Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

IAS Story: किसान को हल्के में लेना DM को पड़ा भारी! कोर्ट ने क्यों दिया आलीशान घर की कुर्की का आदेश?

IAS Story: कहते हैं कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं, और जब बात एक गरीब किसान के हक की हो, तो सत्ता की कुर्सी पर बैठा बड़ा से बड़ा अधिकारी भी इसकी जद में आ जाता है। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। यहां की तेज-तर्रार IAS अधिकारी जसजीत कौर (DM Bijnor) के सरकारी आवास को कुर्क करने का आदेश मुरादाबाद की विशेष कोर्ट ने जारी किया है।

एक किसान की जमीन अधिग्रहित करने के बाद सालों तक उसे मुआवजे के लिए दर-दर भटकाना अब सिस्टम को महंगा पड़ गया है। इस मामले में नौबत अब डीएम के बंगले की नीलामी तक आ पहुंची है। आखिर क्या है यह पूरा विवाद और कौन हैं आईएएस जसजीत कौर? आइए जानते हैं इस कानूनी लड़ाई की पूरी इनसाइड स्टोरी।

jasjit kaur

क्यों आया 'कुर्की' का आदेश? एक किसान की 5 साल लंबी जंग

यह विवाद बिजनौर के ईब्राहीमपुर कुम्हारपुरा गांव के एक किसान उमेश से जुड़ा है। मामला कुछ इस तरह है कि सिंचाई विभाग ने नहर बनाने के लिए उमेश की 1.16 हेक्टेयर जमीन ली थी। किसान को सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा मिलना था, लेकिन विभाग ने उसे एक रुपया तक नहीं दिया।

हार मानकर उमेश ने साल 2020 में 'लारा' (भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण) कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने 25 लाख 23 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। जब प्रशासन ने इस आदेश को भी हल्के में लिया, तो जस्टिस जैगमउद्दीन ने ऐतिहासिक रुख अपनाते हुए डीएम आवास की कुर्की का आदेश दे दिया। कोर्ट ने डीएम को 9 जनवरी 2026 को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।

कौन हैं IAS जसजीत कौर? (Profile & Career)
जसजीत कौर उत्तर प्रदेश कैडर की 2012 बैच की एक अनुभवी और सख्त छवि वाली आईएएस अधिकारी हैं।

  • जन्म और शिक्षा: इनका जन्म 14 अक्टूबर 1984 को अमृतसर, पंजाब में हुआ। इन्होंने बी.एससी. (इकोनॉमिक्स) और पीजीडीसीए की डिग्री हासिल की है।
  • UPSC सफर: साल 2011 की यूपीएससी परीक्षा में 291वीं रैंक हासिल कर इन्होंने अपना आईएएस बनने का सपना पूरा किया।
  • अनुभव: जसजीत कौर शामली और सुल्तानपुर में डीएम रह चुकी हैं। मेरठ में अपर कमिश्नर और लखनऊ में नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) में एडिशनल मैनेजिंग डायरेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी सेवाएं दे चुकी हैं। 16 जनवरी 2025 से वे बिजनौर की कमान संभाल रही हैं।

जसजीत के नाम पहले से जारी है वारंट
डीएम जसजीत कौर की कानूनी मुश्किलें केवल मुरादाबाद कोर्ट तक सीमित नहीं हैं। पिछले महीने ही इलाहाबाद हाई कोर्ट (लखनऊ पीठ) ने भी उनके खिलाफ एक अन्य मामले में गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया था। जस्टिस मनीष कुमार की बेंच ने सीजेएम बिजनौर को निर्देश दिया है कि डीएम को 5 जनवरी 2026 को हाई कोर्ट में पेश किया जाए।

अब क्या होगा आगे?
मामले के तूल पकड़ने के बाद डीएम जसजीत कौर ने सकारात्मक रुख अपनाया है। उन्होंने कहा है कि कोर्ट के आदेश का सम्मान किया जाएगा और उसका अक्षरशः पालन होगा। सिंचाई विभाग को जल्द से जल्द बजट रिलीज करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसान को उसका हक मिल सके। इस देरी के लिए जो भी अधिकारी जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी विभागीय जांच और कार्रवाई की जाएगी।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+