अपने अस्पताल के निजीकरण के लिए विशाखापत्तनम पोर्ट ने केंद्र को भेजा प्रस्ताव
सीपीएम के शहर सचिव एम जग्गू नायडू ने कहा कि 2,600 कर्मचारियों और 16,000 पेंशनभोगियों के लगभग 19,000 परिवार अस्पताल की सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।

विशाखापत्तनम पोर्ट ट्रस्ट बोर्ड ने शहर के सालग्रामपुरम में अपने स्वर्ण जयंती अस्पताल के निजीकरण के लिए केंद्र को एक प्रस्ताव भेजा है। मौजूदा अस्पताल के स्थान पर एक आधुनिक 300 बिस्तरों वाला कॉर्पोरेट अस्पताल बनाने का विचार रखा गया है। लेकिन, इस प्रस्ताव ने बंदरगाह के कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनभोगियों को भी निराश कर दिया है। उन्होंने इस कदम के खिलाफ आवाज उठाई है।
सीपीएम के शहर सचिव एम जग्गू नायडू ने कहा कि 2,600 कर्मचारियों और 16,000 पेंशनभोगियों के लगभग 19,000 परिवार अस्पताल की सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि अस्पताल निजी व्यक्तियों द्वारा ले लिया जाता है, तो बंदरगाह श्रमिकों के परिवारों के लिए इलाज महंगा हो जाएगा।
लेकिन, बंदरगाह के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने केवल सरकार को प्रस्ताव भेजे हैं। आपको बता दें कि बंदरगाह ने 125 करोड़ के पट्टे समझौते पर रहेजा समूह को 30 साल की अवधि के लिए प्राइम सालिग्रामपुरम क्षेत्र में 17 एकड़ जमीन दी थी। रहेजा समूह जमीन पर एक मॉल का निर्माण करेगा।
कंसल्टेंसी एजेंसी नियुक्त करने से पहले पोर्ट प्रशासन ने बोर्ड मीटिंग में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर चर्चा की थी। एजेंसी ने रिपोर्ट भी सौंपी थी। हाल ही में हुई पोर्ट बोर्ड की बैठक में रिपोर्ट पर चर्चा की गई और वर्तमान पोर्ट अस्पताल के स्थान पर सुपर स्पेशियलिटी कॉरपोरेट अस्पताल का प्रस्ताव कर सरकार को भेजा गया।












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