशि के लोग गणेश-लक्ष्मी को सिन्दूर और बर्फी का भोग लगाएं।
- धनु-इस राशि के लोग गणेश-लक्ष्मी को पीली मिठाई का भोग लगाएं।
- मकर-इस राशि वाले लोग गणेश-लक्ष्मी जी को पान, सुपाड़ी, इलायची और लौंग का भोग लगाएं।
- कुंभ-इस राशि के सभी जातक गणेश-लक्ष्मी जी को पंचामृत तथा मॅूग की खिचड़ी का भोग लगाएं।
- मीन-इस राशि से सम्बन्धित लोग गणेश-लक्ष्मी जी को केसर-शहद का भोग लगाएं।
लक्ष्मी-गणेश की पूजा और मुहूर्त का समय
- दिवाली 2020 तिथि : 14 नवंबर 2020
- लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 5:28 बजे से शाम 7:24 बजे खत्म
- प्रदोष काल: शाम 5:28 बजे से रात 8:07 बजे तक वृषभ काल: शाम 5:28 बजे से रात 7:24 बजे तक
- अमावस्या तिथि प्रारंभ: 14 नवंबर दोपहर 2 बजकर 17 मिनट से प्रारंभ
- अमावस्या तिथि अंत: 15 नवंबर को सुबह 10 बजकर 36 मिनट तक












Click it and Unblock the Notifications