घरवाली की वजह से नहीं शनि के कारण हैं तुला राशि परेशान
पृथ्वी पर मनुष्यों में खौफ पैदा करने वाला शनि एक राशि में ढाई वर्ष तक गोचर करता है। 12 राशियों के चक्र को पूरा करने में शनि पूरे 30 वर्ष लगाता है। शनि की जिस भाव पर दृष्टि पड़ती है, उस भाव को हानि होती है। शनि की तीन दृष्टियां है, तृतीय, सप्तम और दशम। शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या किन राशियों पर चलेगी इसका सही आकलन जन्मपत्री देखकर ही किया जा सकता है लेकिन फिर भी एक मोटे तौर यह जानते है कि वर्ष 2015 में शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या किन-2 राशियों पर चलेगी एंव उसका प्रभाव कैसा रहेगा। पूरे वर्ष शनि की तुला, वृश्चिक व धनु राशि पर साढ़ेसाती रहेंगी तथा मेष व सिंह राशि पर शनि की ढैय्या चलेगी।

जन्म राशि यानि चन्द्र राशि से गोचर में जब शनि ग्रह द्वादश भाव, प्रथम भाव एंव द्वितीय भाव में भ्रमण करता है, तो साढ़े सात वर्ष के समय को शनि की साढ़ेसाती कहते है।
तुला राशि
इस राशि के जातकों के लिए रजत पाद की पैरों से उतरती शनि की साढ़ेसाती रहेगी। तुला राशि में उतरती साढ़ेसाती पूरे वर्ष तुला राशि वालों के खर्चो में वृद्धि करायेगी। अनावश्यक रूप से शत्रुओं के विरोध का सामना करना पड़ेगा। कोई भी रिस्क लेकर करना उचित नहीं है। सरकारी या गैर सरकारी कार्यो में उलझे लोगों को पूरे वर्ष सावधानी बरतनी होगी। जन्म कुण्डली में जिन लोगों का गुरू अच्छा है, उन्हे आकस्मिक लाभ मिल सकता है।
वृश्चिक राशि
इस राशि के जातकों कें लिए लौह पाद की ह्रदय पर आयी हुयी साढ़े साती रहेगी। इस राशि वालों की छाती पर साढ़ेसाती रहने के कारण वृश्चिक राशि वालों को सावधान रहना होगा। ह्रदय रोगियों को अपने खान-पान पर विशेष सावधानी बरतनी होगी। इस राशि में जिनका जन्म ज्येष्ठा नक्षत्र में हुआ है, उन्हें अपने कार्यो के प्रति विशेष सर्तक रहना होगा। मित्रों से धोखा, स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव एंव कर्ज व व्याज आदि में हानि उठानी पड़ सकती है। इस राशि वालों को इन दिनों यात्राओं से बचना होगा।
धनु राशि
इस राशि वालों के लिए ताम्रपाद की शिर पर चढ़ती हुयी साढ़े साती रहेगी। धनु राशि वालों पर चढ़ती साढ़ेसाती धन हानि, शारीरिक पीड़ा, कार्यो में रूकावट, परिवारिक समस्याओं से जूझना होगा। क्रोध पर नियन्त्रण रखना होगा अन्यथा और मुसीबत में फॅस सकते है। इस वर्ष की अपेक्षा अगले वर्ष इस राशि वालों को विशेष कष्ट का सामना करना पड़ सकता है।
मेष राशि
इस राशि के जातकों के लिए शनि के स्वर्णपाद की ढैय्या का रहेगी। स्त्री जातकों को विशेष सुख रहेगा। इस राशि वालों पर शनि की ढैय्या प्रारम्भ हो गयी है। अतः आप लोगों को अपने दिल व दिमाग पर नियन्त्रण रखकर काम करना होगा। कार्यो में जल्दबाजी करने से बचना होगा। इस राशि वालों को अपने सारे काम नियत समय करना होगा। लापरवाही व आलस्य आपके कैरियर में बाधक बन सकते है। नौकरी वाले लोगों के बार-बार संस्थान परिवर्तन करना हितकर नहीं रहेगा।
सिंह राशि
इस राशि के लिए ताम्र्रपाद की ढैय्या रहेगी। नयीं व्याधि का आरम्भ हो सकता है। सन्तान को पीड़ा हो सकती है।पूरे वर्ष सिंह राशि पर शनि की ढैय्या का प्रभाव रहेगा। जिस कारण इन्हें धन, परिवार, स्वास्थ्य आदि से सम्बन्धित रूकावटें आयेंगी। रिस्की कार्यो से बचना होगा। व्यापारी वर्ग को ज्यादा निवेश करने से बचना होगा। स्वास्थ्य के मामलें में की गई लापरवाही मंहगी साबित हो सकती है।
शनि की साढ़ेसाती तथा ढैय्या प्रभावी उपाय-
1. काले घोड़े की नाल का छल्ला सारसों के तेल में भिगोकर दिन शनिवार को मध्यमा अॅगुली में धारण करें।
2. शनिवार के मदिरा एंव धूम्रपान करने से बचें।
3. अपने नौकरों व कर्मचारियों को समय पर वेतन दें।
4. काले रंगों प्रयोग कम करें।
5. अपने बड़ें-बुर्जुगों का सम्मान करें।
6. कर्ज-ब्याज आदि के लेन-देन से बचना होगा।
7. रिस्की कार्यो में धन का निवेश कतई न करें।
8. शनि मन्दिर तेल से अभिषेक करायें।












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