AI Summit 2026 Row: 'देश का नाम खराब किया', कौन हैं ये लाल साड़ी वाली नेहा सिंह? क्यों भड़के लोग?
AI Summit 2026 Row update: AI इम्पैक्ट समिट 2026 में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के 'रोबोट डॉग' के ओरिजिन विवाद ने सोशल मीडिया पर सूनामी ला दी है। लोग बुरी तरह से विवि पर भड़के हुए हैं तो वहीं जब यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह ने सारा दोष मीडिया पर मढ़ दिया और ये कहा कि 'उनकी बातें साफ तौर पर नहीं कही गईं और जिस तरह से उनका मतलब निकाला गया वो गलत है,' तो वो बुरी तरह से लोगों के निशाने पर आ गईं और देखते ही देखते ट्रोल हो गईं, यूजर्स जमकर उन्हें बहुत बुरा भला कह रहे हैं।

AI Summit 2026 Row: कौन हैं नेहा सिंह?
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक नेहा सिंह गलगोटिया यूनिवर्सिटी में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में कम्युनिकेशन्स की फैकल्टी मेंबर हैं। विवि की जानकारी के मुताबिक नेहा सिंह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर, रिसर्च स्कॉलर और फार्मेसी में PhD हैं, जबकि लिंक्डइन प्रोफाइल से पता चलता है कि नेहा सिंह मेश जेनरेशन की एक्सपर्टीज हैं और अगस्त 2023 से गलगोटिया के साथ जुड़ी हुई हैं लेकिन समिट में उन्होंने खुद को विवि का फैकल्टी मेंबर कहा है।
Galgotias Neha Singh: 'लाल साड़ी वाले ने देश का नाम खराब किया'
गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह पर लोगों का गुस्सा फूट गया है, वो जमकर उनपर उंगली उठा रहे है। एक ने लिखा कि-'विवाद बढ़ने पर नेहा सिंह ने अब इसे कम्युनिकेशन की गलती बताया है, जबकि पहले उन्होंने दावा किया था कि यह रोबोडॉग गलगोटियास यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस द्वारा विकसित किया गया है, इस लाल साड़ी वाले ने देश का नाम खराब कर दिया।'
Galgotia Vivad:'मैडम नेहा की बात सुनकर शर्म से सिर झुक जाएगा'
तो वहीं एक एक यूजर ने लिखा कि 'लो भाई AI समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी की तरह से देश की बेइज्जती करवाने वाली मैडम नेहा सिंह की सफाई सुनें, मेरा मानना है कि आपका शर्म से सर अपना झुक जाएगा।'.

'Galgotias University ने देश का नाम खराब किया'
तो एक यूजर ने लिखा कि 'लो जी, अब सरकार फुल एक्शन में है, AI समिट में Galgotias University के पवेलियन की लाइट काट दी गई है। कितनी बुरी तरह से सरकार इनको अब ट्रीट कर रही है लेकिन यह डिजर्व भी करते हैं।'
नेहा सिंह कितना झूठ बोल रही हैं, भड़के लोग
तो वहीं एक यूजर ने लिखा कि 'नेहा सिंह ने रोबोडॉग को गलगोटियास यूनिवर्सिटी का नया इनोवेशन बताया।जब लोगों ने सच सामने ला दिया, तो अब वह कह रही हैं कि लोगों ने गलत समझा और वह AI फैकल्टी नहीं हैं। मुझे दोष मत दो, जनता को दोष दो का एक क्लासिक उदाहरण है।'
कुल मिलाकर इस वक्त नेहा सिंह जमकर ट्रोल हो रही हैं और लोग उन्हें कोस रहे हैं, फिलहाल इस विषय पर अभी तक विवि की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है।
रोबोडॉग विवाद क्या है?
दरअसल दिल्ली में चल रहे AI Impact Summit उस समय विवादों के घेरे में आ गया जब गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने समिट में प्रदर्शित 'रोबोटिक डॉग' को स्वदेशी नवाचार के रूप में पेश किया। आलोचकों का कहना था कि यह विश्वविद्यालय का स्वदेशी नवाचार नहीं है बल्कि चीन में बना एक रोबोट है, जिसके बाद हड़कंप मच गया और सरकार की ओर से विवि को तुरंत वहां से जाने के लिए कहा गया।
इस पर जब सवाल किया गया तो नेहा सिंह ने मीडिया पर आरोप जड़ दिया और जब उनका विरोध शुरू हुआ तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि 'मैं शायद शोर की वजह से वो नहीं कह पाई जो मुझे कहना था, मेरी बातों को गलत मतलब निकाला गया।'
AI Summit 2026 Row: रोबोट डॉग क्यों हटाया गया?
इस सवाल के जवाब पर नेहा सिंह ने कहा कि 'मशीन को एकेडमिक इस्तेमाल के लिए यूनिवर्सिटी लैब में वापस ले जाया गया है। इसे स्टूडेंट्स के लिए लैब में रखने के लिए खरीदा गया था, हम ऐसी किसी चीज के मालिक नहीं हो सकते जिसे हमने, हमारे स्टूडेंट्स ने क्यूरेट न किया हो। डिस्प्ले में कुछ भी गुप्त नहीं था और टेक्नोलॉजी को एक्सपेरिमेंट और एक्सपोजर के तौर पर दिखाया गया था।'












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