क्या Uniform Civil Code पर केंद्र का समर्थन करेंगे CM जगन, पूर्व सहयोगी नायडू के रूख पर भी नजरें
Uniform Civil Code के मुद्दे पर राजनीतिक दलों के रूख पर सबकी नजरें हैं। संसद में विधेयक पारित कराने के लिए संख्या बल की कयासबाजियों के बीच वाईएसआर कांग्रेस पार्टी यूसीसी का विरोध कर सकती है, ये बात सामने आई है। टीडीपी ने अभी अंतिम फैसला नहीं किया है।
दरअसल, भले ही संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई को शुरू होने वाला है, लेकिन आंध्र प्रदेश की राजनीतिक पार्टियों- वाईएसआरसी और टीडीपी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर UCC पर अपने रूख की घोषणा नहीं की है।

खबरों के अनुसार, दोनों दल तय नहीं कर पा रहे हैं कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को समर्थन देना है या नहीं। इसी बीच न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार वाईएसआरसी यूसीसी का विरोध करेगी, इसकी पूरी संभावना है।
वरिष्ठ वाईएसआर कांग्रेस नेता ने बताया, "चुनाव में एक साल से भी कम समय बचा है, सत्तारूढ़ वाईएसआरसी अल्पसंख्यकों की भावनाओं पर विचार कर सकती है और संसद में विधेयक का विरोध कर सकती है।"
गोपनीयता की शर्त पर उन्होंने कहा, "अब तक, हमें यूसीसी के प्रति पार्टी के दृष्टिकोण पर आलाकमान से कोई निर्देश नहीं मिला है। हम वाईएसआरसी संसदीय दल की बैठक के दौरान स्पष्टता मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी जल्द बैठक करेंगे।''
वाईएसआर नेता ने कहा, वह व्यक्तिगत रूप से विधेयक का स्वागत करते हैं, लेकिन पार्टी नेतृत्व अंतिम फैसला करेगा और सभी सांसदों को इसका पालन करना होगा। बता दें कि वाईएसआरसी के लोकसभा में 22 सांसद और राज्यसभा में नौ सांसद हैं।
भाजपा को निचले सदन में पूर्ण बहुमत हासिल है। ऐसे में UCC विधेयक पर उच्च सदन का गणित अहम है। सीएम जगन का समर्थन केंद्र सरकार के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
बता दें कि मुख्यमंत्री ने पिछले सप्ताह नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। उन्होंने कथित तौर पर UCC पर सॉफ्ट रुख अपनाया था क्योंकि वाईएसआरसी को अल्पसंख्यकों का अच्छा समर्थन मिलता है।
कथित तौर पर जगन चाहते थे कि केंद्र इस मुद्दे पर संसद में दबाव डालने के बजाय व्यापक सहमति पर पहुंचे। आंध्र प्रदेश की ही टीडीपी ने कहा है कि पार्टी संसद सत्र से ठीक पहले यूसीसी पर फैसला करेगी। टीडीपी के पास राज्यसभा में सिर्फ एक सांसद है।
टीडीपी सांसदों ने भी फैसला लिया है कि यूसीसी पर निर्णय तेलुगु देशम संसदीय दल (टीडीपीपी) की बैठक के दौरान लिया जाएगा। बैठक संसद के मानसून सत्र शुरू होने से तीन दिन पहले आयोजित की जाएगी।
टीडीपी सांसद के राममोहन नायडू ने कहा, हमने अब तक विधेयक पर विचार-विमर्श नहीं किया है, लेकिन इस मुद्दे पर टीडीपीपी की बैठक के दौरान निश्चित रूप से चर्चा की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता पार्टी सुप्रीमो एन चंद्रबाबू नायडू करेंगे।
उन्होंने कहा, हमें यह देखना होगा कि केंद्र यूसीसी विधेयक से क्या हासिल करना चाहता है। यह भी रोचक है कि वाईएसआर और टीडीपी केंद्र में एनडीए गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं।
बता दें कि अतीत में, वाईएसआरसी और टीडीपी दोनों ने लगभग सभी मुद्दों पर संसद के अंदर और बाहर केंद्र सरकार को समर्थन दिया है। हालाँकि इस बार, विधानसभा चुनावों पर नज़र रखते हुए, दोनों राजनीतिक दल अंतिम निर्णय लेने में पूरा समय ले रहे हैं।
गौरतलब है कि समान नागरिक संहिता में सभी नागरिकों के लिए, विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों को नियंत्रित करने वाले कानूनों को एक समान बनाने का प्रस्ताव है।भले ही नागरिकों का धर्म कुछ भी हो।












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