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इस किसान ने 200 से अधिक औषधीय पौधों का किया संरक्षण, 40 साल से सहेज रहे प्रकृति की नेमत

किसानों का काम केवल अन्न उपजाना ही नहीं, उनका काम प्रकृति से मिली अनमोल चीजों को सहेजना भी है। कर्नाटक के किसान एमवी प्रकाश राव औषधीय पौधों का संरक्षण कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें अवॉर्ड भी मिल चुका है।

शिवमोग्गा, 04 जून : कर्नाटक के किसान एमवी प्रकाश राव (MV Prakash Rao) उन किसानों के लिए मिसाल हैं, जो प्राकृतिक चुनौतियों के सामने घुटने टेक देते हैं। प्रकाश पिछले 40 साल से औषधीय पौधों को संरक्षित करने का काम कर रहे हैं। अपनी जमीन को छोटे से जंगल में बदल चुके प्रकाश राव को उनके योगदान के लिए सम्मानित भी किया जा चुका है। लगभग 200 से अधिक पौधों को संरक्षित करने वाले 64 वर्षीय प्रकाश राव कर्नाटक के शिवमोग्गा में औषधीय पौधों की खेती भी करते हैं। आईसीएआर अवॉर्ड से सम्मानित किसान प्रकाश, बहुस्तरीय खेती (multi-tier) के अलावा बहु फसल वानिकी मॉडल (multi-crop agroforestry model) के प्रचार में भी जुटे हैं। जानिए इस अनोखे किसान की प्रेरक कहानी (सभी फोटो वीडियो ग्रैब- यूट्यूब @डीडी न्यूज)

आईसीएआर की ओर से जीनोम सेवियर अवॉर्ड

आईसीएआर की ओर से जीनोम सेवियर अवॉर्ड

शिवमोग्गा के एमवी प्रकाश राव औषधीय पौधों को संरक्षित करने के मिशन में जुटे हैं। दुर्लभ मेडिसिनल प्लांट्स का संरक्षण कर रहे किसान एमवी प्रकाश राव को नवंबर, 2021 में आईसीएआर की ओर से जीनोम सेवियर अवॉर्ड दिया गया। 64 वर्षीय किसान प्रकाश राव ने छोटी कृषि भूमि में औषधीय पौधों की 30 किस्में संरक्षित की हैं।

विलुप्त हो रहे पौधों का संरक्षण

विलुप्त हो रहे पौधों का संरक्षण

किसान प्रकाश राव के मुताबिक वे अपनी कृषि भूमि को कई खंडों में बांट कर औषधीय पौधे और मसाले उगाते हैं। विशेषज्ञों ने पश्चिमी घाट के जंगल (मलनाड क्षेत्र के औषधीय पौधे- Malnad medicinal plants) में लगभग 3,000 औषधीय पौधों की पहचान की है। कई पौधे विलुप्त होने की कगार पर हैं। प्रकाश बताते हैं कि अपनी भूमि पर उन्होंने 30 औषधीय किस्म के पौधों की खेती की है और 200 किस्मों को संरक्षित किया है।

पौधों की मार्केट वैल्यू और डिमांड

पौधों की मार्केट वैल्यू और डिमांड

प्रकाश ने जिन 30 लुप्तप्राय प्रजातियों का संरक्षण किया है उनमें कई पौधों की मार्केट वैल्यू और डिमांड काफी अच्छी है। वे प्राकृतिक खेती के सिद्धांत से इन पौधों को उगाते हैं। अनोखे अंदाज में औषधीय पौधों की खेती कर रहे किसान प्रकाश राव से कई लोगों ने प्रेरणा पाई है।

पौधों की नर्सरी भी तैयार की

पौधों की नर्सरी भी तैयार की

64 वर्षीय किसान एमवी प्रकाश राव ने निराले अंदाज में काम करते हुए मेडिसिनल प्लांट बेल्ट के साथ औषधीय महत्व के पौधों की नर्सरी भी तैयार की है। कई पौधे ऐसे हैं जो विलुप्त होने की कगार पर थे, लेकिन प्रकाश के खेत में जंगलनुमा जगह होने के कारण प्राकृतिक रूप से ही उगते हैं।

औषधीय पौधों के सेवियर किसान प्रकाश राव

औषधीय पौधों के सेवियर किसान प्रकाश राव

प्लांट जीनोम सेवियर अवॉर्ड से सम्मानित किसान एमवी प्रकाश राव ने शिवमोग्गा में अपने खेत में अमृत ​​बल्ली (Amruth Balli), शतावरी (Shatavari), शंख पुष्पा (Shanka Pushpa), ओंडेलगा (Ondelaga), हिप्पली (Hippali), छव्य (Chavya), गणपे (Ganape), अग्निशिके (Agnishike), जाली (Jaali) की खेती करते हैं। इन पौधों सहित 30 से अधिक प्रकार की लताएं (creepers), जिनका औषधीय महत्व है, किसान प्रकाश राव की भूमि पर उपलब्ध हैं।

प्रकाश के काम से किसानों को मिली प्रेरणा

प्रकाश के काम से किसानों को मिली प्रेरणा

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की ओर से नेशनल जीनोम सेवियर अवॉर्ड 2021 (National Genome Savior Award) के लिए चुने गए प्रकाश को 11 नवंबर को दिल्ली में प्लांट जीनोम सेवियर अवॉर्ड दिया गया था। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक प्रकाश राव ने कहा, उनका संरक्षण कार्य देखने-समझने के लिए कई कृषकों ने उनसे मुलाकात की। खेतों में औषधीय पौधों के संरक्षण से लोग प्रेरित भी हुए।

संरक्षण में यूनिवर्सिटी से मिला समर्थन

संरक्षण में यूनिवर्सिटी से मिला समर्थन

किसान एमवी प्रकाश राव के कार्यों में शिवप्पा नायक कृषि और बागवानी विश्वविद्यालय (Shivappa Nayaka Agriculture and Horticulture University) ने भी साथ दिया। उन्होंने औषधीय पौधों को बचाने और बढ़ावा देने की दिशा में हुए काम के लिए यूनिवर्सिटी के लोगों का आभार भी प्रकट किया। एएनआई की रिपोर्ट में प्रकाश के कार्यों पर यूनिवर्सिटी के डॉ उल्लासा एमवाई ने बताया कि कृषि और बागवानी से जुड़े प्रकाश प्रगतिशील किसान हैं। उन्होंने अपने खेत में मलनाड औषधीय पौधों के संरक्षण समेत औषधीय पौधों की लगभग 200 किस्मों का संरक्षण किया है।

13 साल से दिए जा रहे अवॉर्ड

13 साल से दिए जा रहे अवॉर्ड

प्लांट जीनोम सेवियर अवार्ड केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से दिया जाता है। पौधों की किस्मों के संरक्षण के लिए दिए जाने इस सम्मान का मकसद किसानों को दुर्लभ और मार्केट में अच्छी कीमत मिलने वाले पौधों के संरक्षण के लिए प्रोत्साहित करना है। अवॉर्ड दिए जाने की शुरुआत 2009-10 से हुई थी।

हल्दी की कई किस्मों की खेती

हल्दी की कई किस्मों की खेती

शिवमोग्गा के किसान एमवी प्रकाश राव राव ने अपने खेत में हल्दी की कई किस्में उगाई हैं। इसके अलावा औषधीय कंद और लताओं (tubers and creepers) सहित मलनाड औषधीय पौधों का संरक्षण भी किया है।

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