नई दिल्ली, 07 सितंबर। 10 सितंबर को गणेश चतुर्थी है, जिसके लिए पूरे देश में जोर-शोर से तैयारी चल रही है। बुद्धि, ज्ञान और विघ्नविनाशक के रूप में पूजे जाने वाले श्री गणेश जी के स्वागत के लिए इस समय उनके भक्तगण पूरी तरह से तैयार हैं। ऐसा माना जाता है कि गणपति जी का जन्म मध्यकाल में हुआ था इसलिए उनकी स्थापना इसी काल में होनी चाहिए। गणपति के आगमन पर हर कोई अपने घर को बहुत सुंदर ढंग से सजाने की कोशिश करता है।
Ganesh Chaturthi Flowers Decoration 2021: गणेश चतुर्थी पर फूलों से सजाएं पूजा का घर, मन भी खुश 'बप्पा' भी खुश
यहां आपको बताते हैं कि गणेश उत्सव के वक्त किस तरह से घर को सजा सकते हैं...
फूलों से सजाएं बप्पा का घर: गणपति की पूजा के लिए आप अपने पूजा स्थल को फूलों से सजा सकते हैं। ये बहुत आकर्षक लगेगा, कोशिश कीजिए आप इसके लिए कागज या प्लास्टिक का फूल लें और पूजा के लिए ओरिजनल फूलों का प्रयोग करें, क्योंकि सजावट के लिए काफी फूलों की जरूरत होगी ऐसे में भारी मात्रा में ओरिजनल फूल कैसे मिल पाएंगे। इसलिए आर्टिफिशियल फूलों का प्रयोग किया जा सकता है। वैसे भी फूल गणेश जी को काफी प्रिय है। इसलिए फूलों से पूजा घर सजाकर आप मन से भी खुश होंगे और 'बप्पा' भी खुश होंगे।
- हरियाली का प्रयोग : आप पूजास्थल को सजाने के लिए हरियाली थीम रख सकते हैं। इसके लिए बैंबू प्लांट्स , रबर प्लांट और कैक्टस का प्रयोग कर सकते हैं।
- गुब्बारों और लाइट का प्रयोग: आप पूजास्थल को गुब्बारों, रंग-बिरंगी लाइटस और सुंदर साड़ी और दुपट्टों से भी सजा सकते हैं।
- रंगोली और दीयों का प्रयोग: आप पूजा स्थल के बाहर रंगोली का प्रयोग कर सकते हैं और मुख द्वार को दीयों से भी सजा सकते हैं।
चंद्रमा को नहीं देखना चाहिए
इस साल 'चतुर्थी तिथि' 10 सितंबर को सुबह 12:17 बजे शुरू होगी और रात 10 बजे तक रहेगी और गणेश चतुर्थी के दिन रात 9 बजकर 12 मिनट से सुबह 8:53 तक चंद्रमा को नहीं देखना चाहिए। शुभ मुहुर्त मध्याह्र काल में 11:03 से 13:33 तक है यानि 2 घंटे 30 मिनट तक है। गणेश विसर्जन 19 सितंबर को होगा।
पूजा के वक्त कीजिए ये आरती
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥
एक दंत दयावंत, चार भुजाधारी
माथे पे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया .
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥
हार चढ़ै, फूल चढ़ै और चढ़ै मेवा .
लड्डुअन को भोग लगे, संत करे सेवा ॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥
दीनन की लाज राखो, शंभु सुतवारी .
कामना को पूर्ण करो, जग बलिहारी ॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥