Chandra Grahan 2026 : 'कभी मामू कभी जानू', क्यों लगता है चांद को ग्रहण? कुछ रोचक तथ्य
Chandra Grahan 2026 and Moon: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण आज दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू हुआ है और शाम 6 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगा, इस चंद्र ग्रहण की अवधि तकरीबन 3 घंटे 27 मिनट की रहेगी। आपको बता दें कि चांद हमेशा से ही हमारे वैज्ञानिकों, शायरों और कवियों के लिए पसंदीदा सब्जेक्ट रहा है।
ये 'चांद' कभी बच्चों के लिए 'मामू' बन जाता है तो कभी जवां दिलों के लिए 'जानू', यहां तक की हर खूबसूरत चेहरे की तुलना 'चांद' से ही की जाती है। यही नहीं इसी 'चांद' को देखे बिना किसी सुहागिन का 'करवाचौथ' का व्रत पूरा नहीं होता है तो इसी 'मून 'के दीदार के बिना ईद की तारीख तय नहीं होती है।

कभी ये मोहब्बत के रूप में शायरों के दिलों धड़कता है तो कभी ये मां की लोरियों में 'चंदा मामा' बनकर बच्चों को रिझाता है, चलिए इसी बात पर जानते हैं चांद से जुड़ी कुछ खास बातें।
आइए जानते हैं चांद (Moon) के बारे में कुछ खास बातें.....
- चंद्रमा पृथ्वी का इकलौता प्राकृतिक उपग्रह है, जो लगभग 4.5 अरब वर्ष पुराना माना जाता है, 20 जुलाई 1969 को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के मिशन Apollo 11 के तहत अंतरिक्ष यात्री Neil Armstrong ने चंद्रमा पर पहला कदम रखा था।
- चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी का लगभग 1/6 है। यानी अगर आपका वजन पृथ्वी पर 60 किलो है, तो चंद्रमा पर करीब 10 किलो महसूस होगा।
- चंद्रमा का आकार घटता बढ़ा रहता है जिसे कि चंद्र कला (Moon Phases) कहा जाता है-अमावस्या से पूर्णिमा तक।
- चंद्रमा का एक हिस्सा ऐसा है जो पृथ्वी से कभी दिखाई नहीं देता। इसे 'फार साइड ऑफ द मून' या 'डार्क साइड' कहा जाता है।
- चंद्रमा पर वायुमंडल नहीं है, इसलिए वहां न हवा है, न मौसम और न ही आवाज़ सुनाई देती है।
- चंद्रमा पर दिन में तापमान लगभग 127°C तक पहुंच सकता है, जबकि रात में -173°C तक गिर जाता है।
Chandra Grahan 2026 :क्यों लगता है चंद्र ग्रहण?
- भारत की अंतरिक्ष एजेंसी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने चंद्रयान-3 मिशन के जरिए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग कर इतिहास रचा।
- जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, तब चंद्र ग्रहण होता है और ये हमेशा पूर्णिमा को लगता है।
- जब चंद्रमा पृथ्वी के सबसे करीब होता है तो वह बड़ा और चमकीला दिखता है, जिसे सुपरमून कहते हैं। वहीं पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा लाल दिखाई दे तो उसे ब्लड मून कहा जाता है।
Disclaimer: इस आलेख का मतलब किसी भी तरह का अंधविश्वास पैदा करना नहीं है। यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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