Gullak Season 5 Review: बदलते वक्त, नए सपने और वही अपनापन, क्या मिश्रा परिवार इस बार भी जीत पाएगा दिल?
वेब सीरीज: गुल्लक सीजन 5 (Gullak Season 5)
स्टारकास्ट: जमील खान, गीतांजलि कुलकर्णी, अनंत वी. जोशी, हर्ष मायर, सुनीता राजवर, हेली शाह
डायरेक्टर: श्रेयांश पांडे और अभय राउत
ओटीटी प्लेटफॉर्म: सोनी लिव (SonyLIV)
एपिसोड: 7
स्टार: 3 (***)
Gullak Season 5 Review: ओटीटी की दुनिया में जहां बड़े बजट, क्राइम थ्रिलर और हिंसा से भरे कंटेंट का बोलबाला है, वहीं 'गुल्लक' ने हमेशा अपनी सादगी और वास्तविकता के दम पर अलग पहचान बनाई है। छोटे शहर के एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार की रोजमर्रा की जिंदगी को इतने सहज और खूबसूरत तरीके से पेश करने वाली ये सीरीज दर्शकों के दिलों में खास जगह बना चुकी है। अब इसका 5वां सीजन भी रिलीज हो चुका है, जो एक बार फिर मिश्रा परिवार की दुनिया में दर्शकों को लेकर जाता है।

क्या है 'गुल्लक सीजन 5' बेव सीरीज की कहानी?
-'गुल्लक सीजन 5' की शुरुआत ही इस बात का संकेत दे देती है कि वक्त अब मिश्रा परिवार की जिंदगी में भी बदलाव लेकर आया है। घर की पुताई हो रही है, तकनीक ने घर के कोनों तक अपनी जगह बना ली है और परिवार के हर सदस्य की सोच पहले से कुछ अलग दिखाई देती है।
-संतोष मिश्रा अब अपने परिवार के लिए बड़े घर का सपना पूरा करने की कोशिश में जुटे हैं। दूसरी ओर बड़ा बेटा अन्नू जिंदगी के व्यावहारिक फैसलों और भावनाओं के बीच संतुलन बनाने की चुनौती से जूझ रहा है। वहीं छोटा बेटा अमन अपने भविष्य को लेकर नए-नए रास्ते तलाशने में लगा हुआ है।
-इन सबके बीच अगर कोई किरदार अपनी मूल पहचान में कायम है, तो वह हैं शांति मिश्रा। परिवार की धुरी बनी शांति आज भी उसी समर्पण और जिम्मेदारी के साथ घर को संभालती नजर आती हैं।
पड़ोस की कहानी भी बनी दिलचस्प
-गुल्लक सीजन 5 में पड़ोस की चर्चित शख्सियत बिट्टू की मम्मी भी एक बार फिर कहानी का अहम हिस्सा हैं। इस बार उनका किरदार सोशल मीडिया और बदलते सामाजिक नजरिए के साथ आगे बढ़ता दिखाई देता है।
-महिलाओं की पहचान, घरेलू जिम्मेदारियों और समाज में उनकी भूमिका जैसे विषयों को कहानी में शामिल करने की कोशिश की गई है। हालांकि ये ट्रैक दिलचस्प जरूर है लेकिन कई जगहों पर इसकी धार उतनी प्रभावशाली महसूस नहीं होती जितनी पिछले सीजनों में देखने को मिली थी।
कहानी में अपनापन बरकरार लेकिन ताजगी थोड़ी कम
-'गुल्लक' की सबसे बड़ी ताकत हमेशा से उसकी सादगी रही है। यही वजह है कि दर्शक खुद को मिश्रा परिवार के साथ जुड़ा हुआ महसूस करते हैं। सीजन 5 में भी वही घरेलू माहौल, छोटे-छोटे संघर्ष और रिश्तों की गर्माहट मौजूद है।
-हालांकि इस बार कहानी कई जगहों पर पुराने फॉर्मूले को दोहराती हुई नजर आती है। कुछ घटनाएं और सब-प्लॉट ऐसे लगते हैं जैसे उन्हें पहले के सफल सीजनों की लोकप्रियता को दोबारा भुनाने के लिए जोड़ा गया हो। यही कारण है कि भावनात्मक रूप से प्रभावित करने वाले कई दृश्य अपेक्षित असर छोड़ने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाते। फिर भी सीरीज अपनी सहजता और ईमानदारी के कारण दर्शकों को बांधे रखने में कामयाब रहती है।
नया अन्नू मिश्रा कितना असर छोड़ता है?
सीजन 5 का सबसे बड़ा सवाल यही था कि अन्नू मिश्रा के किरदार में नए अभिनेता को दर्शक कितना स्वीकार करेंगे। अनंत वी. जोशी इस चुनौती को काफी हद तक सफलतापूर्वक निभाते हैं। शुरुआत में बदलाव महसूस जरूर होता है लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, वो किरदार के साथ सहज होते चले जाते हैं। उनकी मौजूदगी दर्शकों को पुराने अन्नू की कमी ज्यादा महसूस नहीं होने देती।
वेब सीरीज की स्टारकास्ट और उनका दमदार अभिनय
-जमील खान एक बार फिर संतोष मिश्रा के किरदार में पूरी तरह रचे-बसे नजर आते हैं। उनका अभिनय इतना स्वाभाविक है कि कई बार लगता है जैसे वह एक्टिंग नहीं बल्कि असली जिंदगी जी रहे हों।
-गीतांजलि कुलकर्णी ने शांति मिश्रा के रूप में फिर साबित किया है कि क्यों ये किरदार दर्शकों का पसंदीदा बना हुआ है। हर्ष मायर अपने चिर-परिचित अंदाज में प्रभाव छोड़ते हैं जबकि सुनीता राजवर ने बिट्टू की मम्मी के रूप में एक बार फिर शानदार काम किया है। सहायक कलाकारों ने भी कहानी को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई है और पूरी कास्ट मिलकर सीरीज को विश्वसनीय बनाती है।
तकनीकी पक्ष भी मजबूत
निर्देशन की बात करें तो सीरीज अपनी मूल भावना से भटकती नहीं है। कहानी को जरूरत से ज्यादा नाटकीय बनाने की बजाय वास्तविकता के करीब रखने की कोशिश की गई है। कैमरा वर्क, बैकग्राउंड म्यूजिक और लोकेशन डिजाइन भी छोटे शहर के माहौल को जीवंत बनाने में सफल रहते हैं। यही वजह है कि दर्शक खुद को मिश्रा परिवार की दुनिया का हिस्सा महसूस करते हैं।
इस वेब सीरीज को देखें या नहीं?
अगर आप 'गुल्लक' के पुराने सीजनों के फैन रहे हैं तो सीजन 5 भी आपको निराश नहीं करेगा। हालांकि ये सीजन भावनात्मक प्रभाव और ताजगी के मामले में अपने सर्वश्रेष्ठ सीजनों तक नहीं पहुंचता लेकिन फिर भी इसमें वही अपनापन, सादगी और घरेलू गर्माहट मौजूद है जिसने इस सीरीज को खास बनाया है। ये सीजन बिल्कुल वैसा ही एहसास देता है जैसा वसालों बाद किसी पुराने गुल्लक को तोड़ने पर मिलता है, शायद उम्मीद से कम सिक्के निकलें लेकिन चेहरे पर मुस्कान फिर भी आ जाती है।
'गुल्लक सीजन 5' कोई क्रांतिकारी बदलाव नहीं लाता लेकिन ये अपने मूल स्वभाव के प्रति ईमानदार रहता है। मिश्रा परिवार की छोटी-छोटी खुशियां, संघर्ष और रिश्तों की मिठास आज भी दर्शकों को आकर्षित करती हैं। अगर आप हल्के-फुल्के, परिवार के साथ बैठकर देखे जाने वाले कंटेंट की तलाश में हैं, तो ये सीजन आपके वीकेंड को खूबसूरत बना सकता है।












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