कर्नाटक में कोविड मरीज क्यों दे रहे हैं जान, यह जानना एक्सपर्ट के लिए बड़ी चुनौती

मैसुरू, 12 मई: पिछले दो हफ्तों में कर्नाटक में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसमें कोविड संक्रमित मरीज और यहां तक कि किसी इंफेक्टेड व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों ने भी अपनी जान दे दी है। शायद उन्हें इस बात का डर था कि उनपर दोषारोपण होगा या फिर वह अपने परिवार वालों को भी संक्रमित कर देंगे। लेकिन, विशेषज्ञों के लिए यह स्थिति इसलिए बड़ी चुनौती बनकर उभरी है, क्योंकि ऐसे मामलों की तादाद अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गई है और इतनी बड़ी संख्या में लोगों की काउंसलिंग कर पाना लगभग नामुकिन लग रहा है।

Stress, fear and anxiety in Karnataka increased the number of taking extreme step in Covid infected patients

कर्नाटक में कोविड मरीज जान क्यों दे रहे हैं
पिछले रविवार से अबतक पुराने मैसुरू क्षेत्र में तीन कोविड मरीजों ने अपनी जिंदगी खत्म कर ली है और ये सभी वरिष्ठ नागरिक थे। चिकमंगलुर के एक रिटायर्ड डिप्टी तहसीलदार का अपनी जान देना तो और भी चौंकाने वाला मामला है। यह ट्रेंड अब उत्तर कर्नाटक में भी बढ़ने लगा है। चामराजनगर की एसपी दिव्या सारा थॉमस के मुताबिक कुछ लोग संक्रमित होने के बाद बहुत ज्यादा घबरा जाते हैं। उन्होंने कहा कि 'इस तरह से पैनिक करना बेवजह है।' जबकि, 'दूसरी ओर कुछ ऐसे युवा हैं जो इंफेक्शन को बहुत ही हल्के में लेते हैं, जिससे बाद में उन्हें दिक्कत होती है।'

मरीजों को अपनी बातें रखने का मौका मिले-एक्सपर्ट
मैसुरू मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के मनोचिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉक्टर रवीश बीएन का कहना है कि चिंता, नाउम्मीदी और भविष्य को लेकर डर इस तरह के कदम उठाने की वजहें हैं। उन्होंने सलाह दी है कि 'तत्कालिक उपाय तो यही है कि मरीजों को अपनी बातें रखने का पूरा मौका दिया जाए। उन्हें जुड़ाव महसूस कराने और समाज से ऐसे इंफेक्टेड लोगों को आवश्यक सपोर्ट मिलने से मदद मिलेगी।'

एक्सपर्ट ऐसे पहुंचा रहे हैं मदद
धारवाड़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज ने कोविड की वजह से डिप्रेशन और चिंता के शिकार हो रहे लोगों की मदद के लिए अपनी हेल्पलाइन नंबर बढ़ा दिए हैं। इसने पिछले साल हजारों लोगों की टेली-साइकोथेरेपी से काउंसलिंग करके मदद पहुंचायी थी। पिछले साल जब मामले घटने लगे थे तो इसने अपने नंबर 8 से घटाकर एक कर दिए थे। लेकिन, दूसरी लहर के साथ इसकी संख्या फिर से बढ़ा दी गई है। इस इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डॉक्टर महेश देसाई ने कहा है कि दूसरी लहर के बाद उन्हें करीब 1,100 कॉल आ रहे हैं। उन्होंने कहा है 'हमने अब 4 डेडिकेटेड लाइन, तीन लैंडलाइन और एक मोबाइल हेल्पलाइन लॉन्च कर दिए हैं। अगर किसी को मौजूदा हालात को लेकर किसी तरह का तनाव, चिंता या डिप्रेशन है तो उन्हें जानना चाहिए की मदद मौजूद है।'

उन्होंने जो हेल्पलाइन नंबर बताए वो हैं-(0091) 8362748401, 8362748402, 8362748403 या 9113258734 (मोबाइल)। इसपर सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक एक्सपर्ट से सलाह ली जा सकती है।

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