तेलंगाना सीएम केसीआर वहां सफल हुए जहां अन्य सरकारें विफल रहीं, पालमुरु का परिवर्तन है इसका गवाह
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव ने राज्य प्रशासन की कमांड संभालते ही पानी की कमी क्षेल रहे दक्षिणी क्षेत्र पर पूरा ध्यान दिया और यहां पर बहु-आयामी रणनीति अपनाते हुए क्षेत्र की जरूरतों को पूरा किया। राज्य के दक्षिण में स्थित पलामुरू जो दशकों तक सूखी जमीन और पानी के लिए संघर्ष कर रहा था उसकी समस्या को दूर करके खुशहाल बनाया।

पलामुरु वो ही जगह थी जहां अविभाजित राज्य की सरकारों ने इसकी किस्मत को पुनर्जीवित करने के लिए बड़े वादे किए लेकिन उनके सभी आश्वासन महज दिखावटी साबित हुए। चहीं सीएम केसीआ इस क्षेत्र में भी सफल हुए जहां पर अविभाजित राज्य की पूर्व सरकारें विफल रहीं।
सत्ता संभालते ही पालमुरू की समस्या पर सीएम ने ध्यान केन्द्रित किया
मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव ने राज्य प्रशासन की बागडोर जब से संभाली तभी से पालमुरु का वास्तविक परिवर्तन शुरू हुआ। तेलंगाना सीएम केसीआर ने पानी की कमी वाले दक्षिणी क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित किया और अपनी उन्दा रणनीति से इस क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करना शुरू कर दिया।
जल्द शुरू हो रही मल्टी-स्टेज लिफ्ट सिंचाई योजना
पलामुरु रंगा रेड्डी लिफ्ट सिंचाई योजना (पीआरएलआईएस) अब राज्य के दक्षिणी क्षेत्र की आर्थिक रूपरेखा को बदलने की उम्मीद जगा रही है। परियोजना के कार्यान्वयन के रास्ते में आने वाली सभी चुनौतियों को पार करते हुए वह आगे बढ़े और जिसका नतीजा है कि मल्टी-स्टेज लिफ्ट सिंचाई योजना जल्द ही वास्तविकता बन जाएगी।
आठ लाख एकड़ से अधिक भूमि की हो सकेगी सिंचाई
16 सितंबर को मुख्यमंत्री द्वारा पेयजल घटक का उद्घाटन करेंगे। इस परियोजना के सिंचाई के भी शीघ्र पूरा होने से आठ लाख एकड़ से अधिक भूमि को सिंचाई मिलेगी। इसके अलावा अचम्पेट निर्वाचन क्षेत्र की 84,000 एकड़ से अधिक भूमि, जो उमामहेश्वर लिफ्ट सिंचाई योजना के निर्माण से लाभान्वित होगी।












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