राज्य मंत्रिमंडल ने ओडिशा एमएसएमई विकास नीति 2022 को मंजूरी दी
राज्य मंत्रिमंडल ने ओडिशा एमएसएमई विकास नीति 2022 को भी मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र में उद्यमों के विकास में तेजी लाना है।

भुवनेश्वर,28 दिसंबरः राज्य मंत्रिमंडल ने ओडिशा एमएसएमई विकास नीति 2022 को भी मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र में उद्यमों के विकास में तेजी लाना है। मंत्रिमंडल ने नए सहायता प्राप्त गैर-सरकारी उच्च विद्यालयों, उच्च प्राथमिक (एमई) विद्यालयों और मदरसों के पात्र कर्मचारियों को सरकारी सहायता अनुदान के विस्तार को भी मंजूरी दी।
इससे करीब 26,164 शिक्षकों और गैर शिक्षण कर्मियों को फायदा होगा। इसमें वित्तीय निहितार्थ 280.48 करोड़ रुपये प्रति वर्ष होगा। मंत्रिमंडल ने 'कृषि में महिलाओं के सशक्तिकरण-महिला स्वयं सहायता समूहों (सेल्फ हेल्प ग्रुप्स) के लिए उद्यमिता को बढ़ावा देने' के कार्यान्वयन के लिए पांच साल के लिए 367.19 करोड़ रुपये की भी मंजूरी दी है।
एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि नई नीति मौजूदा ओडिशा एमएसएमई विकास नीति, 2016 की जगह लेगी। नई नीति राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में एमएसएमई क्षेत्र के योगदान और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रगतिशील उपायों की घोषणा करती है।
नई नीति में नए सूक्ष्म, लघु उद्यमों के लिए पूंजी निवेश सब्सिडी को विस्तार, आधुनिकीकरण और विविधीकरण (ई/एम/डी) करने वाले नए सूक्ष्म, लघु और मौजूदा सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए संयंत्र और मशीनरी में किए गए पूंजी निवेश के 25% की दर से बढ़ाया गया है और सब्सिडी की सीमा 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये की ऊपरी सीमा कर दी गई है।
इसी तरह, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विकलांग व्यक्तियों, महिलाओं और तकनीकी (डिग्री/डिप्लोमा) उद्यमियों के स्वामित्व वाले नए और मौजूदा उद्यमों के लिए पूंजी निवेश सब्सिडी की ऊपरी सीमा को 1.25 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2.50 करोड़ रुपये कर दिया गया है।












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