पंजाब: नई ट्रांसपोर्ट एंड लेबर पॉलिसी पहुंची कोर्ट में, सरकार को मिला समय
चंडीगढ़। पंजाब सरकार की ओर से 23 अगस्त को जारी नई ट्रांसपोर्ट एंड लेबर पॉलिसी पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से यथास्थिति बनाए रखने के आदेश बरकरार रखे गए हैं। पंजाब सरकार ने दाखिल याचिकाओं के जवाब दिए लेकिन कुछ याचिकाओं में अभी जवाब दाखिल नहीं हुए थे जिस पर सरकार के अधिवक्ता ने कोर्ट से समय की मांग की जिस पर बैंच ने सरकार को समय देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी।

पंजाब सरकार को हाईकोर्ट में उक्त पॉलिसी के खिलाफ दाखिल हुई सभी करीब 40 याचिकाओं पर जवाब दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने पंजाब सरकार के प्रिंसीपल सैक्रेटरी, डी.सी. मलेरकोटला (जोकि टैंडर कमेटी के चेयरमैन भी हैं) और खाद्य व आपूॢत विभाग के निदेशक सहित स्टेट कंज्यूमर अफेयर कमेटी के सचिव को नोटिस जारी करते हुए जवाब-तलब किया था।
बता दें कि, पिछले दिनों पंजाब सरकार की ओर से 23 अगस्त को जारी नई ट्रांसपोर्ट एंड लेबर पॉलिसी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी जवाब तलब करते हुए मामले में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि अगले आदेश तक इस नीति के तहत किसी तीसरे पक्ष को शामिल न किया जाए। वहीं, याचिकाकर्ता जगदंबे फूड एग्रो कंपनी अबोहर और अन्य ने एडवोकेट चेतन मित्तल के माध्यम से दायर याचिका में बताया कि फरवरी 2022 में कांग्रेस सरकार ने पंजाब लेबर एंड कार्टेज पॉलिसी 2022 व पंजाब फूडग्रेन ट्रांसपोर्ट पॉलिसी 2022 नोटिफाइड की थी। इसके तहत याची को 25 फरवरी को मालेरकोटला जिले में उक्त कार्य के लिए टेंडर जारी हुआ था। इसकी अवधि 31 दिसंबर 2022 तक है और कंपनी 50 प्रतिशत काम कर चुकी है। बकाया आने वाले सीजन में किया जाना है जिसकी तैयारी हो चुकी है। ट्रांसपोर्ट और लेबर का चयन भी कर लिया गया है जिन्हें हायर किया जा चुका है।
बहरहाल, पंजाब की नई ट्रांसपोर्ट एंड लेबर पॉलिसी पर हाईकोर्ट की अगली सुनवाई में कुछ फैसला आ सकता है।












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