अब अस्पताल में डॉक्टरों या स्टाफ को तंग करना पड़ेगा भारी, पंजाब सरकार ने उठाया यह कदम
जालंधर। कुछ दिन पहले सिविल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लगातार डाक्टरों व स्टाफ से बदतमीजी करने के मामलों में बढ़ौतरी के बाद डॉक्टरों व स्टाफ खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे थे। इसका कारण यह था कि अस्पताल में पंजाब पुलिस के जवान मात्र 2 ही रह गए थे।
इस बात की जानकारी मिलने के बाद सिविल सर्जन डा. रमन शमा के प्रयासों के चलते अब अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था में बढ़ौतरी हो गई है। अस्पताल में अब 5 पुलिस जवानों को तैनात कर दिया गया है। कुल मिलाकर अब होमगार्ड जवानों के अलावा अस्पताल में 14 पुलिस जवान तैनात हो गए हैं। इस बात को लेकर डॉक्टरों व स्टाफ में दहशत का माहौल खत्म हो गया है, क्योंकि यदि कल को कोई अपने साथियों के साथ हंगामा या बदतमीजी करता है तो दर्जनों के हिसाब से तैनात पुलिस जवान उन्हें कट्रोल करने से पीछे नहीं हटेंगे।

सिविल सर्जन डा. रमन शर्मा, मेडिकल सुपरिटेंडेंट (एम.एस.) डा. राजीव शर्मा, सीनियर मैडिकल ऑफिसर डा. रमन गुप्ता, डा. ज्योति शर्मा, डा. मनीषा, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता दिनेश ढल्ल, समाज सेवक नवदीप मदान नैडी के साथ एस.एच.ओ. नं 4 मुकेश शर्मा भी एमरजेंसी वॉर्ड सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए पहुंचे। सिविल सर्जन डा. रमन तथा एम.एस. डा. राजीव ने कहा कि डॉक्टरों की सुरक्षा के प्रति वह बेहद गंभीर है। इसके तहत अस्पताल में सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाने के साथ अब डॉक्टर रूम में भी सी.सी.टी.वी. कैमरा लगाया जाएगा ताकि बदतमीजी करने वाले कैद हो जाए।
विधायक रमन अरोड़ा भी थे डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर चिंतित
आम आदमी पार्टी के विधायक रमन अरोड़ा जैसे ही कुछ दिन पहले सिविल अस्पताल पहुंचे तो वह भी डॉक्टरों व स्टाफ की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। अस्पताल अधिकारियों ने उनके नोटिस में मामला लाया ताकि पुलिस जवानों की कमी को पूरा किया जा सके। विधायक रमन अरोड़ा ने तुरंत पुलिस कमिश्नर गुरशरण सिंह संधू के साथ फोन पर बात कर अस्पताल में सुरक्षा बढ़ाने की बात रखी। इसके बाद 5 पुलिस जवान और अस्पताल में और तैनात कर दिए।












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