Rajasthan: 'चुनाव जीतने के लिए एजेंसियों का दुरुपयोग', सीएम गहलोत का बीजेपी पर हमला
Rajasthan: सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि पब्लिक मेरे साथ है, पब्लिक चाहेगी तो मैं कुछ बनूंगा, या नहीं बनूंगा। पार्टी हाईकमान ने मुझपर इतना भरोसा किया है कि मैं तीसरी बार सीएम बना हूं। मेरा फर्ज बनता है कि जब देश संकट में है, लोकतंत्र पर खतरा है, उस वक्त में मैं राजस्थान में सरकार बनाकर दिखाऊं। ये मेरी ख्वाहिश है। गहलोत ने कहा कि मैं 156 सीटों का टारगेट लेकर चल रहा हूं। जब मैं पहली बार मुख्यमंत्री बना था तब भी मुझे 156 सीटों का समर्थन था।

उन्होंने कहा कि बीजेपी वाले पूरी तरह से घबराए हुए हैं। वह सरकार बदलने के लिए ईडी, सीबीआई की मदद ले रहे हैं। धीरे-धीरे बीजेपी और RSS के लोगों को भी सच्चाई समझ में आ रही है कि किस तरह से एजेंसियों का दुरुपयोग चुनाव जीतने के लिए किया जा रहा है। बीजेपी के सांसदों के अंदर आज इतना असंतोष है कि वह बोल नहीं पा रहे हैं। राजसथान के सांसद अपनी उलपब्धि बता नहीं सकते हैं। एआरपीसी की योजना को मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत घोषित नहीं करवा पाए। इससे समझ सकते हैं कि बीजेपी के सांसदों की क्या हालत है।
भाजपा की सरकार केंद्र में आने वाली नहीं है
अशोक गहलोत ने कहा कि पहली बात तो कोई लाल डायरी है ही नहीं और ना कभी थी। दरअसल भाजपा के लोग इतने घबराए हुए हैं कि इनकी सरकार केंद्र में आने वाली नहीं है। राजस्थान के अंदर की इनकी लोकप्रियता खत्म हो चुकी है। पब्लिक से भी ऐसी आवाज आने लगी है। तो ये लोग लगातार जैसे मणिपुर की घटना है उसपर चुप हैं। मणिपुर में रेप की घटना को लेकर पूरी दुनिया में बदनामी हुई। सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया तो प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं छत्तीसगढ़, राजस्थान और मणिपुर के मुख्यमंत्री को कहना चाहूंगा कि महिलाओं का ख्याल रखें।
मेरे एक मंत्री को मोहरा बनाया गया
जरा सोचिए कैसी राजनीति है। मणिपुर का कहां संवेदनशील मामला था, लेकिन पीएम छत्तीसगढ़, राजस्थान का नाम ले रहे थे। इस बात को पूरे देश के लोगों ने पसंद नहीं किया। मेरे एक मंत्री को मोहरा बनाया गया। पिछले छह आठ महीने में षडयंत्र करके हमारे मंत्री हमारे खिलाफ बोलने लगे। पीएम के बयान से साफ है कि हमारे उस मंत्री (राजेंद्र सिंह गुढ़ा) उन्हीं की भाषा बोलने लगे। लाल डायरी जैसी कोई चीज है ही नहीं। मणिपुर के मुद्दों को भटकाने के लिए लाल डायरी लाया गया है।
गहलोत ने कहा कि वह सचिन पायलट के साथ मिलकर चुनाव में उतर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में मल्लिकार्जुन खरगे के सामने सारी बातें हो चुकी हैं। उसके बाद भी मीडिया में ये प्रश्न बार बार आते रहते हैं। सबको मिलकर लड़ना ही है। जो देश के हालात हैं इसलिए मिलकर लड़ना ही है। मोदी जी का नारा था कांग्रेस मुक्त भारत का, उनको यह बोलना बंद करना पड़ा। सरकार बनाना एक बात है, लेकिन कांग्रेस की जो नीति और सिद्धांत है वह संविधान की मूल भावना के अनुरूप है।












Click it and Unblock the Notifications