Kharif Crop MSP : स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट का फिर हुआ जिक्र, BJD सांसद ने केंद्र से की 5 मांगें
ओडिशा की सत्तारुढ़ पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) के पूर्व सांसद डॉ सस्मित पात्रा ने किसानों की स्थिति सुधारने के लिए केंद्र सरकार से पांच मांगें की हैं। खरीफ फसलों की एमएसपी बढ़ने के दो दिन बाद पात्रा ने 5 मांगें की हैं।
भुवनेश्वर, 10 जून : खरीफ फसलों की एमएसपी (Kharif Crop MSP) बढ़ाने की घोषणा के दो दिन बाद ओडिशा के BJD के पूर्व सांसद ने केंद्र से 5 मांगें की हैं। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट का जिक्र कर पूर्व बीजद सांसद डॉ सस्मित पात्रा ने कहा, किसानों की स्थिति में सुधार लाने के लिए अभी कई और उपाय किए जाने बाकी हैं।

100 रुपये MSP हाइक काफी नहीं
गौरतलब है कि बीजू जनता दल ने बुधवार (8 जून) को एमएसपी बढ़ने के ऐलान के अगले ही दिन केंद्र के समक्ष किसानों के विकास और उनकी आजीविका के उत्थान की मांग रखी। गुरुवार को विभिन्न मांगें सामने रखते हुए बीजद प्रवक्ता डॉ सस्मित पात्रा ने कहा, केंद्र ने सामान्य किस्म के धान की एमएसपी 100 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 2,040 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया। उन्होंने कहा कि केवल 100 रुपये प्रति क्विंटल की एमएसपी वृद्धि पर्याप्त नहीं है।
केंद्र सरकार ने नहीं मानी मांग
पात्रा ने कहा, बीजद स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट की सिफारिशों के अनुसार C2 मूल्य पर धान की एमएसपी को उत्पादन लागत का 1.5 गुना बढ़ाने की मांग कर रहा है, लेकिन केंद्र सरकार ने अभी तक ऐसा नहीं किया है।
ओडिशा के भाजपा नेताओं ने किया समर्थन, लेकिन
बीजद प्रवक्ता सस्मित पात्रा ने किसानों के लिए एमएसपी में वृद्धि संबंधी ओडिशा विधानसभा में पारित प्रस्ताव का जिक्र कर आरोप लगाया कि केंद्र ने प्रस्ताव की मांगों को पूरा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि ओडिशा विधानसभा में भाजपा नेताओं ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव का समर्थन किया था।
5 साल से लंबित हैं मांगें
उन्होंने कहा कि करीब पांच साल पहले, 25 मार्च, 2017 को, ओडिशा विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था। इसमें सामान्य धान की एमएसपी बढ़ाकर 2,930 रुपये प्रति क्विंटल करने की सिफारिश की गई थी। बकौल सस्मित पात्रा, भाजपा, कांग्रेस और बीजेडी सहित सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से इसका समर्थन किया था, लेकिन पांच साल के बाद भी इस प्रस्ताव को केंद्र ने लागू नहीं किया है।
चावल नहीं उठा रहा केंद्र
बकौल सस्मित पात्रा, ओडिशा विधानसभा के अलावा बीजद सांसदों ने संसद में भी किसानों से जुड़ी कई मांगें रखी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने ओडिशा से अतिरिक्त उबले चावल (surplus parboiled rice) का उठाव रोकने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने ओडिशा से अधिशेष चावल का उठाव बंद करने का फैसला लिया है।
लाखों किसानों पर पड़ेगा असर
पात्रा ने कहा, ओडिशा में पैदा होने वाले अधिकांश चावल उबले हुए हैं। देश में जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) से बांटे जाने वाले अधिकांश चावल ओडिशा से आते हैं। अब उबले चावल का उठाव रोकने से ओडिशा के लाखों किसानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। पश्चिमी ओडिशा के किसान प्रमुख रूप से प्रभावित होंगे।
किसानों की पांच मांग
किसानों से संबंधित मुद्दों और 5 मांगों का उल्लेख करते हुए पात्रा ने कहा- धान की एमएसपी बढ़ाकर 2,930 रुपये प्रति क्विंटल करना चाहिए। दूसरी डिमांड स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर धान की एमएसपी C2 मूल्य से 1.5 गुना बढ़ाया जाना चाहिए। तीसरी डिमांड- ओडिशा के सरप्लस चावल के उठाव पर लगी रोक को तुरंत हटाना है।
ओडिशा को लंबित भुगतान
दो अन्य मांगों पर पात्रा ने कहा, केंद्र के पास लंबित 10,333 करोड़ रुपये की खाद्य सब्सिडी बिल ओडिशा को तुरंत मिलना चाहिए। पांचवीं मांग ब्याज के रूप में 5454.67 करोड़ रुपये दिया जाना है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च, 2022 तक केंद्र द्वारा सब्सिडी की कम रिलीज के कारण ओडिशा को 5454.67 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ब्याज मिलना चाहिए।












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