'किसी भी राज्य के साथ एक बूंद भी पानी नहीं करेंगे साझा', पंजाब कैबिनेट की आपात बैठक के बाद सीएम मान
एसवाईएल नगर जल विवाद पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान दो टूक जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि किसी भी राज्य के साथ पानी साझा ना करने की बात कही है। ये बाद सीएम मान ने कैबिनेट की एक आपात बैठक में गई। दरअसल, पंजाब की आम आदमी पार्टी नेतृत्व वाली सरकार ने SYL नहर मुद्दे के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मंत्रिमंडल की बाटक बुलाई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि पंजाब में सतलज-यमुना लिंक (SYL) नहर के निर्माण के लिए जमीन का सर्वेक्षण कराया जाए। जिससे ये पता चल सकेगा कि कितना काम हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार से सर्वेक्षण में केंद्र सरकार का सहयोग करने को कहा है। अदालत ने एसवाईएल मुद्दे पर पंजाब सरकार से कहा कि इस विवाद को सुलझाने की दिशा में काम करना चाहिए। पंजाब सरकार से शीर्ष अदालत ने कहा कि एसवाईएल नहर विवाद मामले में कोई सख्त आदेश जारी करने पर मजबूर ना किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद पैदा हुई स्थिति पर गुरुवार (05 सितंबर) को पंजाब कैबिनेट की बैठक हुई। जिसमें मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाने पर चर्चा हुई। बैठक को लेकर सीएम मान ने कहा, "बैठक में एसवाईएल मुद्दे पर भी चर्चा की गयी। किसी भी अन्य राज्य के साथ किसी भी कीमत पर एक बूंद भी अतिरिक्त पानी साझा नहीं किया जाएगा...जल्द ही राज्य विधानसभा के मानसून सत्र को बुलाए जाने पर भी चर्चा की गयी...कई जन हितैषी फैसलों को भी मंजूरी दी गयी.''
मान ने कहा कि मंत्रिमंडल बैठक में एजी पद के लिए गुरमिंदर सिंह के नाम को स्वीकृति दे दी गयी. उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, "आज पंजाब कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई गई...जिसमें नए AG को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी...नए AG के तौर पर गुरमिंदर सिंह के नाम पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी। साथ ही बैठक में एसवाईएल के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। किसी भी कीमत पर एक बूंद भी अतिरिक्त पानी किसी भी राज्य को नहीं दिया जाएगा। जल्द ही मानसून सत्र बुलाने पर भी विचार किया गया। कई अन्य जनहितैषी फैसलों को भी मंजूरी दी गई।"












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