रेवंत रेड्डी ने लिखा ओपन लेटर, BRS की 'किसान विरोधी' नीतियों के खिलाफ कार्रवाई का आह्वान किया
तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) ए रेवंत रेड्डी किसानों को मुफ्त बिजली दिए जाने वाले बयान के बाद से चर्चा में बने हुए हैं। वहीं रविवार रेवंत ने प्रदेश के किसानों को एक ओपन लेटर लिखा है।
जिसमें भारत राष्ट्र समिति (BRS) सरकार की 'किसान विरोधी' नीतियों के खिलाफ कार्रवाई का आह्वान किया है। मल्काजगिरी के सांसद रेवंत ने बीआरएस पर किसानों के साथ राजनीति करने का भी आरोप लगाया।

याद रहे कांग्रेस नेता रेवंत ने इससे पहले कहा था कि किसानों के लिए तीन घंटे मुफ्त बिजली पर्याप्त है और चौबीसों घंटे मुफ्त बिजली आपूर्ति दिए जाने की आवश्यकता नहीं है। जिसके बाद से रेवंत अन्य विरोधी पार्टियों के निशाने पर आ चुके हैं।
रेड्डी ने किसानो को लिखे पत्र में कहा बीआरएस किसानों का ऋण माफ करने के अपने वादे को निभाने में विफल रही है, बीआरएस ने प्रदेश के किसानों के साथ 20,000 करोड़ रुपये का धोखा किया है।
पत्र में लिखा है हमने ऐसे मामले देखे हैं जहां हमारे कई साथी किसान अनाज के ढेर पर गिर गए और हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। उन्होंने ये भी कहा कि अनाज केंद्रों में तिरपाल की कमी के कारण भी बारिश आने पर किसानों को परेशानी होती है, बारिश में उनका आनाज खराब होता है।
रेवंत ने कहा अनाज संग्रह के 48 घंटे के भीतर किसानों के खातों में पैसा जमा करने के आदेश जारी होने के बावजूद 6,800 करोड़ रुपये बकाया हैं।
रेड्डी ने यह भी आरोप लगाया कि बीआरएस गरीबों के लिए दी गई जमीन हड़प रही है। उन्होंने कहा जब राज्य भर में 11.50 लाख आदिवासी पट्टे के लिए पात्र थे, केवल चार लाख को पट्टे दिए गए।
सांसद ने बीआरएस पर अपनी राजनीति के मंच के रूप में रायथु वेदिकाओं का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया।
बता दें शनिवार को भारत राष्ट्र समिति के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने किसानों को मुफ्त बिजली पर राज्य कांग्रेस के रुख की निंदा करने के लिए रायथु वेदिकास में किसान बैठकें बुलाईं थीं।












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