Mumbai-Pune Train Cancels: मानसून की तूफानी बारिश के प्रकोप से मुंबई से पुणे तक हाहाकार मचा है। जगह-जगह जलभराव, सड़कें जलमग्न, इमारतों के गिरने से लेकर लोगों की जान जाने तक बारिश आफत बनकर टूटी। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के अनुसार, 1 जुलाई से अब तक पेड़ की टहनी गिरने की 1,711 घटनाएं हुई हैं, जबकि 2025 में यह संख्या 855 थी। इसी बीच, शुक्रवार (10 जुलाई) को सेंट्रल रेलवे ने बड़ा ऐलान किया।
मुंबई-पुणे कॉरिडोर पर रेल सेवा 17 जुलाई तक बाधित रहेगी, क्योंकि भोर घाट सेक्शन में भूस्खलन के कारण सेंट्रल रेलवे ने लंबी दूरी और इंटरसिटी वाली 30 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। इसके पीछे वजह 6 जुलाई को हुई घटना रही। दरअसल, भारी बारिश के कारण कर्जत और लोनावला स्टेशनों के बीच कई जगहों पर भूस्खलन हुआ, जिससे तीनों रेलवे लाइनें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
भूस्खलन मुख्य रूप से घाट सेक्शन में ठाकुरवाड़ी और मंकी हिल केबिन के पास हुआ। अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है, लेकिन मुश्किल इलाके और खतरनाक कामकाजी परिस्थितियों के कारण सामान्य सेवाओं को पूरी तरह से बहाल करने में देरी हो रही है। आइए अब विस्तार से जानते हैं कि कौन-कौन सी 30 ट्रेनें रद्द हुईं? सेंट्रल रेलवे ने बताया कि 30 ट्रेन सेवाओं को रद्द कर दिया है, जिनमें 14 रोजाना चलने वाली ट्रेनें, तय तारीखों पर चलने वाली आठ ट्रेनें और आठ स्पेशल ट्रेनें शामिल हैं। इसने 10 जुलाई से 17 जुलाई तक रोजाना चलने वाली ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द करने की घोषणा की, जिनमें मुंबई और पुणे के बीच डेक्कन क्वीन, डेक्कन एक्सप्रेस, इंटरसिटी एक्सप्रेस सेवाएं, CSMT-हैदराबाद एक्सप्रेस, चेन्नई एग्मोर सुपरफास्ट मेल और हुबली-दादर एक्सप्रेस शामिल हैं। इसके अलावा, महालक्ष्मी एक्सप्रेस, जोधपुर-हडपसर एक्सप्रेस, दादर-सतारा एक्सप्रेस और दादर-साईनगर शिरडी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को भी इस अवधि के दौरान तय तारीखों पर रद्द कर दिया गया है। रेलवे ने अपने जारी नोटिफिकेशन में बताया कि मुंबई और पुणे को गोरखपुर, गाजीपुर सिटी और हजरत निजामुद्दीन से जोड़ने वाली कई स्पेशल ट्रेनों को भी रद्द कर दिया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Railway Minister Ashwini Vaishnaw) ने गुरुवार (9 जुलाई) को मरम्मत कार्य का जायजा लिया और कहा कि भूस्खलन 'भारी' था और इससे रेलवे लाइनों और आसपास के इलाकों को 'काफी' नुकसान पहुंचा है। मुंबई-पुणे रूट पर मुश्किल भोर घाट सेक्शन या खंडाला घाट में तीन ट्रैक हैं। इसमें अप लाइन (मुंबई की ओर), डाउन लाइन (पुणे की ओर) और एक मिडिल लाइन शामिल है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे जानकारी के लिए रेलवे हेल्पलाइन से संपर्क करें या NTES ऐप देखें। रेलवे ने यह भी बताया कि उसके आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भी नियमित अपडेट दिए जा रहे हैं। 9 जुलाई को जारी BMC की एक रिपोर्ट में बताया गया कि 1 जुलाई से मुंबई में भारी बारिश के बीच बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) को पेड़ और उनकी टहनियां गिरने की 1,700 से ज्यादा शिकायतें मिली हैं, जबकि 2025 में यह संख्या 855 थी। BMC की रोजाना की मॉनसून रिपोर्ट के अनुसार, पूरे शहर में पेड़ और उनकी टहनियां गिरने की 1,711 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें पश्चिमी उपनगरों में 693, आइलैंड सिटी में 510 और पूर्वी उपनगरों में 508 घटनाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पिछले सालों की तुलना में पेड़ और टहनियां गिरने की घटनाओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। BMC के आंकड़ों के मुताबिक, शहर में 2023 में पेड़ गिरने की 687 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें से 180 BMC की जमीन पर और 507 निजी जमीन पर थीं। उन्होंने बताया कि 2024 में यह संख्या घटकर 653 हो गई (BMC की जमीन पर 171 और निजी ज़मीन पर 482 घटनाएं), लेकिन 2025 में यह बढ़कर 855 हो गई। (PTI इनपुट के साथ)आठ स्पेशल समते 30 ट्रेनें 7 दिन के लिए ट्रेंने रद्द
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