क्या है पिंक प्रॉमिस मैच? IPL में 9 मई को खेला जाएगा मुकाबला, राजस्थान और गुजरात में टक्कर
Rajasthan Royals: राजस्थान रॉयल्स ने घोषणा की है कि 9 मई को गुजरात टाइटंस के खिलाफ होने वाला घरेलू मैच फ्रेंचाइज़ी का 'पिंक प्रॉमिस' मैच होगा। यह एक विशेष मुकाबला है जो अब अपने तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुका है। रॉयल राजस्थान फाउंडेशन (RRF) द्वारा संचालित यह पहल महिलाओं के नेतृत्व वाले परिवर्तन की दिशा में राजस्थान रॉयल्स की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।
राजस्थान रॉयल्स की सामुदायिक पहलों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका यह मैच टीम को उनकी खास ऑल-पिंक जर्सी में मैदान पर उतरते हुए देखेगा, जो महिलाओं के नेतृत्व वाले बदलाव के प्रति उनकी निरंतर निष्ठा का प्रतीक है। पिछले कुछ वर्षों में यह पहल क्रिकेट की पहुंच का उपयोग कर मैदान के बाहर भी वास्तविक और प्रभावशाली बदलाव लाने का एक मजबूत मंच बन चुकी है। पिंक प्रॉमिस फ्रेंचाइज़ी की वह मुहीम है, जो "औरत है तो भारत है" की सोच के साथ महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में काम करती है।

इस सीजन की पिंक प्रॉमिस जर्सी अपने साथ एक गहरी कहानी लेकर आई है। इसे 'Royals HunaRR Manch - Season 2 राजस्थान रॉयल्स पिंक प्रॉमिस जर्सी डिजाइन प्रतियोगिता' के माध्यम से तैयार किया गया है, जिसमें देशभर के 700 से अधिक डिजाइनर्स ने 8,500 से अधिक प्रविष्टियां भेजी थीं। यह जर्सी जमीनी स्तर पर बदलाव की भावना को दर्शाती है। महिलाओं के नेतृत्व वाले परिवर्तन की सोच पर आधारित इस डिजाइन में एक सूक्ष्म 'रिपल पैटर्न' शामिल है, जो यह दर्शाता है कि कैसे एक व्यक्ति से शुरू हुआ बदलाव परिवारों और समुदायों तक फैलता है। इस विजेता डिजाइन को नासिक की 19 वर्षीय समीक्षा रामेश्वर मुंडाडा ने तैयार किया है।
इस जर्सी में सोलर-प्रेरित डिजाइन एलिमेंट्स भी शामिल हैं, जो स्वच्छ और सतत ऊर्जा तक पहुंच का प्रतीक हैं। साथ ही, इसमें रॉयल राजस्थान फाउंडेशन द्वारा समर्थित महिलाओं के नाम भी शामिल किए गए हैं। ये सभी तत्व मिलकर "औरत है तो भारत है" की भावना को जीवंत करते हैं और इस जर्सी को केवल एक खेल किट नहीं, बल्कि सामाजिक प्रभाव की एक मिसाल बनाते हैं।
इस पहल पर बात करते हुए राजस्थान रॉयल्स के मुख्य परिचालन अधिकारी आलोक चित्रे ने कहा कि पिंक प्रॉमिस पिछले कुछ वर्षों में एक मजबूत अभियान बन चुका है, जहां क्रिकेट मैदान के बाहर भी सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रहा है। उन्होंने बताया कि 2024 में इस पहल ने 260 घरों को रोशन करने में मदद की, जिसके बाद 2025 में यह संख्या 520 से अधिक घरों तक पहुंच गई। एक और सीजन में प्रवेश करते हुए टीम इस प्रभाव को और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस वर्ष भी राजस्थान रॉयल्स क्षेत्र में सोलर विद्युतीकरण के अपने प्रयास जारी रखेगा। मैच के दौरान लगाए गए हर छक्के पर 6 घरों को सोलर ऊर्जा से रोशन किया जाएगा, जिससे खेल के प्रदर्शन और सामाजिक सरोकार के बीच का संबंध और मजबूत होगा। यह पहल पिछले सीजनों की उपलब्धियों को आगे बढ़ाती है, जिसके तहत अब तक 780 घरों तक स्वच्छ ऊर्जा पहुंचाई जा चुकी है। इस प्रयास के केंद्र में सांभर क्षेत्र की वे महिलाएं हैं, जिन्हें RRF कार्यक्रमों के तहत प्रशिक्षित किया गया है और जो सोलर इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना व रखरखाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। पिंक प्रॉमिस मैच इस बात का प्रतीक है कि क्रिकेट केवल एक खेल नहीं, बल्कि समुदायों को सशक्त बनाने का एक सशक्त जरिया है।












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