Lukkhe Review: रैप, नशा और बदले की खतरनाक दुनिया, क्यों देखें वेब सीरीज लुक्खे? पढ़ें रिव्यू
वेब सीरीज- लुक्खे (Lukkhe)
स्टारकास्ट- किंग, पलक तिवारी, राशि खन्ना
डायरेक्टर- हिमांक गौर
ओटीटी प्लेटफॉर्म- अमेजन प्राइम वीडियो
स्टार- 3 (***)
Lukkhe Review: पंजाब की चमकती म्यूजिक इंडस्ट्री के पीछे छिपी अंधेरी दुनिया को एक बार फिर पर्दे पर लाने की कोशिश की गई है। करीब एक दशक पहले उड़ता पंजाब ने जिस तरह ड्रग्स, राजनीति और युवाओं की बर्बाद होती जिंदगी की सच्चाई दिखाई थी, उसी माहौल की झलक अब नई वेब सीरीज 'लुक्खे' में देखने को मिलती है।

रैप, नशा और बदले की खतरनाक दुनिया
हालांकि ये कहानी सिर्फ नशे या अपराध तक सीमित नहीं रहती बल्कि रिश्तों, बदले, प्यार और अपराधबोध की परतों में भी गहराई से उतरती है। इस वेब सीरीज की सबसे बड़ी खासियत ये है कि मशहूर रैपर King ने इसी के जरिए एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा है। अपने सुपरहिट गानों से युवाओं के बीच पहचान बनाने वाले किंग अब स्क्रीन पर एक खतरनाक और भावनात्मक किरदार में नजर आते हैं।
क्या है वेब सीरीज की कहानी?
-वेब सीरीज की कहानी पंजाब के युवा हॉकी खिलाड़ी लकी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी जिंदगी दोस्त की मौत के बाद पूरी तरह बदल जाती है। नशे के आरोप में उसे रीहैब सेंटर भेजा जाता है, जहां उसकी मुलाकात सन्नो से होती है। दोनों धीरे-धीरे करीब आते हैं लेकिन लकी को जल्द ही पता चलता है कि सन्नो एक ऐसे रैपर की बहन है, जिसकी दुनिया अपराध, ड्रग्स और हिंसा से भरी हुई है।
-King द्वारा निभाया गया MC बदनाम सिर्फ स्टेज पर रैप नहीं करता बल्कि संगीत की आड़ में युवाओं तक खतरनाक ड्रग्स पहुंचाने का नेटवर्क भी चलाता है। दूसरी तरफ उसका प्रतिद्वंद्वी OG भी अपने अतीत और गुस्से से जूझता नजर आता है। इन दोनों की दुश्मनी कहानी को लगातार हिंसा और तनाव की ओर धकेलती रहती है।
-इसी बीच पुलिस अफसर गुरबानी कौर लकी को मुखबिर बनाकर इस गैंग के भीतर भेजती है। अब लकी एक ऐसे खेल में फंस जाता है, जहां हर कदम पर उसे दोस्ती, प्यार और सच के बीच चुनाव करना पड़ता है।
भावनात्मक गहराई बनी सीरीज की सबसे बड़ी ताकत
-निर्देशक हिमांक गौर ने वेब सीरीज को सिर्फ गैंगवार या ड्रग्स की कहानी बनाकर नहीं छोड़ा। उन्होंने हर किरदार के दर्द, टूटन और मानसिक संघर्ष को विस्तार से दिखाने की कोशिश की है। MC बदनाम और उसकी बहन का अतीत हो या फिर लकी का अपराधबोध, हर किरदार अपने भीतर एक भारी बोझ लेकर चलता है।
-पुलिस अफसर गुरबानी का किरदार भी सिर्फ एक सख्त अधिकारी का नहीं बल्कि एक ऐसी बेटी का है जो परिवार और जिम्मेदारियों के बीच टूटती नजर आती है। यही वजह है कि वेब सीरीज का लगभग हर किरदार असली और मानवीय महसूस होता है। बदले की आग के बीच दोस्ती, प्रेम, अकेलापन और मोक्ष जैसी भावनाएं कहानी को गहराई देती हैं।
रैप बैटल्स में कमी लेकिन ड्रामा पकड़ बनाए रखता है
-वेब सीरीज की थीम रैप कल्चर के इर्द-गिर्द घूमती है लेकिन म्यूजिक और रैप बैटल्स उतना असर नहीं छोड़ते, जितनी उम्मीद की जाती है। कुछ सीक्वेंस दमदार हैं लेकिन बाकी हिस्सों में रफ्तार थोड़ी कमजोर पड़ती है।
-मिड पोर्शन में कहानी थोड़ी खिंची हुई महसूस होती है। हालांकि प्री-क्लाइमैक्स में आने वाले ट्विस्ट फिर से दिलचस्पी बढ़ा देते हैं। एडिटिंग और स्क्रीनप्ले में कसावट की कमी जरूर खलती है लेकिन इमोशनल कनेक्ट अंत तक बना रहता है।
वेब सीरीज की स्टारकास्ट और उनकी दमदार एक्टिंग
-किंग ने अपने एक्टिंग डेब्यू में उम्मीद से बेहतर काम किया है। उन्होंने एक ऐसे रैपर का किरदार निभाया है, जो गुस्से, दर्द और हिंसा से भरा हुआ है। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस कई दृश्यों में प्रभाव छोड़ती है।
-वहीं पलक तिवारी इस वेब सीरीज का बड़ा सरप्राइज साबित होती हैं। सन्नो के किरदार में उन्होंने भावनात्मक दृश्यों को मजबूती से निभाया है। राशि खन्ना भी पुलिस अफसर के रोल में जमी हैं और एक्शन सीन्स में प्रभाव छोड़ती हैं।
-बाकी कलाकारों ने भी कहानी को मजबूती दी है। खासकर OG के रोल में शिवांकित सिंह परिहार और कुछ छोटे लेकिन असरदार किरदार दर्शकों का ध्यान खींचते हैं।
क्यों देखें ये वेब सीरीज?
अगर आपको क्राइम-ड्रामा, गैंगवार और इमोशनल स्टोरीलाइन वाली वेब सीरीज पसंद हैं तो लुख्खे एक बार जरूर देखी जा सकती है। ये सीरीज सिर्फ अपराध की कहानी नहीं सुनाती बल्कि ये भी दिखाती है कि बदले और नफरत की आग आखिरकार हर रिश्ते को जला देती है।












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