Telangana: महेश्वरम में अल्पसंख्यकों की पहुंच से दूर है उच्च शिक्षा, जानिए बड़ी वजह
तेलंगाना में रंगा रेड्डी जिले के बालापुर मंडल के अंतर्गत कुल छह उच्च विद्यालय और दस उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें से तीन उच्च विद्यालय और पांच उच्च प्राथमिक विद्यालय अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में हैं। यहां सालाना करीब 300 छात्र सरकारी हाई स्कूलों से पास होकर निकलते हैं। लगभग 2,000 छात्र शाहीनगर, सादातनगर, वादी-ए-ओमर, वादी-ए-मुस्तफा, बिस्मिल्लाह कॉलोनी, न्यू बाबानगर, उस्माननगर, एराकुंटा और जैसे क्षेत्रों में स्थित विभिन्न निजी बजट स्कूलों में पढ़ते हैं।
बालापुर नगर पालिका में निकटतम सरकारी कॉलेज मीरपेट में स्थित है। ये शाहीन नगर से चार किलोमीटर दूर है। इस कॉलेज को पिछले साल ही शिक्षा मंत्री पी सबिता इंद्रा रेड्डी के प्रयासों से मंजूरी मिली थी।

वर्ष 2022 में तेलंगाना सरकार ने रंगा रेड्डी जिले के महेश्वरम निर्वाचन क्षेत्र में बालापुर मंडल के मीरपेट गांव में एक नए सरकारी जूनियर स्कूल को मान्यता दी। लेकिन इस क्षेत्र में उच्च शिक्षा व्यवस्था का अभाव है। स्थानीय लोगों ने उच्च शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध ना होने पर नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि उन्हें अपने बच्चों को या तो निजी कॉलेजों का विकल्प चुनना होता है या फिर दूर शहर में पढ़ने के भेजना पड़ता है। ऐसा करने यहां के परिवारों की आय का एक बड़ा हिस्सा बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए पढ़ाई पर खर्च होता है, जबकि सरकार की ओर से उच्च शिक्षा सुलभ कराने का दावा किया जाता है।
महेश्वरम के अल्पसंख्यक समुदाय का कहना है कि यहां उच्च शिक्षा के लिए बहुत कम संस्थान हैं। जिसके चलते बड़ी छात्र आबादी के बावजूद सीमित विकल्प होते हैं। जलपल्ली नगर पालिका क्षेत्र में तो हालत ये हैं कि यहां कोई सरकारी-संचालित जूनियर या डिग्री कॉलेज ही नहीं है। इन क्षेत्रों के छात्रों हैदराबाद के कॉलेजों में एडमिशन लेना पड़ता है।
वहीं बरकास में लड़कियों के लिए सरकारी जूनियर कॉलेज मैसाराम, लड़कों के लिए सरकारी जूनियर कॉलेज फलकनुमा, लड़कियों के लिए सरकारी जूनियर कॉलेज फलकनुमा या निजी संस्थान के विकल्प होते हैं।












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