तेलंगाना: राज्यपाल और पीएम मोदी की आलोचना करने पर भाजपा ने बीआरएस को दिया करारा जवाब
तेलंगाना राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने राज्यपाल कोटे के तहत बीआरएस के दो नेताओं का विधान परिषद में नियुक्त करने के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया था। बीआरएस नेता दसोजू श्रवण और के सत्यनारायण को विधान परिषद में नियुक्त करने के प्रस्ताव को खारिज करने पर तेलंगाना की सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने राज्यपाल के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर आलोचना की थी।इस मु्द्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने बीआरएस और राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव के खिलाफ अपना हमला जारी रखा है।

भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डीके अरुणा ने हमला बोलते हुए कल्वाकुंतला परिवार पर राज्य की संपत्ति को लूटने और तेलंगाना का विकास करने में आयोग्य होने का आरोप लगाया है।
बता दें सत्ताधारी पार्टी बीआरएस ने कहा था कि डॉ तमिलिसाई राज्यपाल बनने के लिए आयोग्य है। जिसका जवाब देते हुए भाजपा उपाध्यक्ष ने कहा केटीआर ने पद संभालने वाली महिला पर विचार किए बिना सभी तरह की टिप्पणियां कीं जो उचित नहीं थी। ये केटीआर के गुस्से की भावना को उजागर करता है।
अरुणा ने कहा पूरे देश और विश्व में पीएम मोदी की एक महान नेता के रूप में प्रशंसा हो रही है लेकिन बीआरएस और केटीआर उन्हें आयोग्य कहते हैं। इसके साथ ही भाजपा उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यह समाज में पिछड़े वर्गों और हाशिये पर मौजूद लोगों के प्रति केटीआर और सत्तारूढ़ पार्टी की घृणा को उजागर करता है।
भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने बीआरए का पिछड़ा वर्ग के प्रति विरोधी रवैये पर ध्यान देने के लिए कहा। अरुणा ने कहा केसीआर को पीएम मोदी का नाम लेने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। इसके साथ उन्होंने कलावकुंतला परिवार को चेतावनी दी कि अगर वो पीएम मोदी के खिलाफ अर्नगल टिप्पणी करना बंद नहीं करते हैं तो भाजपा उन्हें सबग सिखाएंगी।
वहीं सांसद बंदी संजय कुमार ने कहा राज्यपाल ने नामांकन खारिज करके सही निर्णय लिया हैं। उन्होंने दावा कि हमारे प्रदेश की राज्यपाल डॉ तमिलिसाई जब भी संवधिान के अनुरूप निर्णय लेती हैं तो उनके इरादों को जिम्मेदार ठहराया जाता है। बीआरएस द्वारा राज्यपाल पर उनकी इच्छा के अनुरूप काम ना करने का आरोप लगाना अशोभनीय है।












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