भीषण दर्द लेकर पहुंचा मरीज, डॉक्‍टरों ने पेट में ऐसा क्‍या देखा कि तुरंत खाली करवा दिया पूरा अस्‍पताल

फ्रांस के एक अस्पताल से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। एक शख्‍स पेट में भयंकर दर्द के साथ अस्‍पताल पहुंचाा तो डॉक्‍टरों ने उसे तुरंत इमरजेंसी में एडमिट कर लिया। युवक के पेट की स्‍कैनिंग की गई तो डॉक्टरों को कुछ ऐसा नजर आया कि उनके होश उड़ गए। इतना ही नहीं डॉक्‍टरों ने आनन-फानन में अस्‍पताल की पूरी बिल्डिंग तुरंत खाली करवा दी।

दरअसल, डॉक्‍टरों को उस शख्‍स के पेट के अंदर एक जीवित तोप का गोला मिला जिसके बाद तुरंत पूरा अस्पताल खाली करवा दिया गया और बम निरोधक दस्ते और दमकल विभाग को सतर्क किया।

France hospital evacuated bomb inside patien

डेली मेल की रिपोर्ट के हवाले से न्यूयॉर्क पोस्ट ने बताया कि 24 वर्षीय पीड़ित युवक बीते शनिवार को देर रात टूलूज़ के रंगुइल एक्‍सीडेंट एंड इमरजेंसी यूनिट में लाया गया था। वह पेट दर्द से बेहाल था, पेट के निचले हिस्से में दुर्घटनावश आठ इंच का नुकीला तोप का गोला फंसा हुआ था।

डॉक्‍टरों ने ऑपरेशन से पहले क्‍यों खाली करवाया अस्‍पताल?

आठ इंच का यह गोला युवक के शरीर में मिलने के बाद, आग लगने की आशंका से डॉक्‍टरों ने तत्काल बम निरोधक दस्ते और दमकल विभाग को सतर्क किया। एहतियातन, हॉस्टिपटल को खाली कराया गया और अधिकारियों ने अस्पताल के चारों ओर एक सुरक्षा घेरा बना दिया।

ऑपरेशन के दौरान क्‍या हुआ?

इमरजेंसी सर्जरी में सौभाग्य से, एक इंच से अधिक चौड़ा और नुकीला यह गोला-बारूद निष्क्रिय पाया गया, जिससे खतरा टल गया। बम निरोधक विशेषज्ञों ने इसे सुरक्षित हटा लिया। यह फ्रांसीसी नागरिक सर्जरी के बाद अपने स्वास्थ्य लाभ के लिए अस्पताल में ही डॉक्टरों की देखरेख में रहा।

शख्‍स के शरीर में कैसे पहुंचा तोप का गोला?

यह अब भी स्पष्ट नहीं है कि तोप का गोला शरीर में कैसे दाखिल हुआ। विशेषज्ञों को संदेह है कि किसी पार्टी में स्टंट के दौरान हुई गड़बड़ी से यह दुर्घटनावश अंदर चला गया। एक अधिकारी के अनुसार, मरीज से इस सप्ताह के अंत में पूछताछ की जा सकती है। अभियोजक उस पर कैटेगरी ए गोला-बारूद रखने के आरोप में कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं।

तोप के गोले का प्रथम विश्‍व युद्ध से क्‍या था कनेक्‍शन?

युवक के शरीर से बरामद यह गोला, 1918 में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान इंपीरियल जर्मन सेना द्वारा लाखों की संख्या में इस्तेमाल किए गए उन तोप के गोलों में से एक था, जिन्हें 1914-1918 के बीच पश्चिमी मोर्चे पर तैनात किया गया था। ऐसे विस्फोटक "आयरन हार्वेस्ट" के दौरान नियमित रूप से मिलते हैं; यह कृषि और निर्माण स्थलों पर पाए जाने वाले बिना फटे गोला-बारूद का वार्षिक संग्रह है।

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