जल संरक्षण की दिशा में हम निरंतर प्रयासरत हैं: सीएम खट्टर
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि आने वाले वक्त में 2 लाख एकड़ में धान की सीधी बिजाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

दो दिवसीय वॉटर कॉन्क्लेव के समापन सत्र में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि हमें पानी के लिए आत्मनिर्भर होते हुए अगली पीढ़ी के लिए जल बचाना होगा। फसल विविधिकरण पर कृषि विभाग आगे के लिए योजना बनाएगा, वहीं मेरा पानी मेरी विरासत जैसी योजना का विस्तार भी करना होगा।
उन्होंने कहा कि आने वाले वक्त में 2 लाख एकड़ में धान की सीधी बिजाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभी 6 हजार एकड़ पर प्राकृतिक खेती हो रही है उसे भी 25 हजार एकड़ तक लेकर जाएंगे। प्रदेश में जमीन के सुधारीकरण करने के लिए 1 लाख एकड़ भूमि का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी प्रदेश में 200 एसटीपी चल रहे हैं, कृषि के लिए कम से कम 75 एसटीपी का पानी इस्तेमाल करने का लक्ष्य रखा गया है। एसटीपी का 50 फीसदी ही पानी इस्तेमाल करने लायक है, जिसको 100 फीसदी तक लेकर जाएंगे। रिचार्ज बोरवेल, तालाब और चैकडैम की संख्या 9500 तक ले जाई जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में राज्य में पानी की उपलब्धता 20 मिलियन एकड़ फीट (एमएएफ) थी जबकि मांग 34 एमएएफ थी और हमारे लिए चुनौती इस 14-एमएएफ अंतर को पाटने की थी।
सीएम ने कहा कि पानी की मांग के अंतर को पूरा करने के लिए वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित करनी होगी, जलाशयों, तालाबों और झीलों की क्षमता बढ़ानी होगी और भूजल का पुनर्भरण करना होगा।












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