Bad Dreams: अशुभ सपनों का फल एवं उपचार
लखनऊ। स्वप्न लगभग हर एक इन्सान को आते है किसी को कम किसी को ज्यादा। तरह-तरह के सपने आते है, कुछ सपनों से मन प्रसन्न हो जाता है तो कुछ भयावह सपने देखकर मन भयभीत हो जाता है।
आज हम बात करेंगे अशुभ सपनों का क्या फल होता है और उसका उपचार कैसे किया जाये ?
- सपने में खुद का विवाह और नाच-गाना देखने से-स्वप्नदृष्टा पर निश्चय ही संकट आता है।
- स्वप्न में अपने दांत गिराये जा रहे हैं और वे नीचे गिर रहें है ऐसा देखने पर-आर्थिक नुकसान व शारीरिक कष्ट भोगना पड़ता है।
- सपने में अभ्यंग, स्नान करके गधा, उॅट, भैंस इनमें से किसी पर सवार होकर दक्षिण की तरफ जा रहें हैं तो-मृत्यु तुल्य कष्ट या मौत भी हो सकती है।

काले वस्त्र वाली महिला
- काले वस्त्र पहने हुये एवं काले फूलों की मालायें गले में डाले हुए स्त्री यदि सपने में आलिंगन कर रही हो तो-मृत्यु समझनी चाहिए।
- स्वप्न में मरे हुए हिरन का बच्चा, मनुष्य का मस्तक, रूंडमाला दिखे तो-मुसीबतों का पहाड़ टूट सकता है।
- स्वपन में जो हविष्टय के पदार्थ, दूध, दही, छांछ एवं गुड़ शरीर को लगा हुआ देखें तो-स्वपनदृष्टा रोगग्रस्त हो जाता है।
- सपने में श्मशान, सूखी घास, लोहा, काली स्याही एवं काले घोड़े दिखाई दें तो-देखने वाला संकटग्रस्त होता है।
- स्वप्न में टूटे-फूटे बर्तन, जख्म, शूद्र, कुष्ठ रोगी, लाल वस्त्र, जटाधारी, सूअर, भैंसा, काला अॅधेरा, मरा हुआ प्राणी एवं योनिदर्शन हो तो-समझो मानसिक, शारीरिक या आर्थिक संकट आने वाला है।
- गंदे कपड़े पहने म्लेक्ष पाश एवं अस्त्र धारण किया हुआ यमदूत स्वप्न में दिखे तो-मृत्यु सूचक होता है।
- काले फूल, काले फूलों की मालायें, शस्त्रधारी सेनायें, विकृत कायाधारी म्लेक्ष स्त्री स्वप्न में दिखाई दे ंतो-दुःखों का पहाड़ टूट पड़ता है।
- स्वप्न में लाल वस्त्र, वाद्य, नाचना-गाना, गाय का मृदंग बजाने वाला दिखे तो-दूःख भोगना पड़ता है।
- स्वप्न में जिसके दांत गिरते हो, बाल झड़ते हों तो-उसका आर्थिक नुकसान होता है।
- स्वप्न में सींग वाले प्राणी पर बच्चे एवं आदमी टूट पड़े तो स्वप्न दृष्टा को राजभय रहता है।
- सपने में रथ, मकान, पर्वत, पेड़, गाय, हाथी एवं घोड़ा आकाश से पृथ्वी पर गिरते दिखे तो-समझो संकट आने वाला है।
- स्वप्न में कोई मुर्दा दिखे तो-किसी के मृत्यु की सूचना मिलती है।
- स्वप्न में जो अपने शरीर पर मछलियां धारण करे तो उसके भाई की मृत्यु होती है।
- स्वप्न में मस्तक पर आच्छादित छत्र कोई छीन ले तो-स्वप्न दृष्टा के पिता, गुरू या राजा का नाश होता है।
- शांति उपाय-दुःस्वप्नों के बुरे फल प्राप्त न हों, इसलिए पूर्वाचार्यो ने प्राचीन ग्रन्थों में शंाति के उपाय बताये हैं-वे निम्न प्रकार हैं।
- लाल चन्दन की समिधा घी में डुबोकर एक हजार गायत्री मन्त्रों का हवन करने से दुःस्वनों के कारण होने वाले दोषों की शंाति हो जाती है।
- भक्ति भाव से विष्णु, नारायण, कृष्ण, माधव, मधुसूदन, हरि, नरहरी, राम, गोविन्द, दधिवामन इनद स नामों का एक बार जाप करे तो दुःस्वनों का अशुभ प्रभाव निष्फल हो जाता है।
- आपदां हर्तारं, दातारं, सर्व संपदाम्, लोकाभिरामं श्रीरामम्, भूयोभूयो नमाम्यहं। बुरा स्वप्न देखने के बाद इस मन्त्र को 108 बार पढ़ने से दुःस्वनों का बुरा असर समाप्त हो जाता है।

स्वप्न में टूटे-फूटे बर्तन, जख्म, शूद्र, कुष्ठ रोगी

स्वप्न में जिसके दांत गिरते हो....













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