चिरंजीवी योजना: सीएम गहलोत ने निजी अस्पतालों से की ये खास अपील, देखें Tweet
राजस्थान की गहलोत सरकार ने कर्मचारियों को राजस्थान सरकार हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) से जोड़ा है। प्रदेश के 29 जिलों के 537 निजी अस्पताल इस योजना से जुड़ चुके हैं।

Rajasthan: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सभी निजी अस्पतालों से सरकार की महत्वपूर्ण एवं जनकल्याणकारी चिरंजीवी एवं आरजीएचएस योजना का बहिष्कार वापस लेने की अपील की है ताकि जरूरतमंदों की परेशानी खत्म हो सके। गहलोत ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह अपील करते हुए कहा कि मानवीय दृष्टिकोण से भी यह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि मेरी सभी निजी अस्पतालों से अपील है कि चिरंजीवी योजना एवं आरजीएचएस का बहिष्कार वापस लें जिससे जरूरतमंदों की परेशानी खत्म हो सके।
उन्होंने कहा कि कोविड मैनेजमेंट से लेकर चिरंजीवी योजना तक राजस्थान को देश के सामने हेल्थ का मॉडल स्टेट बनाने में सरकारी के साथ निजी अस्पतालों एवं डॉक्टर्स की भूमिका भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राइट टू हेल्थ के संबंध में निजी अस्पतालों की सभी शंकाओं का निराकरण किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि निजी अस्पतालों ने राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में पिछले तीन-चार दिन से चिरंजीवी और आरजीएचएस योजनाओं का बहिष्कार कर रखा है।
आपको बता दें कि सरकार ने कर्मचारियों को राजस्थान सरकार हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) से जोड़ा। पूर्व में पेंशनर्स के लिए डायरी व्यवस्था थी और कार्यरत कर्मचारियों के लिए भी अलग अलग योजना चलती थी जिसके तहत उन्हें बिल पेश करने पड़ते थे और बाद में रुपए वापस मिल जाते। लेकिन अब सरकारी कर्मचारियों के लिए आरजीएचएस कार्ड बना दिए गए हैं। इसके तहत वे रजिस्टर्ड अस्पतालों में गंभीर से गंभीर बीमारी का इलाज निशुल्क करवा सकते हैं और रजिस्टर्ड दवाई की दुकानों से निशुल्क दवा भी ले सकते हैं। यह सरलीकरण कर्मचारियों के लिए काफी फायदेमंद है। हालांकि प्रदेश के 29 जिलों के 537 निजी अस्पताल इस योजना से जुड़ चुके हैं।












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