तेलंगाना: 6 गारंटियों को पूरा करना कांग्रेस के लिए आसान नहीं, जनता पर बढ़ सकता है वित्तीय बोझ
तेलंगाना विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले कांग्रेस ने राज्य की जनता 'छह गारंटी' दीं, जिसके बाद पार्टी सुर्खियों में आ गई। हालांकि इनके बारे में ये माना जा रहा है कि ये राज्य के लिए आर्थिक चुनौतियां पैदा कर सकती है। ये वैसे तो काफी अच्छी लगती हैं लेकिन इनको लागू करने में परेशानियां पैदा हो सकती हैं।
क्योंकि, कांग्रेस के सभी छह गारंटियों को लागू करने के लिए लगभग 2.90 लाख करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। यह आंकड़ा बेहद चौंकाने वाला है। क्योंकि राज्य का वार्षिक बजट 2.70 लाख करोड़ रुपये है।
सरकार को तलाशना होगा अलग विकल्प
इस बड़े घाटे को दूर करने के लिए सरकार को कई ऑपशन पर काम करना होगा। जिनमें लोन लेना, टैक्स बढ़ाना, स्टांप शुल्क और रजिस्ट्रेशन शुल्क बढ़ाया जा सकता है। इससे लोगों पर बोझ पड़ सकता है।

योजनाओं को बंद करने की आवश्यकता पर दिया जोर
इस तरह के वित्तीय तनाव पहले कर्नाटक में स्पष्ट रूप से देखे गए थे, जहां गारंटी का एक समान सेट प्रस्तावित किया गया था। कर्नाटक वित्त विभाग ने जून में एक नोट प्रसारित किया, जिसमें नई गारंटी योजनाओं को समायोजित करने के लिए चल रही योजनाओं को बंद करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
गारंटी योजनाओं का प्रतिकूल प्रभाव कर्नाटक देखा जा चुका
नोट में विभिन्न विभागों में मौजूदा योजनाओं की समीक्षा करने के लिए कहा गया है ताकि उन योजनाओं की पहचान की जा सके, जिन्हें कम किया जा सकता है या बंद किया जा सकता है। गारंटी योजनाओं का प्रतिकूल प्रभाव कर्नाटक में पहले ही देखा जा चुका है। उदाहरण के लिए, सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की शुरुआत के कारण 11 सितंबर को बेंगलुरु में निजी परिवहन ऑपरेटरों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसके परिणामस्वरूप बड़ा नुकसान हुआ।
यह भी पढ़ें- I.N.D.I.A. में चल क्या रहा है, PDP-कांग्रेस की दुखती रग पर हाथ रख रहें हैं उमर अब्दुल्ला?












Click it and Unblock the Notifications