ज्योतिष से जानिए कैसे और कब करनी चाहिए यात्रा?
यात्रा चाहे व्यक्तिगत कार्य हेतु हो या फिर धार्मिक। यात्रा करने से पूर्व सबकी यही आकांक्षा रहती है कि यात्रा करते वक्त किसी भी प्रकार का कष्ट न हो और यात्रा का उद्देश्य सफल हो। यदि आप चाहते है आपकी यात्रा मंगलमय और सुखकारक हो तो उसके लिए आपको ज्योतिष के कुछ नियमों को फालो करना होगा।
कौन से दिन किस दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिए..
1-सोमवार और शनिवार के दिन पूर्व दिशा की यात्रा करना शुभ नहीं माना गया है।
2-सोमवार और गुरूवार को आग्नेय कोण (पूर्व-दक्षिण) की यात्रा नहीं करनी चाहिए।
3-बुधवार और शनिवार के दिन ईशान कोण (पूर्व-उत्तर) की यात्रा करना निषेध है। ऐसा करने से कष्ट मिलता है।
4-रविवार और शुक्रवार को पश्चिम दिशा व नैऋृत्व कोण की यात्रा करने से हानि होती है।
5-मंगलवार व बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा करने से शारीरिक व मानसिक कष्ट होते है।
6-गुरूवार के दिन दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिए क्योंकि इस दिन यात्रा करने मृत्यु तुल्य कष्ट मिलता है।
यदि फिर भी किसी कारणवश आपात परिस्थितियों में यात्रा करनी ही पड़े तो क्या करें इसे जानने के लिए नीचे की स्लाइडों पर क्लिक कीजिये..

रविवार
रविवार को यदि पश्चिम दिशा की यात्रा करनी हो तो-घर से दलिया और घी खाकर निकले।

सोमवार
सोमवार के दिन पूर्व दिशा की यात्रा करनी पड़े तो-घर से दर्पण देखकर निकलना चाहिए।

मंगलवार
मंगलवार को यदि उत्तर दिशा की यात्रा करनी हो तो-घर से गुड़ खाकर निकलना चाहिए।

बुधवार
यदि बुधवार के दिन उत्तर दिशा की यात्रा करना जरूरी हो तो-घर से धनिया व तिल खाकर निकलना चाएि।

गुरूवार
गुरूवार के दिन दक्षिण दिशा की यात्रा करने से पूर्व थोड़ा दही खाकर घर से निकलना चाहिए।

शुक्रवार
यदि शुक्रवार के दिन पश्चिम दिशा की यात्रा करना जरूरी हो तो-घर से थोड़ा जौ खाकर निकले।

शनिवार
-शनिवार के दिन यदि पूर्व दिशा की यात्रा करना आवश्यक हो तो-अदरक एक टुकड़ा या काली उड़द खाकर घर से निकलें।
-उपरोक्त उपाय करने से दिशा शूल के प्रकोप से बचकर यात्रा को मंगलकारी बनाया जा सकता है।












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