सौरभ भारद्वाज बोले- केजरीवाल का खत LG के लिए लिटमस टेस्ट

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के उप राज्यपाल वीके सक्सेना पर हमले तेज कर दिये हैं। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एलजी को खत लिख कर कहा है कि दिल्ली सरकार को काम नहीं करने दिया जा रहा है। अब पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने भी एलजी पर हमला बोला है। पत्रकारों से बाचचीत में आप के प्रवक्ता ने कहा कि एलजी के पास सरकार के कामों को रोकने का अधिकार नहीं है वो सिर्फ सलाह दे सकते हैं। आप नेता ने कहा, दिल्ली के एलजी को किसी भी विकास कार्य को रोकने का अधिकार नहीं है। उन्हें चुनी गई सरकार के मुताबिक काम करना होगा। अगर वो सरकार के किसी फैसले से सहमत नहीं है तो वो इसे सिर्फ देश के माननीय राष्ट्रपति को भेज सकते हैं।
सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि कोई शक्ति ना रहते हुए भी एलजी दिल्ली सरकार के काम में लगातार हस्तक्षेप कर रहे हैं। मुख्यमंत्री अऱविंद केजरीवाल ने लेफ्टिनेंट गवर्नर से मिलकर उनकी शक्तियों को लेकर बनाए गए कानून और सुप्रीम कोर्ट के आदेश को दिखाया था। हालांकि, दिल्ली के एलजी अभी भी कर रहे हैं कि मैं सुप्रीम हूं और सुप्रीम कोर्ट ने जो आदेश दिये हैं वो सिर्फ सलाह हैं।
आप नेता ने कहा कि सिर्फ चुनी हुई सरकार एलजी को सलाह दे सकती है और यह एलजी की बाध्यता है कि वो इस सलाह को सुनें। लेकिन एलजी कहते हैं कि वो किसी संविधान से बंधे नहीं हैं। वीके सक्सेना के उपराज्यपाल के पद पर होने को लेकर सवाल उठाते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि कोई व्यक्ति जो यह कहता है कि वो संविधान से बंधा नहीं है वो संवैधानिक पद पर रहे।
मोहल्ला क्लिनिकों में दवाई नहीं होने की बात करते हुए भारद्वाज ने कहा कि कुछ अफसरों ने मोहल्ला क्लिनिकों में दवाई और चिकित्सकों की सैलरी रोक दी है। सीएम ने इसे लेकर एलजी को खत लिखा है। यह एलजी के लिए लिटमस टेस्ट होगा कि वो दिल्ली के गरीब लोगों के साथ हैं या नहीं? अगर एलजी ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ ऐक्शन नहीं लिया तो लोग खुद ही यह समझ जाएंगे कि इन सब के पीछे कौन है।
आप नेता ने कहा कि सिर्फ चुनी हुई सरकार एलजी को सलाह दे सकती है और यह एलजी की बाध्यता है कि वो इस सलाह को सुनें। लेकिन एलजी कहते हैं कि वो किसी संविधान से बंधे नहीं हैं। वीके सक्सेना के उपराज्यपाल के पद पर होने को लेकर सवाल उठाते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि कोई व्यक्ति जो यह कहता है कि वो संविधान से बंधा नहीं है वो संवैधानिक पद पर रहे।
मोहल्ला क्लिनिकों में दवाई नहीं होने की बात करते हुए भारद्वाज ने कहा कि कुछ अफसरों ने मोहल्ला क्लिनिकों में दवाई और चिकित्सकों की सैलरी रोक दी है। सीएम ने इसे लेकर एलजी को खत लिखा है। यह एलजी के लिए लिटमस टेस्ट होगा कि वो दिल्ली के गरीब लोगों के साथ हैं या नहीं? अगर एलजी ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ ऐक्शन नहीं लिया तो लोग खुद ही यह समझ जाएंगे कि इन सब के पीछे कौन है।
दरअसल इस खत के संबंध में यह कहा जा रहा है कि डिप्टी सीएम ने एक खत एलजी को लिखा है और कहा है कि कुछ अधिकारियों ने जानबूझ कर मोहल्ला क्लिनिक में तैनात डॉक्टरों की सैलरी रोक कर बड़ी साजिश को अंजाम दिया है। यह साजिश एमसीडी चुनाव से दो महीने पहले रची गई थी। एलजी को लिखे खत में कहा गया है कि अधिकारी दबे जुबान यह कह रहे हैं कि ऐसा उन्ही के निर्देश पर किया गया है।












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