Local Goes Global : भारतीय अंगूरों की लंदन में धाक, APEDA पवेलियन पर तीन दिनों तक चखें वाइन
लंदन वाइन फेयर 2022 (london wine fair 2022) में भारत में बनी शराब का आनंद लिया जा सकता है। APEDA ने बताया है कि 7-9 जून के बीच लंदन में भारत के स्टॉल पर इंडियन वाइन टेस्ट की जा सकती है। पढ़िए रिपोर्ट
नई दिल्ली, 07 जून : लंदन वाइन फेयर (London Wine Fair) में भारतीय अंगूरों से बनी वाइन चखी जा सकती है। अगर आप वाइन की अलग-अलग वेराइटी ट्राइ करने के शौकीन हैं तो ये खबर आपके लिए है। लंदन में APEDA के पवेलियन पर भारत में बनी शराब की वेराइटी पेश की जाएगी। यहां आकर आप इंडियन वाइन चख सकते हैं। कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री के तहत काम करने वाली इकाई APEDA ने एक ट्वीट में बताया कि लंदन में एपीडा पवेलियन नंबर जे41 पर इंडियन वाइन का आनंद लिया जा सकता है। बता दें कि अंगूरों से भारत में बनी वाइन बड़े पैमाने पर एक्सपोर्ट होती है। वनइंडिया हिंदी की इस रिपोर्ट में जानिए, भारत की मिट्टी में उपजने वाले दो अंगूरों की विशेषता। ये भी जानिए कि APEDA (कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) के सौजन्य से इससे पहले किन खास मौकों पर विदेशी सरजमीं पर इंडियन वाइन विदेशी मेहमानों को भेंट की जा चुकी है। (आलेख में लगी सभी तस्वीरें साभार APEDA के आधिकारिक ट्विटर हैंडल- @apedadoc से ली गई हैं)

कब है लंदन वाइन फेयर 2022
कब है लंदन वाइन फेयर 2022 ? इस सवाल का जवाब APEDA ने एक ट्वीट में दिया। एपीडा ने बताया कि 7-9 जून के बीच लंदन वाइन फेयर ओलंपिया के दौरान स्टॉल नंबर जे41 पर आकर भारत में बनी शराब / वाइन को टेस्ट किया जा सकता है। बता दें कि भारत में बड़े पैमाने पर अंगूर के उत्पादन के अलावा देश में अंगूर से बनी शराब भी एक्सपोर्ट की जाती है। ऐसे में वाइन के शौकीनों के लिए लंदन वाइन फेयर (london wine fair) सुनहरा मौका है।

भारत के अंगूरों की विदेश में डिमांड
भारत के अंगूरों की विदेश में डिमांड का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नीदरलैंड, रूस, यूनाइटेड किंगडम, बांग्लादेश और जर्मनी जैसे देशों में भारत से अंगूर निर्यात किया जाता है। APEDA के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2018-19 में केवल इन पांच देशों में 243.5 मिलियन यूएस डॉलर मूल्य के अंगूरों का निर्यात किया गया था।
इसके अलावा अंगूर से बनने वाली शराब के निर्यात पर जुलाई 2019 में DGCI&S ने बताया कि भारत में अंगूर से बनने वाली वाइन का निर्यात लगातार बढ़ रहा है। आंकड़ों पर एक नजर-
- 2016-17 में 317.70 मिलियन यूएस डॉलर
- 2017-18 में 351.54 मिलियन यूएस डॉलर
- 2018-19 में 383.60 मिलियन यूएस डॉलर

कर्नाटक में पैदा होने वाले बैंगलोर ब्लू अंगूर
बैंगलोर ब्लू अंगूर कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के ग्रामीण इलाकों में उपजाए जाते हैं। डोड्डाबल्लापुर, देवनहल्ली, नेलामंगला और होसकोटे क्षेत्र में उपजाए जाने वाले इन अंगूरों की शेल्फ लाइफ अच्छी होती है। इन अंगूरों का उपयोग जूस और वाइन बनाने के लिए किया जाता है।
जूस और शराब के लिए आदर्श अंगूर
बैंगलोर ब्लू अंगूर में 16-18% घुलनशील चीनी (Total Soluble Sugar) होती है। इन अंगूरों का आकार छोटा होता है। गहरे बैंगनी रंग के ये अंगूर अंडाकार, बीज वाले और मोटे छिलके वाले होते हैं। इनमें खट्टे और मीठे का मिला-जुला स्वाद इन अंगूरों को विशेष बनाता है। जूस बैंगनी रंग का होता है जो अंगूर के शौकीन लोगों को खास तौर से पसंद आता है।

नासिक के अंगूरों की विशेषता
भारत में अंगूर की खेती बड़े पैमाने पर होती है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र में सबसे अधिक अंगूर उत्पादन होता है। नासिक में पैदा होने वाले अंगूर को इसके अनोखे स्वाद के लिए जीआई टैग दिया जा चुका है। एपीडा के मुताबिक नासिक के अंगूरों की विशेषता इनका आकर्षक होना है। इसके अलावा आकार में इन अंगूरों का गुच्छा शंकु की तरह होता है। ढीले लेकिन अच्छी तरह से भरे हुए (loose yet well filled), होने के अलावा नासिक के अंगूर मुलायम छिलकों के लिए लोकप्रिय हैं। अंगूर की ये किस्म कुरकुरा गूदा (crisp pulp) और बीज रहित होती है।

मंजरी नवीन अंगूर की खेती
एपीडा के मुताबिक भारत में पैदा होने वाली मंजरी नवीन ग्रेप की वेराइटी की भी मार्केट में अच्छी डिमांड है। मंजरी नवीन अंगूर बाकी अंगूरों से 25 दिन पहले पक जाता है। एक हेक्टेयर में 20-25 टन एक्सपोर्ट क्वालिटी के अंगूर पैदा किए जा सकते हैं। अंगूर पर शोध के लिए पुणे में स्थापित राष्ट्रीय संस्था NRCG भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के तहत काम करती है। मंजरी अंगूर पर NRCG का दावा है कि यूरोपीय बाजारों में इसकी अच्छी डिमांड है। इसके अलावा मध्यपूर्वी देश और साउथ ईस्ट एशिया के देशों में भी मंजरी अंगूर की अच्छी मांग है। भारत में मेट्रो सिटी और सुपर मार्केट में मंजरी अंगूर खूब बिकते हैं। इस उन्नत किस्म की खेती में मजदूरी की लागर भी 50-60 फीसद कम हो जाती है।

ग्रीस के वित्त मंत्री को पसंद आई अरुणाचल की वाइन
सितंबर, 2019 में ग्रीस के वित्त मंत्री क्रिस्टॉस स्टैकॉउरस (Christos Staikouras) को भारत के अरुणाचल प्रदेश में बनी कीवी वाइन ऑफर की गई थी। APEDA के पवेलियन में पहुंचे ग्रीस के वित्त मंत्री ने कीवी वाइन के टेस्ट को यूनिक बताया था।

60 देशों के सामने पेश की गई अरुणाचल की कीवी वाइन
APEDA भारत में बनी चीजों और कृषि से जुड़े उत्पादों को वैश्विक बाजार मुहैया कराने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। इसी का प्रमाण है वैश्विक मंचों पर भारत में बनी वाइन विदेशी मेहमानों को बतौर उपहार भेंट करना। लगभग 5 वर्ष पहले, वर्ल्ड फूड इंडिया 2017 में APEDA के स्टॉल पर पूर्वोत्तर भारतीय राज्य अरुणाचल प्रदेश में बनी कीवी वाइन का प्रदर्शन किया गया था। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित इस प्रोग्राम में 60 देशों के मेहमान शामिल हुए थे।

शंघाई में इंडियन वाइन की सैंपलिंग
नवंबर 2019 में एक अन्य मौके पर APEDA की ओर से शंघाई में इंडियन वाइन की वेट सैंपलिंग का आयोजन किया गया था। इस समारोह में भी बड़ी संख्या में विदेशी मेहमानों को भारतीय वाइन के प्रति उत्सुक देखा गया। वेट सैंपलिंग में इंडियन वाइन के अलावा चिकेन बिरयानी और दाल मखनी-नान का भी ऑफर दिया गया।

चीन के सबसे बड़े शहर में भारत की वाइन
यूं तो भारत को सबसे बड़ा मार्केट माना जाता है, लेकिन जनसंख्या के लिहाज से चीन की आबादी भारत से अधिक है। ऐसे में भारत की वाइन के लिए वैश्विक बाजार में संभावनाओं की तलाश करने के मकसद से APEDA की ओर से चीन के सबसे बड़े शहर शंघाई में भारत में बनी वाइन और अन्य उत्पादों का पवेलियन लगाया गया था। नवंबर, 2018 में चाइना इंटरनेशनल इंपोर्ट एक्सपोजिशन (China International Import Exposition) में APEDA के पवेलियन में विदेशी मेहमान बड़ी संख्या में आए थे।












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