योगी प्रशासन में महिलाओं पर होते हैं अत्याचार, आप झूठे दावों में रहते हैं व्यस्त: प्रियंका गांधी
लखनऊ, 12 फरवरी: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल काफी तेज देखने को मिल रही है। प्रदेश में पहले चरण का मतदान भी संपन्न हो चुका है। अब दूसरे चरण के मतदान की तैयारी हो रही है। गौरतलब है कि यूपी में दूसरे चरण का मतदान 14 फरवरी को 9 जिलों की 55 सीटों पर होगा। फिलहाल इसे लेकर तमाम राजनीतिक पार्टिया पूरे जोश के साथ जनसमर्थन जुटाने में लगी हुई हैं। वहीं दूसरे चरण के प्रचार के आखिरी दिन कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी ने उन्नाव में कथित हत्या मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला बोला।

उन्नाव में जो घटा वो उत्तर प्रदेश में नया नहीं है
प्रियंका गांधी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि, "उन्नाव में जो घटा वो उत्तर प्रदेश में नया नहीं है। एक दलित लड़की की मां अपनी बेटी का पता लगाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटरी रही, अंत में उसको अपनी बेटी की शव मिला। प्रशासन ने उसकी एक नहीं सुनी। भाजपा को इस मुद्द पर राजनीति करन की बजाय जवाब देना चाहिए कि प्रशासन क्यों उस मां को जनवरी से दौड़ाता रहा? किसी ने उस बिटिया की मां की गुहार नहीं सुनी।"
प्रियंका ने कानून-व्यवस्था को लेकर सीएम योगी पर साधा निशाना
प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि, "योगी आदित्यनाथ जी आप अपने भाषणों में कानून व्यवस्था की बात करना छोड़ दीजिए। आपके प्रशासन में महिलाओं को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ता है, महिलाओं पर अत्याचार होने पर उनकी आवाज नहीं सुनी जाती। महिलाओं पर अत्याचर कर उनकी हत्या कर दी जाती है और आप झूठे दावों में व्यस्त रहते हैं।"
ये है उन्नाव मामला
उन्नाव के सदर कोतवाली क्षेत्र में रहने वाली एक दलित महिला की बेटी बीते 8 दिसंबर 2021 से लापता थी। बेटी के हायब होने पर माता पिता ने 9 दिसंबर को ही पूर्व मंत्री के बेटे रजोल सिंह के खिलाफ तहरीर देते हुए बेटी के अपहरण का मुकदमा दर्ज करवाया था। वहीं मामला में सपा के पूर्व राज्यमंत्री और कद्दावर नेता रहे फतेहबहादुर के बेटे का नाम होने के कारण पुलिस लगातार मामले में देरी कर रही थी। बेटी लापता होने के बाद कोई ठोस कदम न उठाएं जाने और आरोपी राजोल सिंह के खुलेआम घूमने को लेकर पीड़िता की मां कई बार आला अधिकारियों से मिली लेकिन कार्रवाई के नाम पर सब कुछ शून्य रहा। कुम्भकर्णी नींद में सो रहे अधिकारियों से परेशान मां अफसरों के चौखट पर न्याय की गुहार लगाती रही लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी थी।
मृतका की मां ने आत्मदाह की कोशिश की थी
अंत मां जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो 24 जनवरी को लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की गाड़ी के आगे कूदकर पीड़ित की मां ने आत्मदाह की कोशिश की थी।
मामले पर राजनीति शुरू
वहीं, मामले को लेकर जमकर राजनीति भी शुरू हो गई है.बहुजन समाज पार्टी की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा, "उन्नाव जिले में सपा नेता के खेत में दलित युवती का दफनाया हुआ शव बरामद होना अति-दुखद व गंभीर मामला है। परिवार वाले पहले से ही उसके अपहरण व हत्या को लेकर सपा नेता पर शक कर रहे थे। राज्य सरकार पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए दोषियों के खिलाफ तुरन्त सख्त कानूनी कार्रवाई करे।"












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