Kerala CM Race: 10 दिन बाद खत्म हुआ सस्पेंस! वीडी सतीशन पर ही क्यों लगा दांव? ऐसे तय हुआ केरल के नए CM का नाम

Kerala CM Announcement Today : केरल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कई दिनों तक चले सस्पेंस पर आखिरकार कांग्रेस ने विराम लगा दिया। कांग्रेस आलाकमान ने वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीशन को केरल का नया मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री पद की रेस में केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला जैसे बड़े नाम भी शामिल थे, लेकिन आखिर में जमीनी राजनीति और संगठनात्मक पकड़ रखने वाले वीडी सतीशन बाजी मार ले गए।

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कांग्रेस की ओर से कहा गया कि यह फैसला नवनिर्वाचित विधायकों, सहयोगी दलों और वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद लिया गया है। इस फैसले के बाद केरल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और अब सवाल उठ रहा है कि आखिर वीडी सतीशन पर ही कांग्रेस ने भरोसा क्यों जताया?

VD Satheesan Kerala Next CM: क्यों आगे निकल गए वीडी सतीशन?

वीडी सतीशन लंबे समय से केरल कांग्रेस का सक्रिय और मजबूत चेहरा माने जाते हैं। वह सिर्फ संगठन में ही नहीं बल्कि विधानसभा के भीतर भी आक्रामक नेता की छवि बना चुके हैं। 2021 में रमेश चेन्निथला की जगह उन्हें नेता प्रतिपक्ष बनाया गया था और तब से लेकर अब तक उन्होंने लेफ्ट सरकार के खिलाफ कई बड़े मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया। भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और आर्थिक संकट जैसे मुद्दों पर सतीशन लगातार सरकार को घेरते रहे। विधानसभा के अंदर उनकी बहस और जनता के बीच उनकी सक्रियता ने उन्हें कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रिय बना दिया। यही वजह रही कि बड़ी संख्या में कांग्रेस विधायक उनके समर्थन में दिखाई दिए।

IUML का समर्थन बना बड़ा फैक्टर

केरल की राजनीति में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) कांग्रेस की सबसे अहम सहयोगी पार्टी मानी जाती है। सूत्रों के मुताबिक IUML ने खुलकर वीडी सतीशन के नाम का समर्थन किया। माना जा रहा है कि यही समर्थन कांग्रेस हाईकमान के फैसले में निर्णायक साबित हुआ। कांग्रेस नेतृत्व यह भी चाहता था कि ऐसा चेहरा चुना जाए जो गठबंधन सहयोगियों को साथ लेकर चल सके और भविष्य में सरकार को स्थिरता दे सके। सतीशन इस कसौटी पर सबसे मजबूत उम्मीदवार माने गए।

केसी वेणुगोपाल का नाम क्यों पीछे रह गया?

कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे बड़े दावेदारों में शामिल थे। दिल्ली में उनकी मजबूत पकड़ और राहुल गांधी के करीबी होने की वजह से उन्हें काफी मजबूत माना जा रहा था। हालांकि कई वजहें उनके खिलाफ चली गईं। सबसे बड़ी बात यह रही कि वे फिलहाल लोकसभा सांसद हैं। अगर उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाता तो छह महीने के भीतर विधानसभा चुनाव लड़ना पड़ता।

इसके अलावा गठबंधन के कुछ सहयोगी दल और राज्य कांग्रेस के कई नेता उनके नाम पर पूरी तरह सहमत नहीं बताए जा रहे थे। कांग्रेस के भीतर यह धारणा भी थी कि वेणुगोपाल संगठन और राष्ट्रीय राजनीति में ज्यादा प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं, जबकि केरल में जमीनी स्तर पर सतीशन की पकड़ ज्यादा मजबूत है।

Who Is VD Satheesan: कौन हैं वीडी सतीशन?

वीडी सतीशन केरल की परवूर विधानसभा सीट से 2001 से लगातार विधायक हैं। वह पेशे से वकील रहे हैं और छात्र राजनीति से कांग्रेस में सक्रिय हुए थे। सतीशन को साफ-सुथरी छवि और तेजतर्रार वक्ता के रूप में जाना जाता है। 2021 से 2026 तक नेता प्रतिपक्ष के रूप में उन्होंने खुद को राज्य के सबसे प्रमुख विपक्षी नेताओं में शामिल कर लिया। चुनाव प्रचार के दौरान भी उन्होंने पूरे राज्य में कांग्रेस के लिए जोरदार कैंपेन किया और पार्टी को बड़ी जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

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तीन दिग्गज पर चल रही थी खिंचातानी

मुख्यमंत्री पद के लिए तीन प्रमुख चेहरों के बीच कड़ी टक्कर देखी जा रही है:

के.सी. वेणुगोपाल: पार्टी के संगठन महासचिव और गांधी परिवार के बेहद करीबी। सूत्रों के मुताबिक, बड़ी संख्या में नवनिर्वाचित विधायकों ने उनके नाम का समर्थन किया है।

वी.डी. सतीशन: निवर्तमान विधानसभा में विपक्ष के नेता। सतीशन अपनी दावेदारी पर अड़े हुए हैं और उनके पक्ष में केरल के अलुवा स्थित उनके आवास पर समर्थकों का भारी जमावड़ा लगा हुआ है।

रमेश चेन्निथला: पार्टी के वरिष्ठ नेता और अनुभवी चेहरा। चेन्निथला का अनुभव और राज्य की राजनीति में उनकी पकड़ उन्हें एक मजबूत विकल्प बनाती है।

केरल से दिल्ली तक चली लॉबिंग

मुख्यमंत्री पद को लेकर पिछले 10 दिनों से लगातार राजनीतिक लॉबिंग जारी रही। काग्रेस पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक और अजय माकन ने विधायकों और सांसदों से फीडबैक लिया है। राहुल गांधी ने अलग-अलग नेताओं से व्यक्तिगत बातचीत की और पूर्व प्रदेश अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं से भी राय ली गई। दिल्ली और केरल दोनों जगह लगातार बैठकों का दौर चला। इसी बीच अलग-अलग नेताओं के समर्थकों ने पोस्टरबाजी भी शुरू कर दी थी, जिससे हाईकमान नाराज बताया जा रहा है।

कांग्रेस ने दिया क्या संदेश?

वीडी सतीशन को मुख्यमंत्री बनाकर कांग्रेस ने यह संकेत देने की कोशिश की है कि पार्टी अब जमीनी नेताओं और संगठन में मेहनत करने वाले चेहरों को आगे बढ़ाना चाहती है। साथ ही पार्टी ने यह भी दिखाया कि गठबंधन राजनीति और विधायकों की राय को महत्व दिया जाएगा। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि वीडी सतीशन अपनी नई भूमिका में केरल की राजनीति में क्या बदलाव लाते हैं और कांग्रेस सरकार को किस दिशा में लेकर जाते हैं।

कांग्रेस के लिए क्यों अहम है यह फैसला?

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि केरल का फैसला सिर्फ एक राज्य का नेतृत्व तय करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कांग्रेस की आंतरिक राजनीति और नेतृत्व क्षमता की भी बड़ी परीक्षा बन गया है। हाल के वर्षों में कांग्रेस कई राज्यों में मुख्यमंत्री चयन को लेकर अंदरूनी कलह झेल चुकी है। कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में नेतृत्व विवाद पार्टी को भारी पड़ चुका है। ऐसे में केरल में लिया जाने वाला फैसला कांग्रेस के भविष्य की राजनीति के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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