राजस्थान का पहला डिजिटल स्कूल : विधार्थियों, अभिभावकों व शिक्षकों का सारा कामकाज ऑनलाइन
जयपुर, 20 जून। राजस्थान के सरकारी स्कूल न केवल अब अंग्रेजी मीडियम होने लगे हैं बल्कि पूरी तरह हाईटेक भी होने लगे है. प्रदेश सरकार के शिक्षा विभाग ने अपने महात्मा गांधी अंग्रेजी मीडियम स्कूलों को पूरी तरह ऑनलाइन करने का सपना देखा है. इस सपने को साकार करने लिए प्रायोगिक तौर पर राजधानी जयपुर के महात्मा गांधी स्कूल पर यह प्रयोग किया गया और अब सरकार का यह स्कूल नई इबारत लिख रहा है.

राजस्थान में सरकारी स्कूलों को लेकर लोगों की सोच में परिवर्तन लाने और शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार करते हुए राजस्थान की सरकार तीन हजार जनता की आबादी पर एक अंग्रेजी मीडियम स्कूल खोलती जा रही है. राज्य में लगातार अंग्रेजी मीडियम स्कूल खुल रहे है. ना केवल अंग्रेजी मीडियम बल्कि इन स्कूलों को निजी स्कूल से भी आगे की और सोचते हुए इन स्कूलों को पूरी तरह हाईटेक और ऑनलाइन बनाने का का प्लान बनाया है.
इसके लिए सरकार ने प्रायोगिक तौर पर राजधानी जयपुर के मानसरोवर में स्थित महात्मा गांधी स्कूल को हाईटेक बनाने का काम किया है. बच्चों से लेकर शिक्षक और अभिभावक सब लोगों को विद्यार्थी दर्पण नामक एप के जरिए आपस में जोड़ दिया है. इससे न केवल एडमिशन की प्रक्रिया सम्पन्न हो रही है बल्कि रोजाना के अपडेट और क्लासेज भी अटेंड कर पा रहे हैं.
यह राज्य का ऐसा पहला स्कूल है जहां सारे कामकाज ऑनलाइन करने की और कार्य किया गया है और वो सफल हो गया है. महात्मा गांधी स्कूल मानसरोवर की प्रिंसिपल अनु चौधरी का कहना है कि स्कूल का कामकाज ऑनलाइन होने से विधार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को कामकाज में खासी आसानी हुई है.
इस स्कूल के ऑनलाइन होने से ना केवल स्कूल का स्टॉफ बल्कि अभिभावकों को भी खासी राहत मिली. अभिभावकों का कहना है कि स्कूल में कोरोना काल में सरकारी स्कूल होते हुए भी हमारे बच्चों की ऑनलाइन क्लासेज चलती रही, जबकि अन्य सरकारी स्कूलों में यह सुविधा न होने से बच्चों को स्टडी का काफी नुकसान हुआ. वहीं एडमिशन प्रक्रिया के लिए स्कूलों में लगने वाली लंबी लाइनों में भी अभिभावकों को नहीं लगना पड़ा. एडमिशन की सारी प्रक्रिया घर बैठे ही विधार्थी दर्पण एप से पूरी हो सकी.
बहरहाल, सरकारी स्कूल में बेहतर शिक्षा मिले तो कौन अभिभावक होगा जो अपने बच्चों को महंगी फीस वसूलने वाले स्कूलों में पढ़ने भेजेगा. निश्चित तौर पर सरकार के द्वारा सरकारी स्कूलों को ऑनलाइन करने का प्रोजेक्ट काबिले तारीफ है. मगर इस प्रोजेक्ट में शिक्षा की गुणवत्ता मेंटेन रहे और सही मायनों में इस सेवा का लाभ नौनिहालों को मिल सके तभी इस प्रोजेक्ट को सफल माना जाएगा.












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