40 दिन MLA रहने पर पेंशन तो 40 साल के कर्मचारी को क्यों नहीं? AAP सांसद संजय सिंह ने पूछा
दिल्ली के रामलीला मैदान में पुरानी पेंशन बहाली की मांग के समर्थन में हजारों सरकारी कर्मचारी एकत्र हुए हैं। ये विरोध नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (NMOPS) के बैनर तले हो रहा है। विरोध में शामिल कर्मचारियों का कहना है देश के चार राज्यों ने ओपीएस को फिर से लागू करने की घोषणा कर दी है। ऐस में केंद्र इस पर निर्णय क्यों नहीं ले रहा है। रामलीला मैदान में एकत्र हुए कर्मचारियों का आम आदमी पार्टी ने समर्थन किया है।
पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग के समर्थन में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने ओपीएस की बहाली ना करने पर केंद्र सरकार से सवाल पूछा है। उन्होंने कहा है कि अगर 40 दिन तक एमएलए या फिर एमपी रहने पर पेंशन मिलती है तो सरकारी कर्मचारियों के लिए ये व्यवस्था क्यों लागू नहीं हो सकती।

उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "देश के कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। 40 दिन विधायक सांसद रहने वाले को पूरी जिंदगी पेंशन, तो 40 साल काम करने वाले कर्मचारी को पेंशन क्यों नही? अरविंद केजरीवाल का नारा है जहाँ AAP का शासन वहाँ पुरानी पेंशन।"
वहीं सरकारी कर्मचारियों की इस मांग का दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने भी समर्थन किया है। उन्होंने एक्स लिखा, "हम ओपीएस को वापस लाने की सरकारी कर्मचारियों की मांग का पुरजोर समर्थन करते हैं। एनपीएस कर्मचारियों के साथ अन्याय है। हमने पंजाब में ओपीएस लागू किया है और दिल्ली सरकार के कर्मचारियों के लिए इसे लागू करने के लिए केंद्र को लिखा है। कुछ अन्य गैर-भाजपा सरकारों ने भी ओपीएस लागू किया है।"
वहीं नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के नेता विजय कुमार बंधु ने कहा, "हमने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को वापस लाने का आह्वान किया था और हमने अपने संघर्ष से कई राज्यों में ओपीएस को सफलतापूर्वक वापस लाया है। हमारी टीम का मानना था कि अगर केंद्र सरकार इस (ओपीएस) की पुष्टि करती है, तो जिम्मेदारी राज्य सरकार पर नहीं होगी। यही कारण है कि हम दिल्ली के रामलीला मैदान आए।"












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