ज्योतिरादित्य सिंधिया और कैलाश विजयवर्गीय के बीच रिश्तों में बढ़ रही गरमाहट

ज्योतिरादित्य सिंधिया और कैलाश विजयवर्गीय की करीबियां इन दिनों मध्य प्रदेश की राजनीति में सुर्खियां बन रही हैं। करीब 10 दिन पहले सिंधिया अपने बेटे के साथ विजयवर्गीय के इंदौर स्थित निवास स्थान पर पहुंच

भोपाल, 6 सितंबर:ज्योतिरादित्य सिंधिया और कैलाश विजयवर्गीय की करीबियां इन दिनों मध्य प्रदेश की राजनीति में सुर्खियां बन रही हैं। करीब 10 दिन पहले सिंधिया अपने बेटे के साथ विजयवर्गीय के इंदौर स्थित निवास स्थान पर पहुंचे थे। शनिवार को दोनों की इंदौर में फिर मुलाकात हुई। दोनों ही अवसरों पर इनके बीच की गर्मजोशी देखने लायक थी। पहली मुलाकात में सिंधिया न अपने बेटे महाआर्यमन को विजयवर्गीय कते पैर छूकर आशीर्वाद लेने को कहा। शनिवार को मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के कार्यक्रम में सिंधिया ने विजयवर्गीय का हाथ पकड़ा और उन्हें मंच पर ले गए। इन मुलाकातोंके राजनीतिक मायने तो निकाले ही जा रहे हैं, लोग इसे एमपीसीए में महाआर्यमन की एंट्री से भी जोड़ कर दिख रहे हैं। कयास लग रहे हैं कि सिंधिया भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रास्ते पर चल रहे हैं। अपने बेटे की पॉलिटिकल लॉन्चिंग से पहले वे क्रिकेट प्रशासन में उनकी ग्रैंड एंट्री की तैयारियों में लग गए हैं।

jyoti

ऐमजॉन पर ग्रेट इंडियन फेस्टिवल जल्द, बंपर छूट, शानदार ऑफर्स |

बीसीआई के सेक्रेटरी हैं अमित शाह के बेटे
अमित शाह के बेटे जय शाह अब तक राजनीति में खास सक्रिय नहीं हैं, लेकिन वे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव हैं। सिंधिया के बेटे महाआर्यमन इस साल अप्रैल महीने में ग्वालियर डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बने हैं। उनका परिवार पहले भी क्रिकेट प्रशासन में सक्रिय रहा है। महाआर्यमन के पिता ज्योतिरीदित्य और दादा माधवराव सिंधिया ने भी पॉलिटिक्स में एंट्री के लिए क्रिकेट को जरिया बनाया था। विजयवर्गीय के साथ ज्योतिरादित्य की करीबियों को इसीलिए महाआर्यमन की लॉन्चिंग से जोड़कर देखा जा रहा है।

एमपीसीए चुनाव से शुरू हुई दुश्मनी
सिंधिया और विजयवर्गीय के बीच राजनीतिक अदावत की शुरुआत भी क्रिकेट प्रशासन से ही हुई थी। झगड़ा तब शुरू हुआ जब विजयवर्गीय ने सिंधिया को एमपीसीए के शीर्ष पद के लिए दो बार चुनौती दी। विजयवर्गीय दोनों बार हार गए, लेकिन सिंधिया को भी चुनाव जीतने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। इस प्रतिद्वंद्विता ने राजनीतिक रंग ले लिया, क्योंकि सिंधिया उस समय कांग्रेस में थे।

हाथ पकड़कर मंच पर ले गए सिंधिया
शनिवार को एमपीसीए ही दोनों के बीच नई-नवेली दोस्ती का गवाह बना। कार्यक्रम मध्य प्रदेश रणजी टीम को खिताबी जीत के लिए पुरस्कार देने के लिए आयोजित किया गया था। कार्यक्रम शुरू हुआ तो सिंधिया मंच पर थे और विजयवर्गीय आगंतुकों के साथ आगे की पंक्ति में बैठे थे। इसी बीच सिंधिया मंच से उतरकर आए और विजयवर्गीय का हाथ पकड़कर मंच पर ले गए। इसके बाद दोनों ने मिलकर खिलाड़ियों को पुरस्कार दिए।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+