I.N.D.I.A. में चल क्या रहा है, PDP-कांग्रेस की दुखती रग पर हाथ रख रहें हैं उमर अब्दुल्ला?
इंडिया ब्लॉक की सहयोगी नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को इस बात पर फिर से जोर दिया है कि विपक्षी गठबंधन को उन सीटों पर ही तालमेल करना चाहिए, जिसपर बीजेपी को 'जीतने की उम्मीद' है।
जानकारी के मुताबिक हाल में दिल्ली में हुई इंडिया ब्लॉक की समन्वय समिति की बैठक के दौरान भी उन्होंने यही सुझाव दिया था, जिसपर कथित तौर पर पीडीपी की मुखिया महबूबा मुफ्ती नाराज हो गई थीं।

अब्दुल्ला का सुझाव मानने का मतलब पीडीपी-कांग्रेस साफ!
दरअसल, उमर अब्दुल्ला का सुझाव और मुफ्ती की नाराजगी दोनों की वजह एक ही है। 2019 के लोकसभा चुनावों मे पीडीपी कश्मीर घाटी की तीनों लोकसभा सीटें जीत गई थी। जबकि, जम्मू की दोनों और लद्दाख की एक लोकसभा सीट पर बीजेपी को जीत मिली थी। जाहिर है कि अब्दुल्ला के सुझाव को मान लेने का मतलब है कि पीडीपी और कांग्रेस को कश्मीर घाटी से उम्मीदें छोड़ देना। बाकी जम्मू और लद्दाख में भाजपा यूं भी बहुत मजबूत मानी जाती है।
अब्दुल्ला की सुझाव महबूबा को नापंसद-सूत्र
नेशनल कांफ्रेंस के नेता जिस तरह का सुझाव दे रहे हैं, उसपर पीडीपी ने कोई आधिकारिक बयान तो नहीं दिया है, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि इंडिया ब्लॉक की सहयोगी दल के सुझाव से उसकी नेता खुश नहीं हैं।
सूत्रों का ये भी कहना है कि पीडीपी को लगता है कि यह उसे साइडलाइन करने की कोशिश तो है ही, जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जा को वापस हासिल करने के लिए बने पीपुल्स एलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन को भी कमतर करना है। यह ग्रुप 2019 में आर्टिकल-370 हटाए जाने के खिलाफ बना था।
मैं बैठक से बाहर नहीं आया या बहिष्कार नहीं किया-उमर अब्दुल्ला
इंडिया ब्लॉक की चुनौती इसलिए बढ़ती दिख रही है, क्योंकि उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा है कि वह अपने सुझाव पर कायम हैं और इससे पीछे नहीं हटेंगे। एक पार्टी कार्यक्रम के मौके पर जम्मू और कश्मीर के पूर्व सीएम ने कहा, 'क्या मुझे अपना नजरिया सामने नहीं रखना चाहिए? मैंने अपनी पार्टी का नजरिया दिया है और यह मेरा अधिकार है। मैंने किसी पर अपनी राय थोपी नहीं है। मैं बैठक से बाहर नहीं आया या बहिष्कार नहीं किया।'
मैंने सिर्फ अपना नजरिया सामने रखा है- एनसी नेता
वे उनके सुझाव पर पीडीपी की नाखुशी को लेकर पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा, 'मैंने सिर्फ इतना कहा था कि जब आप सीटों के बंटवारे पर बात कर रहे हैं, एक यह फॉर्मूला होना चाहिए....अगर आपका लक्ष्य बीजेपी को हराना है, हमें उन सीटों पर गठबंधन करना चाहिए.... जहां बीजेपी को जीत की उम्मीद है....मैं नहीं समझता कि बीजेपी कश्मीर से एक भी सीट जीत रही है। मैंने सिर्फ अपना नजरिया सामने रखा है।'
'मैं अपने सुझावों से पीछे नहीं हट रहा हूं'
उन्होंने यह भी कहा है कि उनका सुझाव मानना या नहीं मानना ये गठबंधन पर निर्भर है और 'मैं अपने सुझावों से पीछे नहीं हट रहा हूं।' (इनपुट-पीटीआई)












Click it and Unblock the Notifications