Pakistan Central Police: आर्मी के बाद पुलिस भी आएगी Munir के अंडर, क्या है नया बिल? टेंशन में शहबाज!
Pakistan Central Police: पाकिस्तान की पाकिस्तानी सरकार अगले पांच सालों के लिए एक नई नेशनल इंटरनल सिक्योरिटी पॉलिसी 2026-30 (National Internal Security Policy 2026-30) तैयार कर रही है। इस नीति का मकसद देशभर में पुलिसिंग को और ज्यादा सेंट्रलाइज बनाना, प्रांतों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने की व्यवस्था मजबूत करना, अपराध से जुड़े डेटा को एक प्लेटफॉर्म पर लाना और आतंकवाद की फंडिंग पर रोक लगाना बताया जा रहा है। पर असल में आर्मी को कंट्रोल करने के बाद अब आसिम मुनीर पाकिस्तान की पुलिस पर भी अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं। ताकि भविष्य उनके खिलाफ होने वाले प्रदर्शन और विरोधों को वे अपनी मर्जी से कुचल सकें।
दिखावे के लिए पुलिस प्रमुखों से मांगे गए सुझाव
इस नई नीति को अंतिम रूप देने से पहले पाकिस्तान पाकिस्तानी सरकार ने आसिम मुनीर के इशारे पर सभी प्रांतों के पुलिस विभागों से सुझाव मांगे हैं। हालांकि इन्हें गुप्त रखा जाएगा ताकि लीक होने पर ये न पता चल सके कि असली सुझाव कौन से थे। वहीं, इस महीने के आखिर में नेशनल पुलिस मैनेजमेंट बोर्ड (NPMB) की एक विशेष बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें देशभर के पुलिस प्रमुख हिस्सा लेंगे। इस बैठक में पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के पुलिस महानिदेशकों (IGPs) के अलावा PoK के पुलिस प्रमुख भी शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि ये पॉलिसी मुनीर अपने हिसाब से तैयार करवा रहे हैं।

नेशनल पुलिस ब्यूरो को मिलेगा बड़ा रोल
गृह मंत्रालय (Interior Ministry) ने कुछ रिटायर और वर्तमान पुलिस अधिकारियों द्वारा तैयार किए गए सुझावों का एक सेट सभी पुलिस प्रमुखों के साथ साझा किया है। इन सुझावों पर NPMB की बैठक में चर्चा होगी।
इस पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व नेशनल पुलिस ब्यूरो (NPB) कर रहा है, जिसके प्रमुख फिलहाल फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) के महानिदेशक डॉ. उस्मान अनवर हैं जो कि आसिम मुनीर के खास हैं। नई नीति के तहत NPB को पहले से कहीं अधिक अधिकार और जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है। पाकिस्तानी सरकार चाहती है कि भविष्य में पुलिस सुधार, राष्ट्रीय रणनीतियों और कानून-व्यवस्था से जुड़े बड़े फैसलों में NPB केंद्रीय भूमिका निभाए।
फील्ड मार्शल असीम मुनीर की यात्रा के बाद बढ़ी चर्चा
इस नई नीति की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि जनवरी 2026 में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने नेशनल पुलिस अकादमी का दौरा किया था। उस दौरान उन्होंने कहा था कि देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून के शासन को मजबूत बनाए रखने के लिए एक "मजबूत, पेशेवर और जनता केंद्रित पुलिस बल" बेहद जरूरी है। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान के Security Establishment ने भी मुनीर की इस नई दादागीरी को पूरा समर्थन दिया है।
क्या-क्या बदलाव लाने की तैयारी?
रिपोर्ट मुताबिक मुनीर के निर्देश पर नई नीति में कई बड़े बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण है गिलगित-बाल्टिस्तान में एक अलग काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) की स्थापना। इसके अलावा पूरे देश के पुलिस रिकॉर्ड को सेंट्रलाइज करने और अपराध संबंधी डेटा को राष्ट्रीय स्तर पर जोड़ने का प्रस्ताव भी शामिल है।
बैठक में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
कहा जा रहा है कि NPMB बैठक में कई अहम विषयों पर विचार किया जाएगा। जिसमें पुलिस कैसे, किसको रिपोर्ट करेगी ये पूरा हिसाब-किताब बदल सकता है। पुलिस राज्यों के कंट्रोल से निकलकर आर्मी अफसरों के अधीन होने की संभावना भी जताई जा रही है। जिसके बाद विधायक, सांसद से लेकर मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों तक के नेताओं का पुलिस से जोर खत्म हो जाएगा और पूरी पुलिस मुनीर के अंगूठे तले चलेगी। दिखावे के लिए गिलगित-बाल्टिस्तान और बलूचिस्तान में CTD जैसे खास डिपार्टमेंट खोले जा सकते हैं। जो स्थानीय विरोध को समय-समय पर कुचलते रहेंगे।
क्या बनेगा 'पाकिस्तान पुलिस का GHQ'?
इसकी मीटिंग में मुनीर के एक करीबी अधिकारी की तरफ से एक और दिलचस्प सुझाव दिया गया। उनका कहना है कि जिस तरह पाकिस्तान सेना के लिए जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) काम करता है, उसी तरह NPB को पूरे देश की पुलिस के लिए हेडक्वार्टर की भूमिका निभानी चाहिए। मतलब रावलपिंडी अब सेना के बाद पुलिस का भी मुख्यालय हो सकता है।
क्या पाकिस्तान 'हार्ड स्टेट' मॉडल की ओर बढ़ रहा है?
पाकिस्तान की पुलिस की मौजूदा व्यवस्था में कई सालों से आर्मी और स्थानीय नेताओं के इशारे पर चल रही है। लेकिन इसमें सेना का सीधा दखल कम रहा है। अगर ये बिल पास होता है तो पुलिस भी अपनी मर्जी की मालिक होगी और आर्मी की तरह व्यवहार करेगी। आने वाले समय में पुलिस का इस्तेमाल बड़े स्तर पर विपक्ष को खत्म करने, विद्रोह को दबाने, पब्लिक प्रोटेस्ट को तोड़ने के लिए किया जा सकता है।
आपकी इस मामले पर क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।















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