रेड लाइट ऑन-गाड़ी ऑफ: अरविंद केजरीवाल सरकार ने LG को दोबारा भेजी फाइल
दिल्ली की सरकार ने एक बार फिर दिल्ली के उपराज्यपाल को ‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ’ अभियान की फ़ाइल भेजी है।
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर: दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने एक बार फिर दिल्ली के उपराज्यपाल को 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान की फ़ाइल भेजी है। इसके पहले जब दिल्ली सरकार ने ये फाइल उपराज्यपाल वीके सक्सेना को भेजी थी तो उन्होंने इसे लौटा दिया था और कहा था कि इस कैंपेन से क्या फायदा होगा इसका कोई पुख्ता सबूत नहीं है। इस तरह से ये फाइल दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के बीच इधर से उधर भेजी जा रही है। इस बार दिल्ली सरकार ने फाइल भेजने के साथ ही इस कैंपन से होने वाले फायदों के बारे में भी बताया है।

दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार दिल्ली के उपराज्यपाल को ये फाइल एक बार फिर ये कहते हुए भेजी है कि 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ अभियान देश के 40 शहरों में चलाए गए। लंदन और अमेरिका में भी ऐसे अभियान चलाए गये।' दिल्ली सरकार ने इस अभियान के पीछे एलजी को अपना तर्क देते हुए कहा कि CRRI के मुताबिक, लाल बत्ती पर महज 20 फीसदी लोग ही अपनी गाड़ी बंद करते हैं और जब ये अभियान चलाया गया तो ये लाल बत्ती पर गाड़ी बंद करने वालों का आंकड़ा 80 फीसदी तक जा पहुंचा।
दिल्ली सरकार ने गिनवाए अभियान के फायदे
दिल्ली सरकार ने इस अभियान के फायदे गिनवाते हुए बताया कि राजधानी दिल्ली में पहली बार इस योजना की शुरुआत 16 अक्टूबर, 2020 को शुरू की गई। इस अभियान के नाम से ही बात स्पष्ट हो जाती है कि ये प्रदूषण को रोकने के लिए चलाया गया अभियान है। इसका उद्देश्य रेड लाइट पर खड़े वाहनों के इंजन बंद करवाने का है। रेड लाइट पर खड़े वाहनों के इंजन बंद होने से धूंए का उत्सर्जन कम होगा जिससे एयर पॉल्यूशन में कमी आएगी। दिल्ली की रेड लाइट पर लोग ग्रीन सिग्नल का इंतजार करते समय अपनी गाड़ी को स्टार्ट रखते हैं इस अभियान ने इसमें कमी लाई थी।












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