शनि जंयति विशेष: राशियों के मुताबिक करें शनिदेव को खुश
शनि को सौर-मण्डल का सबसे सुन्दर ग्रह माना गया है। काल पुरूष का दुःख माना जाने वाला शनि न्याय का सबसे बड़ा पक्षधर है। ग्रहपरिषद में इसे '' सेवक '' के पद से सुशोभित किया गाया है। ज्योतिष के अनुसार यह कृष्ण वर्ण, वृद्धावस्था वाला, नपुंसक लिंग, जाति-शूद्र, तमोगुणी, वात प्रकृति एंव पश्चिम दिशा का स्वामी है।
निसर्ग बल में सूर्य से पराजित होने के कारण इसे पापी ग्रह की श्रेणी में रखा गया है। यह पाप ग्रह होने पर भी मनुष्य को दुःखी रूपी अग्नि में तपाकर सोने की भांति निखारता है एंव उसके कल्याण हेतु नयें-2 द्वार खोलता है। शनि जयन्ती पर एक दुर्लभ योग निर्मित हो रहा है जिससे प्रवाहित होने वाली सकारात्मक उर्जा आपके जीवन की दशा व दिशा दोनों बदल सकती है।
अद्भुत संजोग- शनिवार के दिन अमावस्या का पड़ना, मन का कारक चन्द्रमा वृष राशि में होना, कृष्ण के जन्म का नक्षत्र रोहिणी का पड़ना चॅूकि शनि कृष्ण भक्त थे। शनि का मित्र शुक्र अपनी मूल त्रिकोण राशि में स्थित है। इन सभी का एक साथ होना यानि ब्रहम्डा की अक्षय उर्जा का धरती पर प्रवाह का संकेत है।
राशियों के अनुसार पूजन शनिदेव को प्रसन्न करें-

मेष
मेष- इस राशि वाले लोग शनि मन्दिर में हनुमानष्टक का पाठ करें एंव गरीबों को भोजन करायें।

वृष
वृष- शनि जयन्ती के दिन घर में शनि वृक्ष लगाकर उसकी नियमित पूजा करें तथा मन्दिर में गरीबों को मीठी वस्तुयें वितरित करें।

मिथुन
मिथुन- इस राशि वाले जातक तेल में शमी पत्ती मिलाकर शनिदेव को चढ़ायें।

कर्क
कर्क- शनि जयन्ती के दिन भगवान कृष्ण जी की स्तुति करें एंव शनि देव के दर्शन करें।

सिंह
सिंह- इस राशि वाले लोग आज के दिन मन्दिर में तेल का दीपक जलायें एंव गुड़ व चने से बनी वस्तुयें मन्दिर में वितरित करें।

कन्या
कन्या- आज के दिन शनि मन्दिर में रूद्राभिषेक का पाठ करें। और मन्दिर की साफ-सफाई में अपना योगदान दें।

तुला
तुला- लोहे की कटोरी में तेल डालकर उसमें अपना चेहरा देखें तत्पश्चात उस तेल को शनि देव की मूर्ति पर चढ़ायें।

वृश्चिक
वृश्चिक- आज के दिन अपनें वजन का दशांश सरसों तेल से शनिदेव का अभिषेक करें एंव लोहे के छल्ले वितरित करें।

धनु
धनु- इस राशि वाले लोग शनि मन्दिर में शनि महामृत्युजंय स्त्रोत दशरथ कृत का पाठ करें एंव अपने नौकर या कर्मचारी का अपमान न करें।

मकर
मकर- इस राशि वाले जातक शनि स्त्रोत का पाठ करें और उड़द के दाल की खिचड़ी मन्दिर में वितरित करें।

कुम्भ
कुम्भ- शनि जयन्ती के दिन सरसों के तेल में काला नमक डालकर शनिदेव का अभिषेक करें एंव मन्दिर के साफ-सफाई में सहयोग करें।

मीन
मीन- इस राशि वाले लोग आज के दिन मन्दिर में शनि चालीसा का पाठ करें मछलियों को दाना खिलायें।












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