Aaj Ka Panchang 24 June 2026: तिथि दशमी, नक्षत्र चित्रा,क्या है शुभ मुहूर्त?
Aaj Ka Panchang 24 June 2026 : पंचांग का प्रयोग शुभ मुहूर्त निकालने, त्योहारों की तिथि तय करने, व्रत-उपवास करने और ग्रहों की स्थिति जानने के लिए किया जाता है। पंचांग शब्द संस्कृत के दो शब्दों 'पंच' (पांच) और 'अंग' (भाग) से मिलकर बना है। इसमें पांच मुख्य तत्वों का वर्णन होता है, जिनके आधार पर पूजा-पाठ, व्रत, त्योहार, विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए शुभ समय निर्धारित किया जाता है।
पंडित चक्रपाणि उपाध्याय के मुताबिक 24 जून 2026 दिन बुधवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बेहद खास है, आज ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है और इसके साथ ही चित्रा नक्षत्र और परिघा योग का अद्भुत संयोग से ये दिन बेहद खास है। ग्रहों की चाल पर नजर डालें तो इस दिन चंद्रमा गोचर करते हुए तुला राशि में प्रवेश करेंगे।

तुला राशि के स्वामी शुक्र देव हैं, जिन्हें सुख, सौंदर्य, कला और भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है। ऐसे में तुला राशि में चंद्रमा की उपस्थिति और चित्रा नक्षत्र का प्रभाव मिलकर लोगों के व्यवहार में रचनात्मकता और संतुलन लेकर आएगा। आज ज्येष्ठ शुक्ल दशमी शाम 6:15 तक रहेगी। इसके बाद एकादशी तिथि का प्रारंभ हो जाएगी।
आज का पंचांग 24 जून 2026
- तिथि दशमी (शाम 6:15 तक, तत्पश्चात एकादशी)
- नक्षत्र चित्रा (दोपहर 01:55 तक, तत्पश्चात स्वाति)
- योग परिघा (सुबह 10:17 तक, तत्पश्चात शिव योग)
- करण गारा (शाम 6:15 तक)
- पक्ष और वार शुक्ल पक्ष, बुधवार
- चंद्र राशि तुला राशि (स्वामी शुक्र देव)
- सूर्योदय का समय सुबह 05:27
- सूर्यास्त का समय शाम 19:13
- चन्द्रोदय और चन्द्रास्त दोपहर 14:32 से रात 01:04 (25 जून) तक
आज का शुभ मुहूर्त क्या है?
शुभ मुहूर्त (चौघड़िया)
- लाभ व अमृत (सुबह का समय): सुबह 07:00 बजे से 09:00 बजे तक
- लाभ (शाम का समय): शाम 05:15 बजे से 06:15 बजे तक
- शुभ कार्य के लिए अनुकूल समय: दोपहर 11:54 बजे से 12:44 बजे तक
- अशुभ मुहूर्त और वर्जित समयराहुकाल: दोपहर 12:00 बजे से 01:30 बजे तक
चंद्र गोचर का प्रभाव
24 जून को चंद्रमा रात भर तुला राशि में संचरण करेंगे। तुला राशि वायु तत्व की राशि है जो संतुलन, न्याय और साझेदारी को प्रदर्शित करती है। चंद्रमा का इस राशि में होना मानसिक संवेगों को संतुलित करता है। यह समय उन लोगों के लिए बेहद उत्तम है जो कलात्मक क्षेत्रों, जैसे अभिनय, लेखन, वस्त्र डिजाइनिंग या संगीत से जुड़े हैं। चित्रा नक्षत्र का स्वामित्व मंगल देव के पास है, जबकि इसका स्वामी ग्रह शुक्र के अधीन राशि में पड़ना मंगल और शुक्र की मिलीजुली शक्ति प्रदान करता है।यह गोचर लोगों के भीतर रचनात्मकता के साथ-साथ एक विशेष दृढ़ संकल्प को भी जन्म देता है।












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