Akshaya Tritiya 2018: अक्षय तृतीया के दिन करें ये उपाय, बरसेगा धन, सारे संकट होंगे दूर
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नई दिल्ली। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया कहते हैं। इस बार अक्षय तृतीया 18 अप्रैल बुधवार को आ रही है। इस दिन को स्वयं सिद्ध दिन कहा गया है, यानी इस दिन किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए पंचांग शुद्धि देखने की आवश्यकता नहीं है। इस दिन स्वयं सिद्ध मुहूर्त होता है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन जो भी शुभ कार्य किए जाते हैं, उनका अक्षय फल मिलता है। अक्षय तृतीया पर कुंभ यानी घड़े का पूजन व दान अक्षय फल प्रदान करता है। साथ ही इस दिन दान एवं उपवास करने से हजार गुना फल मिलता है।

क्या करें अक्षय तृतीया के दिन
- इस दिन समुद्र या गंगा आदि पवित्र नदिनों में स्नान करना चाहिए।
- पंखा, चावल, नमक, घी, शक्कर, साग, इमली, फल तथा वस्त्र का दान करके ब्राह्मणों को दक्षिणा देनी चाहिए।
- इस दिन सत्तू अवश्य खाना चाहिए।
- आज के दिन नवीन वस्त्र, शस्त्र, आभूषण बनवाना या धारण करना चाहिए।
- नए व्यापार का प्रारंभ भी आज ही करना चाहिए।
- इस दिन से सतयुग और त्रेतायुग का आरंभ माना जाता है।
- इसी दिन बद्रीनाथ धाम के पट खुलते हैं।
- नर-नारायण ने इसी दिन अवतार लिया है।
- श्री परशुरामजी का अवतरण इसी दिन हुआ था।
- हयग्रीव का अवतार इसी दिन हुआ था।
- वृंदावन में श्री बांके बिहारीलाल के मंदिर में केवल इसी दिन श्रीविग्रह के चरण-दर्शन होते हैं अन्यथा पूरे वर्ष वस्त्रों से ढंके रहते हैं।
- ब्रह्माजी के पुत्र अक्षय कुमार का आविर्भाव भी इसी दिन हुआ था। हैं।
- अक्षय तृतीया का स्वयंसिद्ध मुहूर्त के रूप में भी विशेष महत्व है।
- ऋण मुक्ति के लिए अक्षय तृतीया पर अपने पूजा स्थान में लाल कपड़े पर कनकधारा यंत्र की स्थापना करें। पंचोपचार पूजा करें। 51 दिन तक कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।
- आकस्मिक धन प्राप्ति के लिए अक्षय तृतीया से प्रारंभ करते हुए माता लक्ष्मी के मंदिर में प्रत्येक शुक्रवार धूपबत्ती व गुलाब की अगरबत्ती दान करने से जीवन में अचानक धन प्राप्ति के योग बनते हैं।
- वास्तुदोष के कारण यदि आर्थिक समृद्धि रुकी हुई हो तो ढक्कन सहित एक चांदी की डिबिया में गंगाजल भर दें। डब्बी पर मौली के साथ एक मूंगा बांध दें। अक्षय तृतीया के दिन इसे ईशान कोण में स्थापित कर दें। आर्थिक समृद्धि बढ़ने लगेगी।
- धनधान्य में वृद्धि के लिए अक्षय तृतीया के दिन एक मुट्ठी बासमती चावल बहते हुए जल में श्री महालक्ष्मी का ध्यान करते हुए प्रवाहित कर दें। आश्चर्यजनक लाभ होगा।
- धन की विशेष प्राप्ति के लिए अक्षय तृतीया के दिन स्वर्ण में जड़ित चौदहमुखी रुद्राक्ष का पंचोपचार पूजन करें। लाल फूल अर्पित करें। रुद्राक्ष की माला से हृीं नम: मम गृहे धनं कुरु कुरु स्वाहा मंत्र का एक माला जाप करें। 42 दिन तक जप करने के बाद रुद्राक्ष को गले में धारण करें।
अक्षय तृतीया के बारे में विशेष

अशुभ ग्रहों से बचने के लिए
अक्षय तृतीया के दिन सुबह जल्दी उठकर नित्यकार्यों से निपट कर तांबे के बर्तन में शुद्ध जल लेकर भगवान सूर्य को पूर्वाभिमुख होकर चढ़ाएं तथा इस मंत्र का जप करें- ऊँ भास्कराय विद्महे महातेजाय धीमहि, तन्नाो सूर्य: प्रचोदयात। अक्षय तृतीया के बाद हर दिन सात बार इस प्रक्रिया को दोहराएं। कुछ ही दिनों में आपका भाग्य चमक उठेगा। यदि यह उपाय सूर्योदय के एक घंटे के भीतर किया जाए तो और भी जल्दी असर दिखाता है।
विवाह के लिए
यदि युवा लड़का-लड़की के विवाह में बाधा आ रही हो। कहीं संबंध फिक्स नहीं हो पा रहा हो तो अक्षय तृतीया की रात्रि में एक पटिए पर पीला कपड़ा बिछाएं और पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठ जाएं। अपने सामने मां पार्वती का चित्र रखें। पटिए पर एक मुट्ठी गेहूं की ढेरी रखें। गेहूं पर एक विवाह बाधा निवारण यंत्र स्थापित करें और चंदन या केसर से यंत्र को और स्वयं तिलक करें। इसके बाद हल्दी की माला से बृहस्पति के मंत्र ऊँ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम: की सात माला जाप करें।

शत्रु से बचने के लिए
यदि शत्रु बार-बार परेशान कर रहे हैं। कार्य में बाधा पहुंचा रहे हैं। व्यापार में हानि कर रहे हों तो अक्षय तृतीया के दिन मूंगे से बनी हनुमान प्रतिमा की स्थापना अपने घर में करें और इस पर सिंदूर लगाकर लाल मूंगे की माला से ऊँ हं हनुमंते नम: मंत्र की एक माला जाप करें। शीघ्र ही शत्रु आपके चरणों में आकर गिरेगा।
धन प्राप्ति के लिए
अक्षय तृतीया का दिन धन प्राप्ति के लिए सर्वश्रेष्ठ दिन माना गया है। इस दिन दक्षिणावर्ती शंख, सात गोमती चक्र और 14 सफेद कौड़ियों को कच्चे दूध, गंगाजल से स्नान कराकर लाल रेशमी कपड़े पर अपने पूजा स्थान में स्थापित करें। इन पर केसर का तिलक करें, मिश्री का भोग लगाएं और सुगंधित धूप लगाएं। अक्षय तृतीया के बाद प्रतिदिन इनकी पूजा करते रहें। शीघ्र ही धन संबंधी समस्याएं समाप्त हो जाती है।
स्थायी संपत्ति की प्राप्ति के लिए
स्थायी संपत्ति यानी भूमि, भवन की प्राप्ति के लिए अक्षय तृतीया के दिन स्फटिक के श्रीयंत्र की स्थापना घर के उत्तर, पूर्व या ईशान दिशा में करें। अक्षय तृतीय के बाद भी प्रतिदिन इसे शुद्ध जल से स्नान करवाकर विधिवत पूजन-अर्चन करें। प्रतिदिन श्रीसूक्त का पाठ करें। इससे व्यक्ति कई भवनों का मालिक बनता है।













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