• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

31 मई को मिथुन में बृहस्‍पति का प्रवेश, जानिए राशियों पर प्रभाव

|

[ज्‍योतिष अनुज के शुक्‍ल] न्याय दिलाना, तत्वज्ञ, भक्ति धर्म, वेद-वेदान्त एंव देव-देवता का प्रतिनिधित्व करने वाले ग्रह बृहस्पति के बारे में लगभग सभी ज्योतिष प्रेमी जानते हैं। पर शायद यह कम लोग ही जानते होंगे कि बृहस्पति को गुरू का दार्जा क्यों दिया गया है? नौं ग्रहों के मंत्रीमंडल में इन्साफ देने का काम बृहस्पति करता है तथा बृहस्पति ग्रह सभी ग्रहों के सम्मलित आकार से भी बड़ा है, इसलिए इसे गुरू कहा जाता है।

इसका व्यास 9,86,720 मील होता है। यह पृथ्वी से लगभग 36,70,00,000 मील की दूरी तक आ जाता है। बृहस्पति की गति 8 मील प्रति सैकिण्ड है। यह अपनी धुरी पर प्रायः 10 घण्टों में धूमता है अथवा 12 वर्ष में एक प्रदिक्षणा पूरी कर लेता है। गुरू एक राशि में एक वर्ष तक भ्रमण करता है। यह लग्न में बली एंव चन्द्र के साथ चेष्टा बली, सूर्य के साथ सात्विक, मंगल के साथ तामस, शनि के साथ राजस और शुक्र व बुध के साथ रहने पर शत्रुतापूर्ण सम्बन्ध रखता है। गुरू वक्री एंव अस्त होकर कभी अभीष्ट फल नहीं देता है। यह उत्तराफाल्गुनी, उत्तराअषाढ़, पुनर्वसु, पूर्वाभाद्रपद तथा विशाखा नक्षत्रों में होने पर शुभ फल देता है एंव आर्दा, स्वाती तथा शतभिषा नक्षत्रों में अशुभ फल देता है।

जून का मासिक राशिफल | हमारे ज्‍योतिष का संपर्क सूत्र

विक्रम संवत् 2070 में ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष दिनांक 31 मई 2013 ई0 को, कुम्भ राशिस्थ चन्द्रमा के समय गुरू प्रातः 6:49 मि0 पर मिथुन राशि में में प्रवेश करेगा एंव पूरे वर्ष मिथुन राशि में ही संक्रमण करता रहेगा। मिथुन का गुरू स्वल्प वर्षा, दारूण भय शासकों में संघर्ष की स्थिति उत्पन्न करता है। रोग से शासक व प्रजा दुःखी एंव रूई तेल, घी, रत्न आदि सभी व्यापारिक वस्तुओं तेजी आयेगी। पश्चिम क्षेत्र एंव उत्तर में वर्षा तथा रोग से जन हानि होगी। कपूर, नारियल, सुपारी, सोना व चांदी आदि वस्तुयें सस्ते होकर तत्पश्चात महंगे होंगे। पश्चिम दिशा या अन्य स्थान पर शासक का परिवर्तन हो सकता है। अब पढ़ें सभी राशियों पर प्रभाव, स्‍लाइडर में।

31 मई 2013, प्रातः 6:49 बजे

31 मई 2013, प्रातः 6:49 बजे

विक्रम संवत् 2070 में ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष दिनांक 31 मई 2013 ई0 को, कुम्भ राशिस्थ चन्द्रमा के समय गुरू प्रातः 6:49 मि0 पर मिथुन राशि में में प्रवेश करेगा एंव पूरे वर्ष मिथुन राशि में ही संक्रमण करता रहेगा।

मेष पर प्रभाव

मेष पर प्रभाव

मेष- इस राशि पर गुरू स्वर्ण पाद रहेगा जिसके फलस्वरूप कार्यो में परिश्रम से सफलता, पुरूषार्थ से धन का लाभ होगा। शासन सत्ता से जुड़े लोगों को लाभ हो सकता है। अनावश्यक खर्चो से बचना होगा।

वृष पर प्रभाव

वृष पर प्रभाव

वृष- ताम्रपाद का गुरू होने से आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। मित्रों से सुख व सहयोग प्राप्त होगा। इच्छित वस्तुओं की खरीद्दारी एंव सत्संग से सद्बुद्धि आयेगी। शरीर में अरोग्यता रहेगी।

मिथुन पर प्रभाव

मिथुन पर प्रभाव

मिथुन - रजत पाद का गुरू पुत्र व मित्र का सुख व सहयोग प्राप्त करायेगा। परिवार में आपसी सुमति रहेगी। शासन से जुड़े लोगों को लाभ एंव भटकते जनों का भग्योदय होगा। शरीर में स्वास्थ्य सुधार होगा।

कर्क पर प्रभाव

कर्क पर प्रभाव

कर्क- लौह पाद का गुरू होने से मित्रों से बैर, शासन से भय एंव चिन्ता बनी रहेगी। परिवार में तनाव की स्थिति रहेगी। प्रेमी युगल को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। धन के लेन-देन में सावधानी बरतें।

 सिंह पर प्रभाव

सिंह पर प्रभाव

सिंह- ताम्रपाद का गुरू अरोग्यता, ऐश्वर्य एंव परिवार का सुख दिलायेगा। कुछ लोग नया वाहन खरीदेंगे। परिवार में किसी नन्हें मेंहमान का आगमन हो सकता है। धन की स्थिति सुदृढ़ होगी।

कन्या पर प्रभाव

कन्या पर प्रभाव

कन्या- स्वर्ण पाद का गुरू सन्तान प्राप्ति का सुख देगा। शासन से जुड़े लोगों को नयें उत्तरदायित्वों का कार्य भार मिल सकता है। खोये हुये उत्साह में वृद्धि होगी। लम्बित मुकदमें में विजय मिलेगी।

तुला पर प्रभाव

तुला पर प्रभाव

तुला- रजत पाद का गुरू होने से द्रव्य की प्राप्ति, स्त्री सुख एंव परिवार में सुमति बनी रहेगी। अच्छे कर्म करने से मन को प्रसन्नता होगी। नाना प्रकार के भोजन का स्वाद लेने को मिलेगा।

वृश्चिक पर प्रभाव

वृश्चिक पर प्रभाव

वृश्चिक- लौह पाद का गुरू मित्रों से विरोध, धनहानि व प्रवास आदि हो सकता है। बान्धवों से बैर होने की आशंका रहेगी। किये गये कार्यो में अस्फलता प्राप्त होगी। अध्यात्मिक कार्यो से जीवन के नये मार्ग प्रशस्त होंगे।

धनु पर प्रभाव

धनु पर प्रभाव

धनु- ताम्र पाद का गुरू प्रवास से व्यापार में लाभ करायेगा। जीवन साथी के साथ मधुरतम पल व्यतीत होंगे। राजनीतिक वर्ग को शासन सत्ता से लाभ प्राप्त होगा। मनोरंजन के अवसर प्राप्त होंगे।

मकर पर प्रभाव

मकर पर प्रभाव

मकर- रजत पाद का गुरू होने से शरीर के बल में कमी आयेगी। स्वजनों व प्रियजनों से विरोध की स्थिति उत्पन्न हेागी। परिवार की कलह को लेकर मन चिन्ताग्रस्त रहेगा। धन के लेन-देन में सावधानी बरतें।

कुम्भ पर प्रभाव

कुम्भ पर प्रभाव

कुम्भ- स्वर्ण पाद का गुरू सन्तान सुख में वृद्धि करायेगा। भ्रमित बुद्धि को सही मार्ग पर लायेगा एंव नयें मित्रों की वृद्धि करायेगा। छात्रों को पढ़ाई में रूचि पैदा होगी तथा वृद्ध जन मन्त्र साधना की ओर अग्रसर होंगे।

मीन पर प्रभाव

मीन पर प्रभाव

मीन- लौह पाद का गुरू होने से परिवार में नयीं योजनाओं का शुभारम्भ करायेगा। जीवन साथी से परस्पर अच्छे सम्बन्ध बनें रहेंगे। धन की स्थिति में सुधार होगा। भूमि अथवा वाहन आदि की खरीद्दारी हो सकती है। नयें सम्बन्धों से लाभ होगा।

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Jupiter will enter in Gemini and will affect the India adversely. Astrologer has done prediction about people related to all zodiac signs.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more