हो गया फाइनल! इस दिन CM पद की शपथ लेंगे डीके शिवकुमार, सिद्धारमैया के बेटे का मंत्री बनना तय, इनसाइड स्टोरी
Karnataka New CM (DK shivakumar): कर्नाटक की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। महीनों से चल रही सियासी खींचतान और कयासों के दौर पर आखिरकार विराम लग गया है। कर्नाटक के कद्दावर नेता और कांग्रेस के 'संकटमोचक' कहे जाने वाले डीके शिवकुमार 3 जून को राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। वहीं पिछले मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद अब सत्ता हस्तांतरण (Power Transfer) की प्रक्रिया तेज हो गई है।
शनिवार (30 मई) शाम 4 बजे बेंगलुरु के विधान सौधा में कांग्रेस विधायक दल (CLP) की एक बेहद अहम बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में औपचारिक रूप से डीके शिवकुमार को विधायक दल का नया नेता चुन लिया जाएगा। इस पूरे बदलाव के बीच सबसे दिलचस्प बात यह है कि निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया को डीके शिवकुमार की नई कैबिनेट में मंत्री पद मिलना बिल्कुल तय माना जा रहा है। आइए दिल्ली से लेकर बेंगलुरु तक चले इस हाई-प्रोफाइल सियासी ड्रामे की पूरी इनसाइड स्टोरी।

दिल्ली में सोनिया-राहुल के साथ मैराथन बैठक और समझौते का फॉर्मूला
कर्नाटक में सत्ता की कमान बदलने का यह फैसला अचानक नहीं हुआ है। इसके लिए शुक्रवार को देश की राजधानी दिल्ली में दिनभर बैठकों का दौर चला। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपने बेटे यतींद्र के साथ दिल्ली पहुंचे, जहाँ उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल के साथ लंबी चर्चा की। यह मुलाकात सोनिया गांधी के आवास 10 जनपाल पर हुई।
इस बैठक में सिद्धारमैया ने राहुल गांधी से साफ कहा कि उन्होंने आलाकमान से किया अपना वादा पूरा कर दिया है और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्य में शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता की कमान डीके शिवकुमार को सौंपने का रास्ता साफ कर दिया है। इसके बदले में सिद्धारमैया ने पार्टी आलाकमान के सामने अपने वफादार विधायकों और अपने बेटे यतींद्र को नई कैबिनेट में शामिल करने की मजबूत पैरवी की, जिसे कांग्रेस नेतृत्व ने स्वीकार कर लिया है।
सिद्धारमैया के बेटे की कैबिनेट में एंट्री और डिप्टी सीएम पद पर पेंच
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सिद्धारमैया अपने बेटे के राजनीतिक भविष्य को लेकर काफी गंभीर हैं। कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें आश्वस्त किया है कि यतींद्र को सरकार में बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाएगी। हालांकि, सिद्धारमैया ने कैबिनेट गठन को लेकर एक नई शर्त भी रख दी है।
उनका तर्क है कि जब तक राज्य के प्रमुख समुदायों जैसे अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और लिंगायत समुदाय को बराबर का प्रतिनिधित्व नहीं मिलता, तब तक सरकार में डिप्टी सीएम (उप-मुख्यमंत्री) बनाने की कोई जरूरत नहीं है।
अगर सभी बड़े समुदायों को जगह नहीं मिलती है, तो उपमुख्यमंत्री का पद ही नहीं होना चाहिए। सिद्धारमैया ने फिलहाल अपने मंत्रियों की अंतिम लिस्ट मल्लिकार्जुन खड़गे को नहीं सौंपी है, वह शनिवार को विधायक दल की बैठक के दौरान इसे प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला को सौंप सकते हैं।
राष्ट्रीय राजनीति में नहीं जाएंगे सिद्धारमैया, खड़गे ने की जमकर तारीफ
पार्टी आलाकमान चाहता था कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद सिद्धारमैया देश की राजनीति में सक्रिय हों। इसके लिए उन्हें राज्यसभा सीट का ऑफर भी दिया गया था, लेकिन सिद्धारमैया ने इसे साफ तौर पर ठुकरा दिया है। उन्होंने शीर्ष नेताओं को बता दिया है कि वह कर्नाटक की जमीन से दूर नहीं जाना चाहते और राज्य की राजनीति में ही एक्टिव रहेंगे।
इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर सिद्धारमैया के साथ तस्वीरें शेयर करते हुए उनके योगदान की जमकर सराहना की। खड़गे ने कहा कि एक बेहद साधारण परिवार से निकलकर दो बार कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनने तक का सिद्धारमैया का सफर गरिमा, करुणा और सामाजिक न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। पूरी कांग्रेस पार्टी उनकी सेवाओं के लिए आभारी रहेगी।
'अकेले चलेंगे तो तेज चलेंगे, साथ चलेंगे तो दूर तक जाएंगे' - डीके शिवकुमार
मुख्यमंत्री की गद्दी संभालने जा रहे डीके शिवकुमार ने भी दिल्ली में मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से मुलाकात कर उनका धन्यवाद जताया। सोशल मीडिया पर सिद्धारमैया के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए शिवकुमार ने एक बेहद भावुक और रणनीतिक पोस्ट लिखी।
उन्होंने लिखा, "जैसा कि कहा जाता है - अगर आप तेजी से चलना चाहते हैं, तो अकेले चलें। लेकिन यदि आप दूर तक जाना चाहते हैं, तो साथ मिलकर चलें। मैं कर्नाटक की जनता के लिए इस यात्रा को सबके साथ मिलकर आगे ले जाने के लिए उत्सुक हूँ।" शिवकुमार ने आगे कहा कि भगवान किसी को वरदान या श्राप नहीं देता, वह सिर्फ अवसर देता है, और सिद्धारमैया का जीवन इस बात का सबसे बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सिद्धारमैया का मार्गदर्शन आगे भी सरकार को मजबूत बनाता रहेगा।
नई कैबिनेट में दिखेगा युवाओं का जलवा, राज्यसभा पर भी नजर
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कर्नाटक में हो रहे इस बदलाव को बेहद सुखद और सकारात्मक बताया है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि सत्ता का यह ट्रांसफर बिना किसी कड़वाहट और रुकावट के बेहद शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हो रहा है।
आने वाले दिनों में डीके शिवकुमार की कैबिनेट का जो नया ढांचा तैयार होगा, उसमें कई युवा चेहरों (Younger Faces) को मौका मिलने की उम्मीद है। वहीं जब डीके शिवकुमार से राज्यसभा और विधान परिषद (MLC) की सीटों के उम्मीदवारों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि आलाकमान ने उनसे राय ली है और जल्द ही दूसरे राज्यों के साथ ही कर्नाटक के उम्मीदवारों के नामों की घोषणा भी दिल्ली से कर दी जाएगी।















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