अमेरिका में भारतीय कपल ने ऐसा क्या कर दिया जो मचा है बवाल? VIRAL VIDEO के बाद डिपोर्टेशन की नौबत
मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच अमेरिका से आया एक वायरल वीडियो जबरदस्त विवाद का कारण बन गया है। वॉशिंगटन डीसी स्थित राष्ट्रीय द्वितीय विश्व युद्ध स्मारक (National World War II Memorial) पर डांस करते हुए एक भारतीय मूल के शख्स का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। अब मामला अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारियों तक पहुंच गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मधु राजू (Madhu Raju) बताया जा रहा है, जो भारतीय मूल का है और अमेरिका में नॉन-इमिग्रेंट वीजा पर रह रहा है। वीडियो में वह एक महिला के साथ मेमोरियल परिसर में कोरियोग्राफ्ड डांस करते नजर आता है।

यह वीडियो पहले TikTok पर पोस्ट किया गया था, जिसके बाद यह तेजी से अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैल गया। हालांकि वीडियो में नजर आ रही महिला की पहचान अब तक सार्वजनिक नहीं हुई है।
Viral Video पर इतना क्यों बड़ा विवाद?
जिस जगह यह वीडियो शूट किया गया, वह अमेरिका के सबसे सम्मानित स्मारकों में से एक है। National World War II Memorial द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका की सेना में सेवा देने वाले करीब 1.6 करोड़ सैनिकों और युद्ध में जान गंवाने वाले 4 लाख से अधिक लोगों की याद में बनाया गया है। इसी वजह से इस स्मारक को श्रद्धांजलि और सम्मान की जगह माना जाता है। कई सोशल मीडिया यूजर्स और वेटरन्स ग्रुप्स ने कहा कि इस तरह का डांस वीडियो इस जगह की गरिमा के खिलाफ है।
सोशल मीडिया पर जमकर हुई आलोचना
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई यूजर्स ने कहा कि राष्ट्रीय स्मारक कोई TikTok डांस स्टेज नहीं है। एक यूजर ने लिखा कि यह 'बलिदान और याद का स्थान है, सोशल मीडिया कंटेंट बनाने की जगह नहीं।' वहीं एक अन्य यूजर ने याद दिलाया कि द्वितीय विश्व युद्ध में भारत से भी करीब 25 लाख सैनिक शामिल हुए थे। उसने लिखा कि उसके दादा भी उस युद्ध में शामिल थे और घायल हुए थे, इसलिए ऐसे स्मारक का सम्मान करना जरूरी है।
नौकरी और डांस स्टूडियो को लेकर भी चर्चा
विवाद बढ़ने के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा भी किया गया कि Madhu Raju अमेरिका की साइबर सिक्योरिटी कंपनी Palo Alto Networks में क्लाउड नेटवर्क सिक्योरिटी इंजीनियर के तौर पर काम कर चुके हैं।
कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि वह MAD Dallas नाम से एक डांस स्टूडियो चलाते थे।
हालांकि विवाद बढ़ने के बाद उस स्टूडियो की वेबसाइट और सोशल मीडिया पेज अचानक बंद या डिलीट कर दिए गए। बताया जा रहा है कि उनके कई सोशल मीडिया अकाउंट, जैसे LinkedIn और Instagram, भी वीडियो वायरल होने के बाद हटा दिए गए।
अब क्यों उठी डिपोर्टेशन की बात?
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस विवाद के बाद अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारियों ने मामले की समीक्षा शुरू कर दी है। अमेरिकी कानून के मुताबिक अगर कोई वीजा धारक ऐसी गतिविधि करता है जो उसके वीजा की शर्तों के खिलाफ मानी जाए, तो उसके वीजा पर कार्रवाई हो सकती है। हालांकि सिर्फ डांस करना कोई अपराध नहीं है, लेकिन बिना अनुमति के फेडरल स्मारकों पर प्रदर्शन करना या वीडियो शूट करना कुछ मामलों में नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है।
नेशनल पार्क सर्विस के नियम क्या कहते हैं?
इस स्मारक का प्रबंधन National Park Service के पास है। इसके नियमों के अनुसार राष्ट्रीय स्मारकों और मेमोरियल साइट्स पर ऐसा कोई भी काम नहीं किया जा सकता जिससे उस जगह का शांत और सम्मानजनक माहौल प्रभावित हो।
भारतीय-अमेरिकी समुदाय में बंटी राय
इस घटना को लेकर भारतीय-अमेरिकी समुदाय में भी अलग-अलग राय सामने आई है। कुछ लोगों ने इस हरकत को असंवेदनशील बताया, जबकि कुछ का कहना है कि सिर्फ एक वीडियो के आधार पर डिपोर्टेशन की मांग करना जरूरत से ज्यादा सख्त प्रतिक्रिया हो सकती है।
माफी की खबर, लेकिन जांच जारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक Madhu Raju ने इस घटना के लिए माफी भी मांगी है और कहा कि उनका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। फिलहाल मामला अमेरिकी अधिकारियों के पास है और इमिग्रेशन कानून के तहत इसकी समीक्षा की जा रही है। आने वाले हफ्तों में औपचारिक सुनवाई के बाद ही यह साफ होगा कि उनके वीजा स्टेटस पर कोई कार्रवाई होगी या नहीं।












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