अगस्त माह के जातक होतें है वैभवशाली

जिस प्रकार ज्येष्ठ माह में गृष्मकाल अपने चरम पर होता है तो इस वातावरण का असर उस माह में पैदा हुए जताकों पर भी पुरी तरह पड़ता हैं। अभी तक आपकों अपने इस लेख में पिछले हर माह में जन्में हुए जातकों के बारें में जानकारी दी गयी हैं। इस बार इस लेख के माध्यम से आपकों अगस्त माह में जन्में जातकों के बारें में बताया जायेगा।
अगस्त माह में जनमें जातक का स्वभाव
अगस्त माह में जन्में जातकों का स्वभाव बहुत ही सौम्य होता हैं। ये जातक इमानदारी को ही उज्जवल भविष्य की कुंजी मानतें हैं। ये जातक कोशिश करतें है ये हर मामले में इमानदारी बरतें और दूसरों से भी ये ऐसी ही उपेक्षा रखतें है। इन जातकों का एक विशेष स्वभाव यह भी होता है कि ये अपनी प्रशंसा हर वक्त सुनना चाहतें है और साथ ही साथ कभी-कभी ये जातक खुद ही अपनी शेखी बघारने में भी पिछे नहीं हटते हैं।
इस माह के जातकों में एक शानदार ओर वैभवशानली जीवन यापन की प्रबल इच्छा होती है और इसे यह हर संभव पुरा करना चाहतें हैं। चूंकि इस माह में जन्म लेने वालें जातकों का गुरू सूर्य होता है तो ये कभी-कभी अपने जीवन में उग्र स्वभाव से भी परेशान रहते है। इनके दिमाग में सब कुछ ऐश, आराम, और विलासीतापुर्ण जीवन जीने की इच्छा हमेशा हावी रहती है जिसके फलस्वरूप कभी कभी ये हठ, क्रोध, हिंसा का भी सर्मथन करतें हैं।
शारिरीक विशिष्ठता, स्वास्थ
इस माह में जन्म लेने वाले अधिकांश जातक सामान्य लंबाई के होतें है इनकी काठी मजबूत और सुदृण होती हैं। इनके सिर पर र्प्याप्त बालों में कमी भी देखने को मिलती हैं। वैसे इनका स्वास्थ सामान्य ही होता है, लेकिन वृद्वा अवस्था में ये जातक गठिया, और चर्म रोग से ज्यादा परेशान रहतें हैं। ऐसे जातकों को युवा अवस्था में अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि इस अवस्था में कुछ ऐसी गलतियां कर जातें है जिसका फल उन्हे आगे चलकर शारिरीक पिड़ा के रूप में भोगना पड़ता हैं।
भाग्य और भविष्य
इस माह में जन्में जातकों का भाग्य बहुत ही प्रबल होता है, आजाद ख्याल और वैभवपुर्ण इच्छा इन्हे उज्जवल भविष्य की तरफ आसानी से ले जाती हैं। इस माह के जातकों में एक कमी होती हैं। कभी कभी इस माह के जातक अच्छे अवसरों से अपना मुंह मोड़ लेते हैं जिसके कारण इनके भाग्योदय में कठिनाईयां आती हैं। इस माह के जातकों को हमेशा अपनी इंद्रियों को सचेत रखना चाहिए। इसके अलांवा ये जातक शक भी बहुत ज्यादा करतें है और जिस व्यक्ति के बारें में जो राय बना लेते हैं उसे मरते दम तक वैसा ही मानतें हैं।
दूसरे व्यक्तियों के राय को मानने में यह अपनी तौहीन समझतें हैं। इस माह के जातक अपना निर्णय ही सर्वोपरी मानतें हैं। लेकिन इस माह के जातक दो रूपों में अपना जीवन यापन करतें है। ये लोग उपर से और बाहरी समाज के लिए सख्त होतें है लेकिन जो लोग इनके करीब होतें है उनके लिए ये बहुत ही सौम्य हृदय वालें होतें हैं। इनका भविष्य जन्म के बाद से ही ठीक चलता है और जो परिवर्तन होतें है वो ग्रहों के इनके अनुकुल न होने या फिर इनकी गलत निर्णयों से ही बदलतें हैं। इस माह के जातक कुशल नेता भी होते हैं। इसके अलांवा प्रबंधन, और अधिवक्ता के क्षेत्र भी इनके लिए बेहतर होता हैं।
शुभ रंग : पिला, केसरिया, हरा
शुभ रत्न : माणिक्य, पुखराज, इसके अलांवा इन्हे अपने ग्रह दशा को जानकर ही रत्नों को धारण करना चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications